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Kartik Purnima 2020: कार्तिक पूर्णिमा पर करें सत्यनारायण की पूजा, सभी कष्टों से मिलेगी मुक्ति

Kartik Purnima 2020: कार्तिक पूर्णिमा पर करें सत्यनारायण की पूजा, सभी कष्टों से मिलेगी मुक्ति

भगवान श्री सत्यनारायण को भगवान विष्णु का रूप माना जाता है.

भगवान श्री सत्यनारायण को भगवान विष्णु का रूप माना जाता है.

कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima) के दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा का विशेष महत्व है. श्रीसत्यनारायण व्रत का वर्णन देवर्षि नारद जी के पूछने पर स्वयं भगवान विष्णु (Lord Vishnu) ने अपने मुख से किया है.

    कार्तिक पूर्णिमा (Kartik Purnima 2020) का दिन कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि को आता है. इस साल यह शुभ दिन इस बार 30 नवंबर यानी आज मनाया जा रहा है. इस दिन मां लक्ष्मी (Maa Lakshmi) और भगवान विष्णु (Lord Vishnu) की पूजा की जाती है. माना जाता है कि इस दिन गंगा स्नान, दीप दान, तुलसी पूजा करना बेहद शुभ होता है. इस साल पूर्णिमा पर उपछाया चंद्रग्रहण होने से महायोग सर्वार्थ सिद्धि योग बन रहा है. कार्तिक पूर्णिमा के दिन भगवान सत्यनारायण की पूजा का विशेष महत्व है. श्रीसत्यनारायण व्रत का वर्णन देवर्षि नारद जी के पूछने पर स्वयं भगवान विष्णु ने अपने मुख से किया है. इस कथा को सुनने मात्र से जीव का कल्याण होता है. सत्यनारायण व्रत कथा के दो भाग हैं, व्रत-पूजा और कथा. सत्यनारायण व्रत कथा स्कंदपुराण के रेवाखंड से संकलित की गई है.

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    सत्यनारायण व्रत की कथा
    एक बार नारद जी भ्रमण करते हुए मृत्युलोक आए. यहां उन्होंने लोगों को कर्मों के अनुसार तरह-तरह के दुखों से परेशान होते देखा. इससे उनका हृदय द्रवित हो उठा और वे वीणा बजाते हुए अपने आराध्य भगवान श्रीहरि की शरण में क्षीरसागर पहुंच गए और स्तुति करते बोले, हे भगवान यदि आप मेरे ऊपर प्रसन्न हैं तो मृत्युलोक के प्राणियों की व्यथा हरने वाला कोई छोटा-सा उपाय बताने की कृपा करें. तब भगवान ने कहा, हे वत्स तुमने विश्वकल्याण की भावना से बहुत सुंदर प्रश्न किया है.

    आज मैं तुम्हें ऐसा व्रत बताता हूं जो स्वर्ग में भी दुर्लभ है और महान पुण्यदायक है तथा मोह के बंधन को काट देने वाला है और वह है श्रीसत्यनारायण व्रत. इसे विधि-विधान से करने पर मनुष्य सांसारिक सुखों को भोगकर परलोक में मोक्ष प्राप्त कर लेता है. इसके बाद काशीपुर नगर के एक निर्धन ब्राह्मण को भिक्षावृत्ति करते देख भगवान विष्णु स्वयं ही एक बूढ़े ब्राह्मण के रूप में उस निर्धन ब्राह्मण के पास जाकर कहते हैं, हे विप्र, श्री सत्यनारायण भगवान मनोवांछित फल देने वाले हैं. तुम उनका व्रत-पूजन करो जिसे करने से मुनष्य सब प्रकार के दुखों से मुक्त हो जाता है.

    सत्यनारायण व्रत कथा से होने वाले लाभ
    भगवान श्री सत्यनारायण को भगवान विष्णु का रूप माना जाता है. कहा जाता है कि जो भी सत्यनारायण भगवान की पूजा करता है उसे भगवान विष्णु विशेष आशीर्वाद प्रदान करते हैं. स्कंद पुराण में इसका विशेष उल्लेख किया गया है. इस पूजा से संबंधित कथा का श्रवण करके सबको प्रसाद वितरित किया जाता है. इस पूजा का इतिहास बहुत पुराना है. इससे घर में सुख समृद्धि के साथ परिवार में धनात्मक उर्जा का संचार होता है. इस कथा के समापन पर ब्राह्मण भोज कराने से अनेक प्रकार के लाभ प्राप्त होते हैं.

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    -यह घर को आर्थिक रूप से धन-धान्य से भरा बनाता है.

    -इसकी सहायता से घर, जमीन जैसे आर्थिक संसाधनों में वृद्धि होती है.

    -इससे बृहस्पति के ग्रह प्रभाव से मुक्ति प्राप्त होती है.

    -इससे व्यक्ति को सिद्धि मिलती है.

    -यह समग्र भौतिकवादी और आध्यात्मिक विकास को सुरक्षित करता है.

    -यह उत्कृष्ट परिणाम और उच्च शिक्षा प्रदान करता है. (Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य जानकारी पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें).

    Tags: Religion

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