Nag Panchami 2020: कब मनाई जाएगी नाग पंचमी, जानें सही व्रत विधि और मुहूर्त

Nag Panchami 2020: कब मनाई जाएगी नाग पंचमी, जानें सही व्रत विधि और मुहूर्त
इस दिन महिलाएं सांप को भाई मानकर उनकी पूजा करती हैं और भाई से अपने परिजनों की रक्षा का आशीर्वाद मांगती हैं.

धार्मिक मान्यता के अनुसार नाग पंचमी (Nag Panchami) के दिन नागदेव (Nag Dev) की पूजा करने से कुंडली के राहु और केतु से संबंधित दोष दूर होते हैं. सांप के भय और सर्पदंश से मुक्ति पाने के लिए नाग पंचमी के दिन कालसर्प योग की पूजा भी करवाई जाती है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: July 21, 2020, 10:17 AM IST
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इस साल नाग पंचमी (Nag Panchami) का त्योहार 25 जुलाई को मनाया जाएगा. हर साल यह पर्व सावन महीने (Sawan Month) में शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को मनाया जाता है. नाग पंचमी के दिन सांपों (नाग देवताओं) की पूजा की जाती है. धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन नागदेव (Nag Dev) की पूजा करने से कुंडली के राहु और केतु से संबंधित दोष दूर होते हैं. सांप के भय और सर्पदंश से मुक्ति पाने के लिए नाग पंचमी के दिन कालसर्प योग की पूजा भी करवाई जाती है. इस दिन महिलाएं सांप को भाई मानकर उनकी पूजा करती हैं और भाई से अपने परिजनों की रक्षा का आशीर्वाद मांगती हैं. आइए जानते हैं नाग पंचमी का मुहूर्त, व्रत विधि और महत्व के बारे में.

नाग पंचमी का मुहूर्त
पंचमी तिथि प्रारंभ- दोपहर 2 बजकर 33 मिनट (24 जुलाई 2020)
पंचमी तिथि समाप्ति- दोपहर 12 बजकर 01 मिनट (25 जुलाई 2020)
नाग पंचमी पूजा मुहूर्त- सुबह 05:38:42 बजे से सुबह 08:22:11 बजे तक
अवधि- 2 घंटे 43 मिनट



नाग पंचमी के दिनका महत्व
कहते हैं कि नाग पंचमी की पूजा का संबंध धन से जुड़ा हुआ है. दरअसल शास्त्रों में ऐसा माना जाता है कि नाग देव गुप्त धन की रक्षा करते हैं. इस कारण ही नागपंचमी के दिन नागों की पूजा करने से जीवन में धन-समृद्धि का भी आगमन होता है. इस दिन व्रती को मनोवांछित फल की प्राप्ति होती है. जिस व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प दोष होता है, उसे इस दोष से बचने के लिए नाग पंचमी का व्रत करना चाहिए.

नागपंचमी के दिन इन आठ नागों की पूजा की जाती है-
अनन्त, वासुकि, पद्म, महापद्म, तक्षक, कुलीर, कर्कट और शंख.

नाग पंचमी की पूजा विधि
नाग पंचमी व्रत के लिए तैयारी चतुर्थी के दिन से ही शुरू हो जाती है. चतुर्थी के दिन एक समय भोजन करें. इसके बाद पंचमी तिथि के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान कर लें. पूजा के लिए नागदेव का चित्र चौकी के ऊपर रखें. फिर हल्दी, रोली, चावल और फूल चढ़ाकर नाग देवता की पूजा करें. कच्चा दूध, घी, चीनी मिलाकर लकड़ी के पट्टे पर बैठे सर्प देवता को अर्पित करें. पूजा के बाद सर्प देवता की आरती उतारें. अंत में नाग पंचमी की कथा जरूर सुनें. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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