Bihar Inter Result: पढ़ें वह 5 अहम टास्क, जिनकी बदौलत बिहार बोर्ड ने सिर्फ 40 दिन में दे दिया इंटर का रिजल्ट

शुक्रवार को बिहार बोर्ड के चेयरमैन आनंद किशोर ने कहा कि इंटर परीक्षा का रिजल्ट जारी कर रिकॉर्ड बनाया है.

शुक्रवार को बिहार बोर्ड के चेयरमैन आनंद किशोर ने कहा कि इंटर परीक्षा का रिजल्ट जारी कर रिकॉर्ड बनाया है.

बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने लगातार दूसरे साल इंटरमीडिएट की परीक्षा समाप्त होने के लगभग डेढ़ महीने के अंदर रिजल्ट जारी कर दिया. बिहार बोर्ड के चेयरमैन आनंद किशोर ने कहा कि ऐसा करके बिहार बोर्ड ने लगातार तीसरे साल रिकॉर्ड बनाया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: March 26, 2021, 5:54 PM IST
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पटना. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति ने लगातार दूसरे साल इंटरमीडिएट की परीक्षा समाप्त होने के लगभग डेढ़ महीने के भीतर रिजल्ट जारी कर दिया. बिहार बोर्ड के चेयरमैन आनंद किशोर ने शुक्रवार की दोपहर पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस में इसे एक रिकॉर्ड बताया. साथ ही दावा किया कि देशभर में पहला ऐसा बोर्ड है, जिसने इंटरमीडिएट परीक्षा की समाप्ति के महज 40 दिनों के भीतर ऐसा कर दिखाया है. रिजल्ट में गड़बड़ी या फर्जी टॉपर के लिए बदनाम होने वाला यह बोर्ड, अगर अपनी कार्यशैली में सुधार ले आया है, तो इस पर गौर किया जाना चाहिए.

2016 की इंटर परीक्षा में वैशाली की रूबी कुमारी के फर्जी टॉपर बनने के बाद बड़े झटके से उबरकर, बिहार बोर्ड के लिए ऐसे परिणाम देना सकारात्मक लक्षण हैं. साथ ही यह भी कि आखिर बिहार बोर्ड में ऐसा क्या बदलाव आया कि इतनी तेजी से सारे काम होने लगे. गौरतलब है कि पिछले महीने 1 फरवरी से लेकर 13 फरवरी तक के बीच बिहार इंटरमीडिएट परीक्षा का आयोजन हुआ था. इसमें साढ़े 13 लाख से ज्यादा विद्यार्थी शामिल हुए. आज जब प्रदेश के शिक्षा मंत्री विजय कुमार चौधरी ने रिजल्ट जारी किया तो बताया गया कि साढ़े 10 लाख से ज्यादा विद्यार्थी पास हुए हैं. इनमें लड़कियों की संख्या ज्यादा है.

इंटर परीक्षा में इस साल 78 फीसदी से ज्यादा विद्यार्थी पास हुए हैं. बिहार विद्यालय परीक्षा समिति की आधिकारिक प्रेस विज्ञप्ति के मुताबिक बोर्ड के चेयरमैन आनंद किशोर ने 2017 के बाद बोर्ड की कार्यशैली में बदलाव के लिए कुछ दिशा-निर्देश तय किए थे. उन्होंने बिहार बोर्ड को देश का सर्वश्रेष्ठ बोर्ड बनाने का लक्ष्य दिया था. समिति के अफसरों और कर्मचारियों समेत सभी स्कूल-कॉलेजों को परीक्षा संचालन के बारे में गाइडलाइन दी गई. संभवतः इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि आज लगातार दूसरे साल बिहार बोर्ड ने समय पर परीक्षा और तेजी से परिणाम के लक्ष्य को हासिल करने में सफलता पाई है.

ये हैं वे 5 काम, जिन्हें पूरा कर आया बदलाव
1- दो बार जांचः इंटर परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों को इस बार एग्जाम देने से पहले दो बार जांच की प्रक्रिया से गुजरना पड़ा. पहले परीक्षा केंद्र के बाहर और दूसरा हॉल में आने के बाद. बोर्ड ने खास इंतजाम किया था कि हर वीक्षक को डिक्लेरेशन देना था कि उन्होंने एग्जाम-हॉल में मौजूद 25 विद्यार्थियों की पूरी तरह से जांच कर ली है कि अभ्यर्थी के पास कोई भी अवांछित चीज न हो.=

2- सुरक्षा चौकसः परीक्षा केंद्र के 200 मीटर के दायरे में किसी भी शख्स की एंट्री पर बैन लगा दिया गया था. इन केंद्रों के पास धारा 144 लगा दी गई थी, ताकि परीक्षा में नकल कराने की कोई संभावना न रहे.

3- 10 मिनट पहले एंट्रीः इंटर के परीक्षार्थियों को एग्जाम-सेंटर पर एंट्री की इजाजत देने में भी नई व्यवस्था कारगर रही. छात्रों को परीक्षा शुरू होने के 10 मिनट पहले एंट्री दी गई. परीक्षा अगर दो पालियों में है, तो दोनों में यही व्यवस्था लागू की गई.



4- फोटो व नाम वाली OMR सीट दी गई: पिछले वर्ष की तरह इस साल भी हर विद्यार्थी को उसकी फोटो के साथ-साथ उसके नाम से छपी कॉपी और ओएमआर शीट दी गई, ताकि नकल की गुंजाइश ही न रहे. पहले से छपी कॉपी में छात्र का नाम, रोल कोड, रोल नंबर, विषय कोड और परीक्षा की तिथि लिखी रहती है.

5- प्रश्नपत्रों के कई सेट दिए गए: परीक्षा में नकल रोकने के लिए प्रश्नपत्रों के कई सेट तैयार किए जाते हैं, ताकि एग्जाम सेंटर तक पहुंचने के दौरान अगर एक सेट भी गलती से लीक हो जाए, तो विकल्प में कई और तैयार रहें. 2021 की इंटर परीक्षा में भी प्रश्नपत्रों के 10 सेट तैयार किए गए थे.
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