12वीं तक शिक्षा के अधिकार अधिनियम का विस्तार न करने पर दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय शिक्षा सचिव से मांगा जवाब

12वीं तक के बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने को लेकर कानून में संशोधन करने को कहा गया था.

दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय शिक्षा सचिव से मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च से पहले जवाब दाखिल करने को कहा है.

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नई दिल्ली. कोर्ट आदेश के बावजूद ईडब्ल्यूएस श्रेणी के बच्चों को निजी स्कूलों में 12वीं क्लास तक मुफ्त शिक्षा देने को लेकर शिक्षा का अधिकार कानून में संशोधन नहीं किए जाने पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार को आड़े हाथ लिया.

दिल्ली हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए दिल्ली सरकार के वकील से कहा कि उसे 12वीं तक के बच्चों को मुफ्त शिक्षा देने को लेकर कानून में संशोधन करने को कहा गया था. इसके बावजूद भी संशोधन नहीं किया गया. आखिर आठवीं पास करने के बाद ईडब्ल्यूएस श्रेणी के बच्चे जाएंगे कहां.

कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए केंद्रीय शिक्षा सचिव को विस्तृत हलफनामा दाखिल कर यह बताने के लिए कहा है कि उन्होंने शिक्षा के अधिकार कानून के तहत ईडब्ल्यूएस श्रेणी के बच्चों के लिए 12वीं कक्षा तक निशुल्क शिक्षा का प्रावधान करने के आदेश का पालन क्यों नहीं किया है.

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दिल्ली हाइकोर्ट ने यह आदेश वकील अशोक अग्रवाल की अवमानना याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया है. दिल्ली हाईकोर्ट ने केंद्रीय शिक्षा सचिव से मामले की अगली सुनवाई 17 मार्च से पहले जवाब दाखिल करने को कहा है.