ओडिशा का राज्य गान ‘बंदे उत्कल जननी’ 9वीं और 10वीं कक्षा के पाठ्यक्रम में शामिल होगा

'बंदे उत्कल जननी' स्कूल की कक्षा 9 और 10 के पाठ्यक्रम का हिस्सा होगा.
'बंदे उत्कल जननी' स्कूल की कक्षा 9 और 10 के पाठ्यक्रम का हिस्सा होगा.

'बंदे उत्कल जननी’ को ओडिशा में हर विधानसभा सत्र के अंतिम दिन समापन गीत के रूप में गाया जाता है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 14, 2020, 5:43 PM IST
  • Share this:
नई दिल्ली. ओडिशा का राज्य गान 'बंदे उत्कल जननी' नौवीं और दसवीं कक्षा के छात्रों के लिए स्कूल के पाठ्यक्रम का हिस्सा होगा. एक अधिकारी ने यह जानकारी दी.

'बंदे उत्कल जननी' कवि लक्ष्मीकांत महापात्र ने लिखा है
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक द्वारा प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने के बाद शुक्रवार को इस संबंध में एक अधिसूचना जारी की गई. अधिसूचना के अनुसार, महान कवि लक्ष्मीकांत महापात्र द्वारा लिखित 'बंदे उत्कल जननी' स्कूल की कक्षा 9 और 10 के पाठ्यक्रम का हिस्सा होगा.

'बंदे उत्कल जननी' को राज्य गान का दर्जा
इस वर्ष की शुरुआत में, ओडिशा सरकार ने 'बंदे उत्कल जननी' को राज्य गान का दर्जा दिया था. 30 मई को मुख्यमंत्री नवीन पटनायक द्वारा किए गए आह्वान पर दुनिया भर के ओडिया लोगों ने कोविड-19 योद्धाओं के सम्मान में 'बंदे उत्कल जननी' गीत गाया था.



ये भी पढ़ें-
SSC JHT, SHT, हिंदी प्राध्यापक फाइनल रिजल्ट 2019 ssc.nic.in पर जारी, यहां करें चेक
BPSC 31st Judicial Services एग्जाम शेड्यूल जारी, यहां चेक करें परीक्षा की तारीख

ओडिया छात्रों के बीच देशभक्ति को और मजबूत करेगा
पटनायक ने कहा कि राज्य गान ओडिया छात्रों के बीच देशभक्ति को और मजबूत करेगा और उन्हें जीवन में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगा. 'बंदे उत्कल जननी’ को ओडिशा में हर विधानसभा सत्र के अंतिम दिन समापन गीत के रूप में गाया जाता है.
अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज