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Parliament Monsoon Session: देश के आठ IIT संस्थानों में चेयरमैन के पद रिक्त

Parliament Monsoon Session: आईआईटी ही नहीं, एनआईटी में भी टॉप के कई पद खाली हैं.

Parliament Monsoon Session: आईआईटी ही नहीं, एनआईटी में भी टॉप के कई पद खाली हैं.

Parliament Monsoon Session: देश के प्रतिष्ठित आईआईटी संस्थानों में कई महत्वपूर्ण पद खाली हैं. यह जानकारी मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने दी है.

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    नई दिल्ली. देश के आठ इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) संस्थानों में चेयरमैन के पद रिक्त हैं. जबकि पांच संस्थान बिना किसी नियमित डायरेक्टर के चल रहे हैं. यह जानकारी केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने मानसून सत्र के दौरान लोकसभा में पूछे गए एक सवाल के जवाब में दी है. उन्होंने बताया कि सिर्फ आईआईटी ही नहीं, एनआईटी में भी टॉप के कई पद खाली हैं. उन्होंने एक अन्य सवाल के जवाब में साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और मैथ्स (STEM) में एनरोलमेंट कराने वाले छात्रों की संख्या की भी जानकारी दी. ऑल इंडिया सर्वे ऑन हायर एजुकेशन केअनुसार, 2019-2020 में एसटीईएम में 53,52,258 छात्र और 40,71,533 छात्राओं ने एनरोलमेंट कराया था.

    शिक्षा मंत्री ने बताया कि सांइस एवं टेक्नोलॉजी विभाग ने एसटीईएम में छात्राओं की संख्या बढ़ाने के लिए कई आवश्यक कदम उठाए हैं. जिसमें वीमेन एक्सक्लूसिव स्कीम जैसे इनवॉल्वमेंट रिसर्च एडवांसमेंट थ्रू नर्चरिंग (KIRAN) शामिल है. इ सका मकसद साइंस और तकनीक के फील्ड में महिलाओं की संख्या बढ़ाना है. इसके अलावा कामकाजी महिला वैज्ञानिकों के लिए मोबिलिटी नाम की स्कीम भी शुरू की गई है. साथ ही साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग, मैथ्स और मेडिसिन की पढ़ाई कर रही महिलाओं के लिए यूएस-इंडो फेलोशिप लॉन्च की गई है.

    नौवीं से 12वीं तक की छात्राओं के लिए विज्ञान ज्योति
    एसटीईएम में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए नौवीं से 12वीं तक की छात्राओं के लिए एक नया कार्यक्रम विज्ञान ज्योति शुरू किया गया है. यह कार्यक्रम विशेष रूप से उन महिलाओं पर केंद्रित है जिन्हें कम प्रतिनिधित्व दिया गया है. प्रधान ने कहा कि जेंडर एडवांसमेंट फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंस्टीट्यूशंस (GATI) की शुरुआत 2019-2020 में की गई थी. इसका मकसद शिक्षण संस्थानों को अधिक जेंडर सेंस्टिव अप्रोच वाला बनाना है.

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