Ramadan 2021: इस तारीख से शुरू हो रहा है बरकतों का महीना रमजान, जानें कब है पहला रोजा

Ramadan 2021: रमजान का महीना 13 अप्रैल से शुरू होने की उम्मीद है.

Ramadan 2021: रमजान का महीना 13 अप्रैल से शुरू होने की उम्मीद है.

Ramadan 2021: रमजान के महीने में 29 या 30 दिन के रोजे (Roza) रखे जाते हैं और इबादत (Worship) की जाती है. इस एक महीने तक लोग सुबह सूरज निकलने से पहले सेहरी (Sehri) करते हैं और शाम को सूरज ढलने के बाद इफ्तार करके रोजा खोलते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 31, 2021, 8:29 AM IST
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Ramadan 2021: मुस्लिम समुदाय में सबसे पवित्र माना जाने वाला रमजान का पाक महीना जल्द शुरू होने वाला है. इस महीने को बरकतों का महीना माना जाता है. मुस्लिम समाज में इसकी बहुत अहमियत है. रमजान के महीने में 29 या 30 दिन के रोजे रखे जाते हैं और इबादत (Worship) की जाती है. इस एक महीने तक लोग सुबह सूरज निकलने से पहले उठते हैं और सेहरी करते हैं और शाम को सूरज ढलने के बाद इफ्तार करके रोजा खोलते हैं. रोजा रखने वालों के लिए सेहरी (Sehri) और इफ्तार (Iftar) दोनों बहुत अहमियत रखते हैं. सुबह सेहरी का समय फज्र की अजान से पहले तक रहता है. सेहरी करने के बाद लोग नमाज पढ़ते हैं और कुरान शरीफ पढ़ते हैं.

जानिए कब से शुरू हैं पवित्र रमजान

इस्लामिक मान्यताओं के मुताबिक रमजान के महीने की शुरुआत चांद देखने के बाद होती है. वैसे तो अभी इसकी घोषणा नहीं हुई है, मगर इस साल भारत में रमजान का महीना 13 अप्रैल से शुरू होने की उम्मीद की जा रही है. दरगाह आला हजरत से जुड़े मुस्लिम विद्वान मौलाना शहाबुद्दीन रजवी भी 13 अप्रैल से रमजान शुरू होने की उम्‍मीद जता रहे हैं. अगर 12 अप्रैल को चांद दिखाई दे गया तो 13 अप्रैल से पहला रोजा रखा जाएगा. ऐसे में रमजान का अंतिम रोजा 12 मई को होगा और ईद गुरुवार, 13 मई, 2021 को मनाई जाएगी. रमजान इस्लामिक कैलेंडर का 9वां महीना होता है. रमजान के महीने में अल्लाह की मुक़द्दस किताब 'कुरान शरीफ' नाजिल हुई.

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बरकतों और इबादत का है महीना

इस पूरे महीने भर लोग रोजे रखते हैं. पांचों वक्‍त की नमाज अदा करते हैं और पूरा दिन इबादत में गुजारते हैं. कुरान शरीफ की तिलावत करते हैं. बरकतों के इस महीने में गरीबों की मदद दिल खोल कर की जाती है, दान किए जाते हैं. वैसे तो हर बालिग मुसलमान पर रोजा फर्ज है. मगर बुजुर्ग, कम उम्र के बच्‍चों, बीमार लोग और प्रेग्‍नेंट महिलाएं अगर रोजा रखने की ताकत नहीं रखते, तो रोजा रखना उनकी इच्‍छा पर है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)
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