DU admission 2021: डीयू में दाखिले मेरिट के आधार पर, दाखिला प्रक्रिया 15 जुलाई के आस पास शुरू

"दिल्ली विश्वविद्यालय को भी लगता है कि हमारे छात्रों का स्वास्थ्य और सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है."

दिल्ली विश्वविद्यालय के कंप्यूटर सेंटर (DUCC) के संयुक्त निदेशक प्रोफेसर संजीव सिंह ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा दिशा-निर्देश जारी करने के बाद विश्वविद्यालय CUCET के आधार पर छात्रों को प्रवेश दे सकता है.

  • Share this:

नई दिल्ली. दिल्ली विश्वविद्यालय इस साल छात्रों को मेरिट के आधार पर प्रवेश देने जा रहा है. यह निर्णय सीबीएसई 12वीं की बोर्ड 2021रद्द करने के बाद लिया गया. दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति पीसी जोशी ने यूजी पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश प्रक्रिया के संबंध में बात की. पढ़ें उन्होंने क्या कहा.

DU VC पीसी जोशी- दिल्ली यूनिवर्सिटी में मार्क्स के आधार पर एडमिशन होता है. इस बार परीक्षा नहीं होने की सूरत में जो मार्क्स अलग-अलग बोर्ड से आएँगे उसी आधार पर हम एडमिशन लेंगे और उसी को मेरिट का आधार बनाएँगे. बोर्ड को एक मार्कशीट देनी है, जिसमें उनको नंबर मिलेंगे. अब ये एक चुनौती है हमारे सामने. कुछ बोर्ड ज़्यादा मार्क्स दे दें और कुछ बोर्ड कंज़र्वेटिव हों, कम मार्क्स दे दें. अगर ऐसा लगेगा हमें तो हमारी स्टैंडिंग कमेटी या हमारी एडमिशन कमेटी है, इसे संज्ञान में लेकर ऐसा कोई formula निकालेगी, ताकि सभी स्टूडेंट्स आ जायें और ऐसा हो सकता है.

सभी बोर्ड स्वायत्त संस्थाए हैं, हम उन्हें सलाह नहीं देंगे, सिर्फ़ उनसे इतना कहेंगे कि जो अच्छे स्टूडेंट्स हैं उनके ज़्यादा मार्क्स हों और जो उनसे थोड़े कम हों उनके कम मार्क्स हों. अर्थात मेरिट मेधावी छात्रों के हिसाब से हो. इसमें चुनौती होंगी लेकिन हम online एडमिशन होगा जो contactless एडमिशन होंगे.

प्रोफेसर राजीव गुप्ता, चेयर पर्सन एडमिशन डीयू- DU के दाखिला की प्रक्रिया 15 जुलाई के आस पास शुरू होगी, जब हम रजिस्ट्रेशन शुरू कर देंगे. उसके 15 दिन या एक महीने के बाद दाख़िला की प्रक्रिया शुरू करेंगे. एडमिशन की प्रक्रिया पिछले सालक की तरह online होगी. इसको और सुदृढ़ करेंगे. सभी बोर्ड अपनी ज़िम्मेदारी से काम करते हैं, मार्क्स देना उनका विषय है, हम अपने स्तर पर ये कर सकते हैं कि एडमिशन प्रोसेस में उनके मेरिट के हिसाब से एडमिशन हो.
कुलपति पीसी जोशी ने न्यूज एजेंसी को भी बताया, मेरिट आंकने का कोई तरीका होगा. ये असाधारण परिस्थितियां हैं. सेंट्रल यूनिवर्सिटीज कॉमन एंट्रेंस टेस्ट एक अच्छा तरीका हो सकता है क्योंकि यह अखिल भारतीय योग्यता (pan-India merit) पर आधारित होगा.

जोशी ने यह भी कहा, 'डीयू मेरिट के आधार पर समझौता नहीं करेगा. हम नई स्थिति के साथ तालमेल बिठाएंगे और देखेंगे कि कौन सा तरीका विकसित किया जाना है. हम इंतजार करेंगे और देखेंगे कि बोर्ड छात्रों के मूल्यांकन के लिए क्या मानदंड अपनाते हैं.'

पीसी जोशी सीयूसीईटी समिति के सदस्य हैं, उन्होंने शिक्षा मंत्रालय को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी. सभी केंद्रीय विश्वविद्यालयों के लिए एक सामान्य प्रवेश परीक्षा आयोजित करने का निर्णय पेंडिंग है.



डीयू के एडमिशन अध्यक्ष प्रोफेसर राजीव गुप्ता ने कहा, "दिल्ली विश्वविद्यालय देश में COVID-19 महामारी के मद्देनजर आगामी सीबीएसई बोर्ड परीक्षाओं को रद्द करने के लिए भारत सरकार द्वारा लिए गए निर्णय का पूरा समर्थन करता है." उन्होंने आगे कहा, "दिल्ली विश्वविद्यालय को भी लगता है कि हमारे छात्रों का स्वास्थ्य और सुरक्षा अत्यंत महत्वपूर्ण है."

गुप्ता ने कहा, "दिल्ली विश्वविद्यालय परिणाम घोषित करने के संबंध में सीबीएसई के फैसले का इंतजार कर रहा था" दिल्ली विश्वविद्यालय के कंप्यूटर सेंटर (DUCC) के संयुक्त निदेशक प्रोफेसर संजीव सिंह ने कहा कि शिक्षा मंत्रालय द्वारा दिशा-निर्देश जारी करने के बाद विश्वविद्यालय CUCET के आधार पर छात्रों को प्रवेश दे सकता है.

ये भी पढ़ें-

CBSE 12th Board Results : यूपी, मध्य प्रदेश और राजस्थान में भी रद्द हो सकती हैं 12वीं की परीक्षाएं, देखें डिटेल

UP Board Exam 2021: तो यूपी में भी रद्द होगी 12वीं परीक्षा! जानिए डिप्टी सीएम दिनेश शर्मा ने क्या कहा?

उन्होंने कहा, "हम पूरी तरह तैयार हैं. जैसे ही हमें दिशानिर्देश मिलेंगे, हम तैयार हो जाएंगे." डीयू सामान्य परिस्थितियों में नौ स्नातक पाठ्यक्रमों में प्रवेश देने के लिए प्रवेश परीक्षा आयोजित करता है. परीक्षण राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित किए जाते हैं.

सभी राज्यों की बोर्ड परीक्षाओं/ प्रतियोगी परीक्षाओं, उनकी तैयारी और जॉब्स/करियर से जुड़े Job Alert, हर खबर के लिए फॉलो करें- https://hindi.news18.com/news/career/

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज