कर्नाटक में 17 नवंबर से कॉलेज की नियमित कक्षाएं, शिक्षकों को देनी होगी निगेटिव रिपोर्ट

डिग्री कॉलेजों ने कक्षाएं संक्रमण मुक्त करने के संबंध में तैयारियां शुरू की हैं.
डिग्री कॉलेजों ने कक्षाएं संक्रमण मुक्त करने के संबंध में तैयारियां शुरू की हैं.

विद्यार्थियों के पास विकल्प है कि वे या तो व्यक्तिगत तौर पर कक्षा में मौजूद रहें या ऑनलाइन क्लास के माध्यम से पढ़ाई करें.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 16, 2020, 5:24 PM IST
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नई दिल्ली. कर्नाटक में मंगलवार से डिग्री, इंजीनियरिंग और डिप्लोमा कॉलेजों को खोलने के सरकारी दिशा निर्देशोँ के बाद उच्च शैक्षणिक संस्थानों ने नियमित कक्षाओं को बहाल करने संबंधी तैयारियां शुरू कर दी. मार्च में कोरोना वायरस महामारी के प्रसार और उसे रोकने के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के बाद से देश में स्कूल और कॉलेज अभी तक बंद हैं.

शिक्षा विभाग ने 17 नवंबर से कॉलेज खोलने का निर्णय लिया
अब तक प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा विभाग ने स्कूल और डिग्री पूर्व कॉलेज खोलने के बारे में कोई निर्णय नहीं लिया है जबकि उच्च शिक्षा विभाग ने 17 नवंबर से कॉलेज खोलने का निर्णय लिया है. एक दिसंबर से मेडिकल, डेंटल, पारा मेडिकल, नर्सिंग और आयुष कॉलेज खोले जाएंगे.
कई सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त डिग्री कॉलेजों ने कक्षाएं संक्रमण मुक्त करने के संबंध में तैयारियां शुरू की हैं. कॉलेज तथा कक्षाओं के प्रवेश द्वारों पर सेनिटाइजर रखने की व्यवस्था की जा रही है.
शिक्षकों को निगेटिव रिपोर्ट पेश करनी होगा
सरकार ने कहा कि विद्यार्थियों के पास विकल्प है कि वे या तो व्यक्तिगत तौर पर कक्षा में मौजूद रहें या ऑनलाइन क्लास के माध्यम से पढ़ाई करें. शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को आरटी-पीसीआर जांच करा करके निगेटिव रिपोर्ट पेश करना होगा.



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माता-पिता से अनापत्ति प्रमाण पत्र लाना होगा
विद्यार्थियों को व्यक्तिगत तौर पर नियमित कक्षा में हिस्सा लेने के लिए माता-पिता से भी अनापत्ति प्रमाण पत्र लाना होगा. कॉलेजों के खुलने से पहले कर्नाटक के उप मुख्यमंत्री डॉक्टर सी एन अश्वत्थ नारायण ने संवाददाताओं से कहा कि वह कोरोना वायरस के संबंध में कॉलेजों को पहले ही दिशानिर्देश जारी कर चुके हैं. नारायण के पास राज्य में उच्च शिक्षा मंत्रालय का पदभार भी है.
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