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Surya Grahan 2022: ग्रहण मनुष्य को क्यों और कैसे प्रभावित करते हैं, पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा ने बताई वजह

ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक दृष्टिकोण से ग्रहण को अशुभ माना जाता है.

ज्योतिष शास्त्र और धार्मिक दृष्टिकोण से ग्रहण को अशुभ माना जाता है.

सूर्य ग्रहण तीन प्रकार के होते हैं. पहला पूर्ण सूर्य ग्रहण, दूसरा आंशिक सूर्य ग्रहण और तीसरा वलयाकार सूर्य ग्रहण. वहीं ...अधिक पढ़ें

वैशाख अमावस्या को लगने वाला साल 2022 का पहला सूर्य ग्रहण आज है. भारत में आंशिक सूर्य ग्रहण होने के कारण का सूतक काल मान्य नहीं होगा. वैज्ञानिक तौर पर यह खगोलीय घटना है. ज्योतिष शास्त्र में और धार्मिक दृष्टिकोण से ग्रहण को अशुभ माना जाता है. फिर चाहे वो सूर्य ग्रहण हो या चंद्र ग्रहण. ग्रहण के दौरान किसी की गर्भवती महिला को बाहर निकलने की मनाही रहती है. क्योंकि ग्रहण से आने वाली पराबैगनी किरणों का शिशु पर कुप्रभाव पड़ता है. भोपाल के ज्योतिष पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि ग्रहण का प्रभाव इंसान पर क्यों देखने को मिलता है.

सूर्य ग्रहण
जब चंद्रमा सूर्य और पृथ्वी के बीच में आ जाता है तो इस घटना को सूर्य ग्रहण कहते हैं. इसमें चंद्रमा सूर्य को ढक लेता है. जिससे सूरज का प्रकाश पृथ्वी पर नहीं पहुंच पाता. इस दौरान पृथ्वी पर अंधेरा छा जाता है.

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चंद्र ग्रहण
जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाती है तो इस घटना को चंद्र ग्रहण कहते हैं. इसमें पृथ्वी सूर्य की रोशनी चंद्रमा तक जानें से रोक देती है.

इंसान पर इसका प्रभाव
पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा के अनुसार चंद्रमा जल की प्रधानता लिए होता है, और ग्रहण के दौरान चंद्रमा की गुरुत्वाकर्षण शक्ति अत्यधिक प्रभावी होती है. जो पृथ्वी पर मौजूद जल तत्व को अपनी तरफ आकर्षित करती है. चूंकि मनुष्य का शरीर भी 70% जल से मिलकर बना है. तो चंद्र ग्रहण हो या फिर सूर्य ग्रहण दोनों ही स्थिति में इसका प्रभाव मनुष्य पर देखने को मिलता है. पंडित जी के अनुसार ग्रहण के दौरान मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति विचलित हो उठते हैं. बेचैन हो जाते हैं और अजीबोगरीब हरकत करने लगते हैं, परंतु जैसे ही ग्रहण समाप्त होता है वे सामान्य हो जाते हैं.

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ज्वार-भाटे का कारण
ग्रहण के द्वारा लूनर फोर्स जल तत्व को अपनी ओर आकर्षित करता है. वहीं पृथ्वी का गुरुत्वाकर्षण भी पानी या जीव-जंतु को अपनी तरफ आकर्षित करती है. यही कारण है कि पूर्णिमा और अमावस्या पर महासागर में ज्वार भाटे की स्थिति निर्मित होती है.

Tags: Dharma Aastha, Religion, Solar eclipse, Surya Grahan

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