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CBSE vs ICSE Board : CBSE और ICSE बोर्ड में ये हैं 5 बड़े फर्क, बच्चों का एडमिशन कराने से पहले जानें

CBSE vs ICSE Board : CBSE और ICSE बोर्ड में ये हैं 5 बड़े फर्क, बच्चों का एडमिशन कराने से पहले जानें

देश की सबसे बड़ी जेईई मेन परीक्षा में 23 से 26 फरवरी के बीच देश विदेश के 331 परीक्षा केंद्रों पर कराई गई.

देश की सबसे बड़ी जेईई मेन परीक्षा में 23 से 26 फरवरी के बीच देश विदेश के 331 परीक्षा केंद्रों पर कराई गई.

CBSE Vs ICSE Board : बच्चों का एडमिशन कराते समय अच्छे स्कूल के साथ सही स्कूल बोर्ड का चुनाव भी बेहद महत्वपूर्ण है. स्कूल बोर्ड ऐसा हो जो बच्चों के आगे के भविष्य के लिए भी बेहतर रास्ते बनाए. ऐसे में ये पांच प्वाइंट पैरेंट्स की मदद कर सकते हैं.

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    नई दिल्ली. देश भर के स्कूलों में नए शैक्षिक सत्र के लिए बच्चों के एडमिशन की प्रक्रिया चल रही है. पैरेंट्स के सामने अच्छे स्कूल के चुनाव के साथ दूसरी सबसे बड़ी दुविधा शिक्षा बोर्ड को लेकर है. उनके सामने सवाल हैं कि सीबीएसई बोर्ड चुनें या आईसीएसई या फिर कोई अन्य. आज हम सीबीएसई और आईसीएसई के बीच पांच अंतर बता रहे हैं ताकि पैरेंट्स को सही बोर्ड का चुनाव करने में आसानी हो.

    1. पढ़ाई के मीडियम और किताबों में अंतर

    सीबीएसई बोर्ड के अधिकतर स्कूलों में हिंदी और अंग्रेजी, दोनों भाषाओं में पढ़ाई होती है. जबकि आईसीएसई बोर्ड में सिर्फ अंग्रेजी मीडियम में ही शिक्षा दी जाती है. सीबीएसई बोर्ड में जहां एनसीईआरटी की किताबें पढ़ाई जाती हैं. वहीं, आईसीएसई बोर्ड के ज्यादातर स्कूल निजी प्रकाशकों की किताबों से पढ़ाते हैं. इस वजह से किताबों की कीमतों में भी अंतर होता है. एनसीईआरटी के मुकाबले निजी प्रकाशकों की किताबें महंगी होती हैं.

    2. जॉब करने वाले पैरेंट्स की सुविधा

    ऐसी जॉब करने वाले पैरेंट्स जिनका ट्रांसफर होता रहता है उनके बच्चों के लिए सीबीएसई बोर्ड बेहतर हो सकता है. दरअसल, सीबीएसई बोर्ड से संबद्ध सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें ही पढ़ाई जाती हैं. साथ में इससे संबद्ध स्कूलों की संख्या भी ज्यादा है. जबकि आईसीएसई में निजी प्रकाशकों की किताबें पढ़ाने की वजह से सेलेबस में अंतर हो जाता है. इससे संबद्ध स्कूल भी कम मिलते हैं.

    3. करियर और सिलेबस

    सीबीएसई बोर्ड का सिलेबस भारत में होने वाली विभिन्न प्रवेश परीक्षाओं जैसे NEET, JEE Main, UPSEE, आदि के लिए ज्यादा उपयुक्त है. आईसीएसई की बात करें तो इसका सिलेबस काफी बड़ा है. बच्चों को सीबीएसई के मुकाबले ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है. सीबीएसई बोर्ड में साइंस और मैथ्स पर काफी ज्यादा फोकस है. जबकि इस मामले में आईसीएसई का सिलेबस अधिक बैलेंस. इसका भाषा, आर्ट और साइंस जैसे सभी विषयों पर बराबर फोकस है.

    4. मूल्यांकन

    बच्चों के मूल्यांकन की प्रक्रिया में भी दोनों बोर्ड के बीच काफी अंतर है. आईसीएसई बोर्ड में इंटर्नल असेसमेंट काफी महत्व रखता है. आईसीएसई लैब वर्क पर काफी जोर देता है. यह अंग्रेजी भाषा साहित्य में करियर बनाने के इच्छुक छात्रों के लिए ज्याद उपयुक्त माना जाता है.

    5. प्राइवेट और स्टेट बोर्ड के लिए

    सीबीएसई बोर्ड के स्कूलों में राज्य बोर्डों और प्राइवेट पढ़ाई करने वाले छात्र भी एडमिशन ले सकते हैं. जबकि आईसीएसई इसकी अनुमति नहीं देता.

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    Tags: Cbse board, ICSE

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