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जानें कान्हा ने प्राणों से प्रिय राधा संग क्यों नहीं रचाया था ब्याह

जानें कान्हा ने प्राणों से प्रिय राधा संग क्यों नहीं रचाया था ब्याह

कान्हा ने प्राणों से प्रिय राधा संग क्यों नहीं रचाया था ब्याह

कान्हा ने प्राणों से प्रिय राधा संग क्यों नहीं रचाया था ब्याह

Radha Krishna Prem: सदियों से लगभग हर पीढ़ी में राधा प्रेम की कहानियां पढ़ी जाती रही हैं, लेकिन जब हम राधा कृष्ण की प्रेम कहानियां पढ़ते हैं, तब हमारे मन में एक सवाल उठता है कि दोनों के बीच इतना प्रेम होने के बाद भी श्री कृष्ण ने राधा से विवाह क्यों नहीं किया? इसके पीछे कथा वाचकों ने कई प्रकार के तर्क दिए हैं.

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    Radha Krishna Prem: हिन्दू धर्म (Hinduism) में जब भी सच्चे प्रेम की बात आती है तब राधा कृष्ण (Radha Krishna) के प्रेम की मिसाल दी जाती रही है. राधा कृष्ण के प्रेम को जीवात्मा और परमात्मा का मिलन भी कहा जाता है. राधा का श्री कृष्ण के प्रति प्रेम इतना गहरा है कि श्री कृष्ण से पहले राधा का नाम लिया जाता है. सदियों से लगभग हर पीढ़ी में राधा प्रेम की कहानियां पढ़ी जाती रही हैं, लेकिन जब हम राधा कृष्ण की प्रेम कहानियां पढ़ते हैं, तब हमारे मन में एक सवाल उठता है कि दोनों के बीच इतना प्रेम होने के बाद भी श्री कृष्ण ने राधा से विवाह क्यों नहीं किया ? इसके पीछे कथा वाचकों ने कई प्रकार के तर्क दिया हैं, आइये जानते है राधा कृष्ण की कहानियों के बारे में

    ऐसा कहा जाता है कि श्री कृष्ण जब राधा से मिले थे तब वे बाल्य काल में थे. उनकी उम्र लगभग 10 साल थी. इसके बाद वे गोकुल से वृंदावन चले गए और फिर कभी नहीं लौटे. इसके अलावा ऐसा भी कहीं नहीं मिलता कि राधा ने श्री कृष्ण से मिलने के लिए कभी वृंदावन या द्वारिका की यात्रा करी हो. यहां तक की दक्षिण भारत के प्राचीन ग्रंथों में राधा का कोई जिक्र नहीं मिलता है.

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    एक मान्यता यह भी है कि स्वयं राधा ने श्री कृष्ण से विवाह करने से मन कर दिया था. क्योंकि वे एक ग्वाला थी और श्री कृष्ण एक राजकुमार और राधा को लगता था कि महल का वैभव उनके लिए नहीं है. श्रीकृष्ण ने राधा को समझाने की कोशिश की लेकिन राधा अपने निश्चय में दृढ़ थीं.

    एक अन्य प्रचलित कथा के अनुसार जब राधा ने श्री कृष्ण से यह बात पूछी कि वह उनसें विवाह क्यों नहीं करना चाहते हैं? तो श्री कृष्ण ने राधा को बताया कि कोई अपनी ही आत्मा से कैसे विवाह कर सकता है? श्रीकृष्ण का आशय था कि वह और राधा एक ही हैं. उनका अलग अलग अस्तित्व नहीं है, और विवाह के लिए दो लोगों का होना आवश्यक होता है.

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    एक मान्यता यह भी है कि कृष्ण ने राधा से विवाह इसलिए भी नहीं किया क्योंकि वह जगत वासियों को यह बताना चाहते थे कि प्रेम और विवाह दो अलग अलग चीज़ें है, प्रेम एक निस्वार्थ भावना है और विवाह एक समझौता या अनुबंध की तरह है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबधित विशेषज्ञ से संपर्क करें)

    Tags: Religion

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