DU के इन चार कॉलेजों के इंप्लाइज को मिल जाएगी सैलरी, मंजूर हुए 19 करोड़ रुपए

दिल्ली यूनिवर्सिटी के इन कॉलेजों के कर्मचारियों को अब सैलरी मिल जाएगी.
दिल्ली यूनिवर्सिटी के इन कॉलेजों के कर्मचारियों को अब सैलरी मिल जाएगी.

यह राशि अदिति महाविद्यालय, भगिनी निवेदिता कॉलेज, शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज और डॉ बीआर अंबेडकर कॉलेज के लिए मंजूर की गई.

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  • Last Updated: November 10, 2020, 2:59 PM IST
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नई दिल्ली. दिल्ली सरकार ने उसके द्वारा वित्तपोषित दिल्ली विश्वविद्यालय के चार कॉलेजों के कर्मचारियों के वेतन भुगतान के लिए सोमवार को 19 करोड़ रुपये से अधिक राशि की मंजूरी दी. एक आधिकारिक आदेश में यह जानकारी दी गई.

इन कॉलेजों के लिए मंजूर हुई राशि
यह राशि अदिति महाविद्यालय, भगिनी निवेदिता कॉलेज, शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ बिजनेस स्टडीज और डॉ बीआर अंबेडकर कॉलेज के लिए मंजूर की गई.

 बकाया वेतन के भुगतान के लिए 19.40 करोड़ रुपये
उच्च शिक्षा उपनिदेशक नरेन्द्र पासी ने आधिकारिक आदेश में कहा कि दिल्ली सरकार द्वारा वित्त पोषित दिल्ली विश्वविद्यालय के चार कॉलेजों के कर्मचारियों के बकाया वेतन के भुगतान के लिए 19.40 करोड़ रुपये और वेतन के अतिरिक्त मदों के लिए 1.675 करोड़ रुपये की राशि जारी करने की मंजूरी दी गई है.



हालांकि, यह फैसला भी कॉलेजों के लिए धन जारी करने को लेकर आम आदमी पार्टी की व्यवस्था के साथ असहमत दिल्ली विश्वविद्यालय शिक्षक संघ (डीयूटीए) को संतुष्ट नहीं कर पाया.

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दिल्ली उच्च न्यायालय ने किया था ये फैसला
इससे पहले दिल्ली उच्च न्यायालय ने कहा था कि आप सरकार और दिल्ली विश्वविद्यालय के कॉलेजों के बीच आरोप-प्रत्यारोप में शिक्षकों को पिसने के लिए नहीं छोड़ा जा सकता है . अदालत ने छात्र सोसायटी निधि से कर्मियों के बकाये वेतन के भुगतान के निर्णय को चुनौती देने वाली एक अर्जी पर सुनवाई करते हुए यह बात कही थी.

12 महाविद्यालयों को 1500 से अधिक अध्यापकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों की तनख्वाह
उच्च न्यायालय ने दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ (डूसू) को इस याचिका में कॉलेजों को पक्ष बनाने को कहा था. डूसू ने दिल्ली सरकार के 16 अक्टूबर के आदेश को चुनौती दी है जिसमें सरकार द्वारा पूर्ण वित्तपोषित 12 महाविद्यालयों को 1500 से अधिक अध्यापकों एवं शिक्षणेत्तर कर्मियों की तनख्वाह का भुगतान करने कहा गया था.

मुद्दों का समाधान करना विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी
अदालत ने यह भी कहा कि दिल्ली विश्वविद्यालय अपने सभी कॉलेजों का अभिभावक है तथा चीजें दुरूस्त रखना और मुद्दों का समाधान करना विश्वविद्यालय की जिम्मेदारी है.
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