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Chhattisgarh: ऑनलाइन क्लास के चक्कर में छूट गयी बच्चों की राइटिंग हैबिट, मिड टर्म एग्ज़ाम का बदल गया पैटर्न

Chhattisgarh: ऑनलाइन क्लास के चक्कर में छूट गयी बच्चों की राइटिंग हैबिट, मिड टर्म एग्ज़ाम का बदल गया पैटर्न

Chhattisgarh: सीबीएसई स्कूलों में इस वक्त एग्ज़ाम लिये जा रहे हैं

Chhattisgarh: सीबीएसई स्कूलों में इस वक्त एग्ज़ाम लिये जा रहे हैं

Chhattisgarh: कोरोना संक्रमण के दौरान स्कूल-कॉलेज पूरी तरह बंद रहे ऐसे में स्टूडेंट्स के लिए ऑनलाइन सिस्टम से ही पढ़ाई एक मात्र जरिया बन गया था. तकरीबन दो सालों तक कम्प्यूटर और स्मार्ट फोन से पढ़ाई का असर स्टूडेंट्स की राइटिंग स्किल्स पर भी पड़ा है.

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रायपुर. Chhattisgarh: छत्तीसगढ़ में पूरी क्षमता के साथ स्कूलों को खोले जाने के आदेश के कुछ दिनों बाद ही स्कूल स्टूडेंट्स के मिड टर्म एग्ज़ाम शुरू हो गये हैं. प्रदेश के सीबीएसई स्कूलों में इस वक्त एग्ज़ाम लिये जा रहे हैं लेकिन ऑनलाइन क्लासेस के दौरान बच्चों की राइटिंग हैबिट छूट गयी है, जिसके चलते स्कूलों ने एग्ज़ाम पैटर्न बदल दिया है.

कोरोना संक्रमण के दौरान स्कूल-कॉलेज पूरी तरह बंद रहे ऐसे में स्टूडेंट्स के लिए ऑनलाइन सिस्टम से ही पढ़ाई एक मात्र जरिया बन गया था. तकरीबन दो सालों तक कम्प्यूटर और स्मार्ट फोन से पढ़ाई का असर स्टूडेंट्स की राइटिंग स्किल्स पर भी पड़ा है. लगातार ऑनलाइन क्लास में पढ़ने की वजह से बच्चों की लिखने की गति पर इसका असर पड़ा है, कई स्टूडेंट्स की राइटिंग हैबिट छूट गयी है और कुछ की राइटिंग खराब हो गयी है. ऑनलाइन क्लासेस ने पढ़ाई को हाईटेक जरूर कर दिया लेकिन इससे छात्रों को नुकसान भी हुआ है. रायपुर के टैगोर नगर में रहने वाली पुनम जतकर ने बताया कि बच्चों की राइटिंग स्किल काफी कमज़ोर हो गयी है, जिससे की पेपर सॉल्व करना तक मुश्किल हो गया है. स्कूल की तरफ से असाइनमेंट और राइटिंग वर्क भी दिया जाता है लेकिन बच्चे इसे भी पूरा करने में आनाकानी करते है.

ऑनलाइन क्लासेस की वजह से खराब हुई राइटिंग स्किल के चलते स्कूलों ने भी मिड टर्म एग्ज़ाम का पैटर्न भी बदल दिया है. क्योंकि इस बार बोर्ड एग्ज़ाम भी कॉलेज में सेमेस्टर की तरह ही 2 टर्म में लिया जा रहा है. और दोनों टर्म में करीब आधा-आधा सिलेबस बांटा गया है और दोनों टर्म के मार्क्स को मिलाकर फाइनल रिज़ल्ट तैयार किया जा रहा है. लिहाज़ा एग्ज़ाम पैटर्न में भी बदलाव इस तरह से किया गया है ताकी राइटिंग हैबिट छूटने के बाद भी स्टूडेंट्स कोर्स कवर कर सकें और धीरे-धीरे राइटिंग स्किट और बेहतर हो सके.

रायपुर के एक निजी स्कूल की प्राचार्य नीता अवस्थी ने बताया कि ज्यादातर वन वर्ड वाले आंसर और ऑब्जेक्टिव को 50 प्रतिशत रखा गया है जबकि एग्ज़ाम में 50 प्रतिशत सब्जेक्टिव रखा गया है.

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Tags: Chhattisgarh news, Education

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