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आम के पत्तों को पूजा में क्यों किया जाता है शामिल? यहां जानिए

पूजा पाठ में आम की पत्तियों का प्रयोग, Image-Canva

पूजा पाठ में आम की पत्तियों का प्रयोग, Image-Canva

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हाइलाइट्स

आम के पत्तों का इस्तेमाल कलश में रखने के लिए भी किया जाता है.
मंत्रोच्चार करते समय आम के पत्तों से आचमन क्रिया की जाती है.
यज्ञ की वेदी सजाने में भी आम के पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है.

आम के वृक्ष का कई तरह से महत्व होता है. आम के पेड़ से लेकर उसकी टहनियां, पत्ते, फल इत्यादि को हम पूजा में शामिल करते हैं. मांगलिक कार्यों में पंचफल का इस्तेमाल किया जाता है, उसमें एक आम का फल भी शामिल होता है. आम की लकड़ियों से संविदा बनाई जाती है और वैदिक काल से इसका ही प्रयोग किया जा रहा है. आम की लकड़ी की हवन सामग्री से वातावरण में शुद्धि आती है और सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह होता है, तो चलिए जानते हैं पूजा में आम के पत्तों का इस्तेमाल क्यों किया जाता है.

क्यों होती है आम के पत्तों की पूजा
पंडित सुरेश शास्त्री जी बताते हैं कि आम का पेड़ मंगल का कारक है. आम के वृक्ष को मेष राशि का द्योतक माना गया है, इसीलिए मांगलिक कार्यों में आम के पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है और बिना आम पत्तों के पूजा संपन्न नहीं मानी जाती.

आम के पत्तों का इस्तेमाल
-घर के मुख्य द्वार पर आम के पत्तों का तोरण लगाने से कोई भी नकारात्मक ऊर्जा अंदर प्रवेश नहीं कर सकती. घर में प्रवेश करने वाले हर व्यक्ति के साथ सकारात्मक ऊर्जा ही घर में जाती है.

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-आम के पत्तों का इस्तेमाल कलश में रखने के लिए भी किया जाता है और पूजा विधि में जल को समर्पित करने के लिए आम के पत्तों को ही रखा जाता है. कलश बनाने के लिए भी नारियल पर आम के पत्ते ही रखे जाते हैं.

-यज्ञ की वेदी सजाने में भी आम के पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है. इसके साथ ही मंडप को भी सजाने में आम के पत्तों का इस्तेमाल किया जाता है.

-पूजन विधि के दौरान मंत्रोच्चार करते समय आम के पत्तों से आचमन क्रिया की जाती है. आम के पत्तों को शुभता का प्रतीक माना जाता है.

Tags: Dharma Aastha, Dharma Granth

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