गृह प्रवेश करते वक्त जरूर ध्यान रखें ये बातें, नहीं तो हो सकता है कुछ ऐसा..

हिंदुओं में जब भी कोई व्‍यक्ति नया घर बनवाता है या फिर खरीदता है तो उसमें रहने से पहले ईश्‍वर को घर पर न्‍यौता देता है.

हिंदुओं में जब भी कोई व्‍यक्ति नया घर बनवाता है या फिर खरीदता है तो उसमें रहने से पहले ईश्‍वर को घर पर न्‍यौता देता है.

गृह प्रवेश (housewarming) भी ईश्‍वर को आभार प्रकट करने का ही एक तरीका है, जिसे नया घर (New Home) खरीदने पर लोग अक्सर करते हैं.

  • News18Hindi
  • Last Updated: August 15, 2020, 3:02 PM IST
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लोगों के जीवन में ऐसे कई बड़े अवसर आते हैं, जब वह भगवान (God) का आभार प्रकट करते हैं. इसके लिए वह घर पर हवन-पूजन का आयोजन करते हैं. गृह प्रवेश (housewarming) भी ईश्‍वर को आभार प्रकट करने का ही एक तरीका है, जिसे नया घर (New Home) खरीदने पर लोग अक्सर करते हैं. एक नया घर खरीदना या बनवाना किसी भी व्‍यक्ति के लिए जीवन की बड़ी उपलब्धियों में से एक है. हिंदुओं में जब भी कोई व्‍यक्ति नया घर बनवाता है या फिर खरीदता है तो उसमें रहने से पहले ईश्‍वर को घर पर न्‍यौता देता है. इसके लिए गृह प्रवेश की पूजा (Puja) कराई जाती है.

कई बार लोग अपने पुराने घर को ही रेनोवेट करवाते हैं और तब भी पूजा का आयोजन किया जाता है. ऐसा भी होता है कि लोग किसी बने बनाए पुराने घर को खरीद कर उसमें रहने जाते हैं. इन स्थितियों में भी बहुत जरूरी है कि आप उस घर में रहने से पहले गृह प्रवेश की पूजा जरूर करें. गृह प्रवेश की पूजा करने से पहले कुछ खास बातों का ख्याल रखना बहुत ही जरूरी है. आइए जानते हैं कौन सी हैं वो बातें.

पूजा विधि और कब करें गृह प्रवेश
सबसे पहले पंडित जी से गृह प्रवेश की तिथि और समय जरूर निकलवाएं. शुभ मुहूर्त पर भगवान गणेश का विधिपूर्वक मंत्रोच्‍चारण के साथ पूजन करें. इसके बाद ही नए घर में प्रवेश करें. वास्तु शास्त्र अनुसार गृह प्रवेश कभी भी नहीं किया जा सकता है. इसके लिए कुछ खास महीने ही शुभ होते हैं. भूल से भी सावन और पितृ पक्ष के समय नए घर में प्रवेश नहीं करना चाहिए. यदि आपका घर बन कर तैयार भी हो चुका है भी प्रवेश करने से पहले सही मुहूर्त का इंतजार जरूर करें.
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रखें इन बातों का ध्‍यान
-मान्यता है कि जब भी नए घर में प्रवेश करें तो घर के मुख्‍य द्वार पर बंदनवार जरूर टांगे. बंदनवार यदि आम के पत्‍तों का हो तो यह बहुत ही शुभ होता है. इससे घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवेश होता है.

-बंदनवार के साथ ही घर के मुख्‍य द्वार पर रंगोली जरूर बनाएं. ग्रंथों में ऐसा कहा गया है कि यदि आप ईश्‍वर को अपने घर पर आने का न्‍यौता दे रहे हैं तो आपको उन्‍हें प्रसन्‍न करने के लिए घर के द्वार को जरूर सजाना चाहिए. देवी लक्ष्‍मी को रंगोली बहुत पसंद है. यदि आप इसे घर के द्वार पर बनाते हैं तो आपके घर में मां लक्ष्‍मी वास करती हैं और आपको आर्थिक परेशानियों का सामना नहीं करना पड़ता.

-मान्यता है कि घर के मालिक को नारियल, हल्‍दी, गुड़, चावल और दूध जैसी शुभ चीजों को हाथ में लेकर प्रवेश करना चाहिए. ऐसा करने से उस स्‍थान पर मौजूद सभी नकारात्‍मक ऊर्जा खत्म हो जाती है.

-गृह प्रवेश करते समय गणपति की स्थापना और वास्तु पूजा जरूर करें. इसके साथ ही वास्‍तु के हिसाब से ही अपने घर को सजाएं. ऐसा करने से हमेशा घर में सुख-शांति बनी रहती है.

-कहते हैं कि नए घर में जब भी पहली बार प्रवेश करें, हमेशा पहले दाहिना पैर ही घर के अंदर रखें. यदि आप विवाहित हैं तो अपने पार्टनर के साथ ही गृह प्रवेश करें.

-मान्यता है कि जिस दिन गृह प्रवेश करवाएं उस दिन से लेकर 40 दिन तक उसी घर में रहें. गृह प्रवेश के 40 दिन तक घर में किसी एक व्‍यक्ति का रहना जरूरी है और घर पर किसी भी सूरत में ताला न लगाएं. गृह प्रवेश के दिन घर की मालकिन को पूरे घर में पानी से भरा कलश घुमाना चाहिए और घर के हर कोने में फूल डालने चाहिए.

-गृह प्रवेश के दिन रसोई में दूध जरूर उबालें, साथ ही कोई मिठी चीज बना कर सबसे पहले भगवान को भोग लगाएं. इतना ही नहीं पहले दिन नए घर में जो भी भोजन पकाएं उसे पितरों के लिए भी निकालें और कुत्‍ते, कौए और गाए को जरूर खिलाएं. कहते हैं कि इससे घर में सुख-शांति तो आती ही है साथ ही हर तरह के दोष भी दूर होते हैं. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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