भगवान विष्णु को किसने दिया सुदर्शन चक्र? शिवपुराण में है ये प्रसंग

शास्त्रों के अनुसार भगवान विष्णु के तीन अवतारों ने तीन गुरुओं शिक्षा ग्रहण की थी.
शास्त्रों के अनुसार भगवान विष्णु के तीन अवतारों ने तीन गुरुओं शिक्षा ग्रहण की थी.

एक बार जब दैत्यों के अत्याचार बहुत बढ़ गए, तब सभी देवता भगवान विष्णु (Lord Vishnu) के पास आए और दैत्यों का वध करने के लिए प्रार्थना की.

  • News18Hindi
  • Last Updated: October 22, 2020, 4:29 PM IST
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हिंदू धर्म में गुरुवार (Thursday) के दिन भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की पूजा के लिए बेहद खास माना जाता है. कहते हैं सच्चे मन से उनकी पूजा करने वाले भक्तों की सभी मनोकामनाएं भगवान विष्णु जरूर पूरा करते हैं. हिंदू धर्म शास्त्र के अनुसार गुरुवार को भगवान विष्णु की विधिवत पूजा करने से जीवन के सभी संकटों से छुटकारा मिलता है. भगवान विष्णु जगत के पालनहार कहलाते हैं. आपको बता दें कि शास्त्रों के अनुसार भगवान विष्णु के तीन अवतारों ने तीन गुरुओं शिक्षा ग्रहण की थी. उन्होंने अपने गुरु से अस्त्र-शस्त्र चलाने से लेकर नीति तक के बारे में बहुत कुछ सीखा था. आइए आपको बताते हैं भगवान विष्णु के सुदर्शन चक्र हासिल करने की कहानी.

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एक बार जब दैत्यों के अत्याचार बहुत बढ़ गए, तब सभी देवता भगवान विष्णु के पास आए और दैत्यों का वध करने के लिए प्रार्थना की. दैत्यों का नाश करने के लिए भगवान विष्णु कैलाश पर्वत पर जाकर भगवान शिव की उपासना करने लगे. वह एक हजार नामों से भगवान शिव की स्तुति करने लगे. भगवान विष्णु प्रत्येक नाम पर एक कमल का फूल भगवान शिव को चढ़ाते. तब भगवान शंकर ने विष्णु की परीक्षा लेने के लिए उनके द्वारा लाए एक हजार कमल में से एक कमल का फूल छिपा दिया.



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शिव की माया के कारण विष्णु को यह पता न चला. एक फूल कम पाकर भगवान विष्णु उसे ढूंढने लगे, लेकिन फूल नहीं मिला. तब भगवान विष्णु ने एक फूल की पूर्ति के लिए अपना एक नेत्र निकालकर शिव को अर्पित कर दिया. विष्णु की भक्ति देखकर भगवान शिव बहुत प्रसन्न हुए और उनसे वरदान मांगने को कहा. तब भगवान विष्णु ने दैत्यों का नाश करने के लिए अजेय शस्त्र का वरदान मांगा. भगवान शिव ने विष्णु को सुदर्शन चक्र प्रदान किया. विष्णु ने उस चक्र से दैत्यों का संहार कर दिया. इस प्रकार देवताओं को दैत्यों से मुक्ति मिली तथा सुदर्शन चक्र उनके स्वरूप के साथ सदैव के लिए जुड़ गया.(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)
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