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CBSE Schools: सीबीएसई बोर्ड की मान्यता कैसे मिलती है? स्कूल को पूरी करनी पड़ती हैं ये शर्तें

CBSE Schools: सीबीएसई बोर्ड की मान्यता हासिल करने के लिए स्कूलों को इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित कई नियम मानने पड़ते हैं

CBSE Schools: सीबीएसई बोर्ड की मान्यता हासिल करने के लिए स्कूलों को इंफ्रास्ट्रक्चर से संबंधित कई नियम मानने पड़ते हैं

CBSE Schools, CBSE Board Affiliation Rules: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड देश का सबसे बड़ा एजुकेशन बोर्ड है. इससे संबद ...अधिक पढ़ें

नई दिल्ली (CBSE Schools, CBSE Board Affiliation Rules). भारत में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड यानी सीबीएसई से संबद्ध 24 हजार से ज्यादा स्कूल हैं. इनके अलावा 26 देशों में 240 से ज्यादा स्कूल हैं. देश के सबसे बड़े बोर्ड का संचालन केंद्र सरकार द्वारा किया जाता है. हजारों निजी स्कूलों के अलावा केवी, जेएनवी जैसे स्कूल भी इसी से संबद्ध हैं.

सीबीएसई बोर्ड की संबद्धता हासिल करने के लिए स्कूलों को कई शर्तें पूरी करनी होती हैं (CBSE Board Schools). इनमें कुछ नियम स्कूल के इंफ्रास्ट्रक्चर से भी जुड़े होते हैं. जो भी स्कूल सीबीएसई बोर्ड की संबद्धता चाहते हैं, उन्हें एफिलिएशन बाई लॉज़ की जानकारी जरूर होनी चाहिए (CBSE Board Affiliation Bye-Laws).

कैसा हो क्लास रूम?
सीबीएसई बोर्ड स्कूल के हर क्लास का साइज कम से कम 8 मी x 6 मी (लगभग 500 स्क्वायर फीट) होना चाहिए. हर क्लास के लिए एक कमरा जरूर होना चाहिए. हर छात्र के हिसाब से कम से कम 1 स्क्वायर फीट फ्लोर स्पेस की जगह होनी चाहिए.

साइंस लैब कैसी हो?
सीबीएसई बोर्ड के जिन स्कूलों में साइंस विषय की पढ़ाई होती है (खासतौर पर सेकंडरी और सीनियर सेकंडरी स्कूल) – हर साइंस लैब का साइज कम से कम 9 मी x 6 मी होना चाहिए (कम से कम 600 स्क्वायर फीट). इन लैब्स में प्रैक्टिकल की पूरी व्यवस्था भी होनी चाहिए.

लाइब्रेरी कैसी हो?
सीबीएसई बोर्ड स्कूलों की लाइब्रेरी कम से कम 14 मी x 8 मी होना चाहिए. साथ ही लाइब्रेरी में पर्याप्त किताबें व बच्चों की संख्या के हिसाब से अन्य सुविधाएं भी होनी चाहिए.
1- लाइब्रेरी में हर क्लास और बच्चों की उम्र के हिसाब से हर विषय की किताबें होनी चाहिए.
2- आज के समय की जरूरत को देखते हुए किताबों में ई-बुक्स, फिक्शन, नॉन फिक्शन, रेफरेंस बुक्स, एन्साइक्लोपीडिया, पीरियॉडिकल्स, मैगजीन, जर्नल और न्यूजपेपर जरूर होने चाहिए.
3- लाइब्रेरी में ऐसी कोई किताब या पठन सामग्री नहीं होनी चाहिए, जिससे स्टूडेंट्स धर्म, वर्ग, भाषा आदि के आधार पर उत्तेजित हों या उनके मन में दुर्भावनाएं आएं. सरकार या बोर्ड द्वारा अस्वीकृत किताबें लाइब्रेरी में नहीं रखी होनी चाहिए.
4- स्कूल में पढ़ने वाले सभी बच्चों को नियमित तौर पर लाइब्रेरी से किताबें इश्यू की जानी चाहिए.
5- स्कूल लाइब्रेरी के लिए समुचित बजट की व्यवस्था होनी चाहिए.

कंप्यूटर लैब कैसी हो?
सीबीएसई बोर्ड स्कूल में कंप्यूटर लैब का आकार कम से कम 9 मी x 6 मी होना चाहिए (कम से कम 600 स्क्वायर फीट)
1- स्कूल के पास कम से कम 20 कंप्यूटर होने चाहिए.
2- स्कूल के पास अच्छी स्पीड वाला इंटरनेट कनेक्शन होना अनिवार्य है.
3- अगर किसी स्कूल में 800 बच्चे हैं तो वहां कम से कम एक कंप्यूटर लैब होनी चाहिए.
4- अगर स्कूल में सीनियर सेकंडरी लेवल पर कंप्यूटर साइंस या आईटी जैसे विषयों की पढ़ाई करवाई जाती है तो समुचित व्यवस्थाओं के साथ एक अलग लैब भी होनी चाहिए.
5- स्कूल कंप्यूटर लैब में साइबर सेफ्टी का पूरा ध्यान रखा जाना चाहिए और स्टूडेंट्स को टीचर के सुपरविजन में ही लैब में एंट्री दी जानी चाहिए.

मैथ लैब कैसी हो?
स्कूलों के पास मैथ्स विषय के लिए अलग से एक लैब होनी चाहिए. उसका साइज एक सामान्य क्लास रूम जितना होना जरूरी है.

एक्सट्रा करिकुलर एक्टिविटीज का रूम कैसा हो?
अगर स्कूल के पास एरिया ज्यादा है तो म्यूजिक, डांस, आर्ट्स और स्पोर्ट्स आदि एक्टिविटीज के लिए अलग-अलग कमरे बनाए जा सकते हैं. स्कूल चाहें तो इन एक्टिविटीज के लिए एक बड़ा मल्टीपर्पस हॉल भी तैयार कर सकते हैं.

पीने के पानी, टॉयलेट व फिजिकल एक्टिविटीज के लिए क्या नियम हैं?
1- स्कूल के हर फ्लोर पर बच्चों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था होनी चाहिए.
2- स्कूल को हर फ्लोर पर लड़कों व लड़कियों के लिए अलग-अलग साफ-सुथरे वॉशरूम बनवाने चाहिए. प्राइमरी लेवल के स्टूडेंट्स के टॉयलेट अलग होने चाहिए. स्टाफ मेंबर्स के लिए भी अलग वॉशरूम की व्यवस्था होनी चाहिए.
3- स्कूल के हर क्लास में बच्चों और स्टाफ की संख्या के हिसाब से सही फर्नीचर होना चाहिए.
4- स्कूल में साइंस, होम साइंस, टेक्निकल विषयों, वोकेशनल विषयों और आर्ट एजुकेशन से जुड़े सभी उपकरण और सुविधाएं होनी चाहिए.
5- स्कूल में फायर सेफ्टी के नियमों का पालन होना चाहिए.
6- स्कूल में एथलेटिक ट्रैक और कबड्डी, खो-खो, वॉलीबॉल, बास्केटबॉल आदि आउटडोर गेम्स खेलने के लिए पर्याप्त जगह होनी चाहिए.

एक क्लास में कितने बच्चे रहेंगे?
हर सेक्शन में 40 बच्चों के बैठने की जगह होनी चाहिए. इसके अलावा सभी स्कूलों में क्लास का साइज वही होना चाहिए, जो एफिलिएशन बाई-लॉज़ में तय किया गया है.

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Tags: Cbse board, Cbse news, School news

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