अन्य परीक्षाओं की तैयारी भी करा देता है IAS एग्जाम, पढ़ें इसकी तैयारी के फायदे

आई.ए.एस. की परीक्षा की चुनौतियों और कठिनाइयों से लगभग-लगभग हर पढ़ा-लिखा व्यक्ति अच्छी तरह से परिचित होता है.

आई.ए.एस. जैसी बड़ी और कठिन परीक्षा के लिए की जाने वाली लम्बी मेहनत कभी भी बेकार नहीं जाती.

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नई दिल्ली. मैं आपको आई.ए.एस. परीक्षा की तैयारी के कुछ लाभ बताता हूँ. सन् 2011 से आई.ए.एस. की प्रारम्भिक परीक्षा में सी-सेट का नया पेपर डाला गया है. यह पेपर दूसरी अन्य परीक्षाओं की भी आपकी तैयारी करा देता है, जिनमें बैंक की परीक्षाएँ सबसे प्रमुख हैं. अन्य परीक्षाओं में भी इसकी तैयारी आपकी मदद करती है. इसलिए मैं अक्सर अपने स्टूडेन्ट्स को यह सलाह देता हूँ कि भले ही तुमने अपना लक्ष्य आई.ए.एस. बनने की ही क्यों न रखा हो, लेकिन तुम्हें दूसरी परीक्षाओं में भी बैठते रहना चाहिए. केवल थोड़ी-सी अलग तैयारी करके तुम ऐसा कर सकते हो.

आई.ए.एस. की तैयारी ने अन्य से अलग बना दिया
अगला लाभ होता है, आपके अपने ज्ञान के स्तर के बढ़ जाने का. आपको यह लाभ प्राइवेट नौकरियों में भी मिलता है तथा तब भी मिलता है, जब आप स्वयं का कोई काम शुरू करते हैं. मैं ऐसे कई लोगों को जानता हूँ, जिनकी आई.ए.एस. की तैयारी ने उन्हें अपने अन्य साथियों से अलग बना दिया. खासकर मीडिया के क्षेत्र में तो ऐसे लोगों ने कमाल ही किया है. इसके दो बड़े ठोस कारण हैं. पहला तो यह है कि इनका सामान्य ज्ञान बहुत अच्छा हो जाता है. दूसरा यह कि इनकी विश्लेषण करने की क्षमता और लिखने की शैली भी बेहतर हो जाती है. इसके कारण ये लोग बहुत जल्दी ही अपनी अलग पहचान बना लेते हैं.

सामान्य ज्ञान की बदौलत बेहतर परफॉरमेंस
कुछ अच्छी खबरें प्रायवेट संस्थाओं के संदर्भ में भी सुनने को मिली हैं. जब कोई आई.ए.एस. की तैयारी करने वाला विद्यार्थी प्रायवेट कम्पनी में नौकरी के लिए जाता है, तो निश्चित रूप से सामान्य ज्ञान की बदौलत वह बेहतर परफॉरमेंस देता है. यदि वह इन्टरव्यू तक पहुँच चुका था, तो उसकी यह मार्कशीट इन्टरव्यू लेने वालों पर बहुत अच्छा असर छोड़ती है. आई.ए.एस. की परीक्षा की चुनौतियों और कठिनाइयों से लगभग-लगभग हर पढ़ा-लिखा व्यक्ति अच्छी तरह से परिचित होता है. ऐसे कैंडीडेट को देखकर वह समझ जाता है कि इसमें कोई न कोई तो विशेष बात है ही, खासकर उन अन्य लोगों की तुलना में, जो यहाँ इन्टरव्यू देने आए हैं.

ज्ञान कभी भी व्यर्थ नहीं जाता
अब बात आती है आपके द्वारा स्वयं का काम करने की. ज्ञान कभी भी व्यर्थ नहीं जाता. वह यहाँ आपके काम आएगा. आई.ए.एस. की तैयारी आपमें मेहनत करने की आदत डाल देती है. यह आदत आपके काम आएगी. आप आई.ए.एस. बनना चाहते थे, यानी कि आपने एक बड़ा सपना देखा था. अब उस सपने में से आई.ए.एस. तो गायब हो गया है, लेकिन बड़ापन गायब नहीं हुआ है. यदि आप अपने सपने के इस बड़ेपन को जीवित रखेंगे, तो भी वह आपको आपके काम में ही बड़ा बना देगा.

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सकारात्मक प्रभाव जीवन पर पड़ेगा
एक असफलता को अपने जीवन की असफलता कभी नहीं बनने देना चाहिए. अपने सपनों को आने वाली मौत से बचाने की हरसंभव कोशिश की जानी चाहिए. साथ ही यह भी तो है कि जब आप तैयारी कर रहे थे, तो आपके साथ कुछ और लोग भी तैयारी कर रहे थे. उनमें से कुछ का सिलेक्शन हो गया और बहुत लोग रह गए, जिनमें से एक आप भी हैं. यह कभी न भूलें कि जिनका हो गया है, वे आपके परिचित हैं, आपके मित्र हैं. उनसे ईर्ष्या न करें, मित्रवत् व्यवहार करें. वे आपको एक नया ग्रुप उपलब्ध कराएँगे, जिसका सकारात्मक प्रभाव आपके जीवन और आपकी जीवन-पद्धति पर पड़ेगा.

मित्रो, इसलिए मैं यह मानता हूँ कि आई.ए.एस. जैसी बड़ी और कठिन परीक्षा के लिए की जाने वाली लम्बी मेहनत कभी भी बेकार नहीं जाती. (लेखक पूर्व सिविल सर्वेंट और afeias के संस्थापक हैं.)

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