Education News : 80 हजार स्कूलों के लगभग पौने दो करोड़ बच्चे करेंगे ये कोर्स

यह कोर्स 30 जून तक चलेगा. कैचअप कोर्स के दौरान बच्चों को पिछले वर्ष पढ़ाए गए विषयों को दोहराया जाएगा.

यह कोर्स 30 जून तक चलेगा. कैचअप कोर्स के दौरान बच्चों को पिछले वर्ष पढ़ाए गए विषयों को दोहराया जाएगा.

Bihar Education News : बिहार में कोरोना लॉकडाउन के कारण पढ़ाई को हुई क्षति की भरपाई के लिए सोमवार से तीन महीने का कैचअप कोर्स शुरू किया जा रहा है. इसमें पहली से 10वीं तक के नई कक्षा में प्रमोट किए गए बच्चे पिछली कक्षा के विषय पढ़ेंगे.

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15नई दिल्ली. बिहार में कोरोना महामारी के चलते लगे लॉकडाउन में शैक्षिक सत्र 2020-21 में पढ़ाई की हुई क्षति की भरपाई के लिए पांच अप्रैल से एक कार्यक्रम शुरू हो रहा है. इसे कैचअप कोर्स नाम दिया गया है. इसमें राज्य के करीब 80 हजार सरकारी स्कूलों के लगभग पौने दो करोड़ बच्चों के लिए शामिल होंगे.

80 हजार स्कूलों में 43 हजार प्राइमरी, 29 हजार मिडिल स्कूल और 8 हजार माध्यमिक-उच्च माध्यमिक स्कूल शामिल हैं. एनसीईआटी की मदद से तैयार किए गए इस विशेष सिलेबस से दूसरी से लेकर 10वीं कक्षा के छात्र पढ़ाई करेंगे. यह कोर्स 30 जून तक चलेगा. कैचअप कोर्स के दौरान बच्चों को पिछले वर्ष पढ़ाए गए विषयों को दोहराया जाएगा. जबकि नई कक्षा की पढ़ाई एक जुलाई से शुरू होगी.

कैचअप कोर्स को पढ़ाने के लिए शिक्षकों को विशेष ट्रेनिंग दी गई है. पहले चरण में राज्यस्तर पर मास्टर ट्रेनर तैयार किए गए. दूसरे स्तर पर जिला मुख्यालयों में और तीसरे स्तर पर प्रखंड तथा संकुल स्तर पर शिक्षकों के प्रशिक्षण का कार्य पूरा हो गया है.

एनसीईआरटी की मदद से  डिजाइन किया गया है कोर्स 
शिक्षा विभाग के अनुसार, शैक्षिक सत्र 2020-21 में लॉकडाउन के चलते लगभग पूरे साल स्कूल बंद रहे. जिसकी वजह से बच्चों की पढ़ाई का काफी नुकसान हुआ है. इस नुकसान की भरपाई करने के लिए एनसीईआरटी की मदद से विशेष कोर्स डिजाइन किया गया है. कैचअप कोर्स के दौरान बच्चे जून माह तक पुरानी कक्षा के ही पाठ पढ़ेंगे. दूसरी कक्षा के बच्चे पहली के, तीसरी कक्षा के बच्चे दूसरी के, चौथी के बच्चे तीसरी के पाठ पढ़ेंगे. इसी तरह अन्य कक्षाओं के बच्चे भी पिछली कक्षा के प्रमुख अध्याय का पाठ पढ़ेंगे.

लगातार दो साल बिना परीक्षा के पास हुए बच्चे 

बता दें कि कोरोना महामारी के कारण बिहार में स्कूल 13 मार्च 2020 को बंद कर दिए गए थे. इस वजह से वार्षिक परीक्षा नहीं हो पाई थी और फिर बच्चों को बिना परीक्षा के ही अगली कक्षा में प्रमोट कर दिया गया था. इसके बाद चार जनवरी 2021 से आधी उपस्थिति के साथ नौंवी से 12वीं तक के, 08 फरवरी से 6वीं से 8वीं व एक मार्च से पहली से पांचवीं तक के लिए स्कूल खोले गए. 2021 में भी वार्षिक परीक्षा किसी सरकारी स्कूल ने किसी कक्षा का नहीं लिया है. विभाग ने पहली से आठवीं तक के बच्चों को बिना परीक्षा लिए ही फिर अगली कक्षा में प्रोन्नति दे दी है. दो साल मूल्यांकन नहीं होने से बच्चों के सीखने के स्तर की भी परख नहीं हो सकी है.



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