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    असम, उत्तराखंड में 7 महीनों बाद इन सावधानियों के साथ फिर खुले शैक्षिक संस्थान

    असम में कक्षा पांच तक के छात्रों के लिए कक्षाएं बंद रहीं.
    असम में कक्षा पांच तक के छात्रों के लिए कक्षाएं बंद रहीं.

    संस्थानों के प्रमुखों के अनुसार उन्होंने सैनिटाइजेशन पर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन किया.

    • News18Hindi
    • Last Updated: November 3, 2020, 4:47 PM IST
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    नई दिल्ली. असम में प्राथमिक विद्यालयों को छोड़कर सभी शिक्षण संस्थानों को कोविड-19 नियमों का पालन सुनिश्चित करते हुए सोमवार को फिर से खोला गया. ये संस्थान महामारी के कारण सात महीने से बंद थे. कक्षा पांच तक के छात्रों के लिए कक्षाएं बंद रहीं, लेकिन कक्षा छह से छात्रों के लिए फिर से कक्षाओं की शुरूआत हुई.

    सैनिटाइजेशन पर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन किया
    राज्य में कॉलेज, इंजीनियरिंग कॉलेज, विश्वविद्यालय, पॉलिटेक्निक, निजी शिक्षण संस्थान, सरकारी और निजी प्रशिक्षण और कोचिंग संस्थान सरकारी आदेश के अनुसार फिर से खुल गए. संस्थानों के प्रमुखों के अनुसार उन्होंने सैनिटाइजेशन पर मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन किया.

    सामाजिक दूरी बनाये रखने संबंधी नियमों का पालन
    छात्रों, शिक्षकों और गैर-शिक्षक स्टॉफ को मास्क पहने हुए और सामाजिक दूरी बनाये रखने संबंधी नियमों का पालन करते हुए देखा गया. छात्रों की उपस्थिति को अनिवार्य नहीं बनाया गया है और उन्हें ऑनलाइन कक्षाओं का चयन करने की स्वतंत्रता दी गई है. हालांकि जो छात्र कक्षाओं में आना चाहते है उन्हें एसओपी के अनुसार अपने अभिभावकों से अनापत्ति प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने की जरूरत होगी.



    एसओपी का पालन नहीं तो सरकार का उद्देश्य असफल
    राज्य के शिक्षा और स्वास्थ्य मंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने पत्रकारों से कहा, ‘‘असम के लिए आज एक चुनौतीपूर्ण दिन है. स्कूलों और कॉलेजों को आज से फिर से खोल दिया गया है. मुझे स्कूलों को फिर से खोलने के इस फैसले पर दो राय के बारे में पता है.’’ सरमा ने चेताया कि यदि स्कूलों और कॉलेजों ने एसओपी का पालन नहीं किया तो सरकार का उद्देश्य असफल हो जायेगा.

    उत्तराखंड में कई प्रतिष्ठित निजी स्कूल अभी नहीं खुले
    उत्तराखंड में सोमवार से दसवीं और 12 वीं कक्षाओं के लिए ज्यादातर स्कूल खुल गए लेकिन छात्रों की उपस्थिति बेहद कम रही . हालांकि, कई प्रतिष्ठित निजी स्कूल अभी नहीं खुले हैं और माना जा रहा है कि कोविड दिशानिर्देशों के अनुसार औपचारिकताएं पूरी करने के बाद वे भी जल्द ही खोल दिए जाएंगे.

    कोविड-19 से बचाव के लिए सभी सुरक्षात्मक उपाय किए 
    आठ महीने बाद 10 वीं और 12 वीं के लिए खुले स्कूलों में कोविड-19 से बचाव के लिए सभी सुरक्षात्मक उपाय किए गये है. स्कूलों के गेट पर छात्रों की थर्मल स्क्रीनिंग की गयी और मास्क पहनकर न आने वाले छात्रों को मास्क दिया गया. स्कूलों की इमारतों को पूरी तरह सैनिटाइज किया गया और छात्रों के बैठने की व्यवस्था में सामाजिक दूरी का पालन किया गया .

    उत्तराखंड सरकार ने दो नवंबर से 10 वीं और 12 वीं की कक्षाएं शुरू करने का फैसला
    सोमवार से न खुलने वाले कई प्रतिष्ठित निजी स्कूल संचालकों ने बताया कि दीवाली के बाद स्कूल खोल दिए जाएंगे. केंद्र सरकार द्वारा स्कूलों को खोले जाने के संबंध में निर्णय लेने का जिम्मा राज्य सरकारों पर डाले जाने के बाद उत्तराखंड सरकार ने दो नवंबर से 10 वीं और 12 वीं की कक्षाएं शुरू करने का फैसला किया था .

     अनुभवों के आधार पर आगे अन्य बच्चों के लिए स्कूल खोलने पर विचार
    मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने इस संबंध में रविवार को कहा था कि बोर्ड का इम्तहान देने वाले 10 वीं और 12 वीं के बच्चों के लिए कक्षाएं शुरू करने के बाद उसके अनुभवों के आधार पर आगे अन्य बच्चों के लिए स्कूल खोलने पर विचार होगा . उत्तराखंड मंत्रिमंडल की 14 अक्टूबर को हुई बैठक में दसवीं और 12वीं के स्कूल दो नवंबर से खोलने का निर्णय लिया था और स्कूल प्रबंधन को कोविड महामारी के चलते जारी दिशा निर्देशों जैसे मास्क पहनना, सामाजिक दूरी और सैनिटाइजेशन जैसे सुरक्षात्मक उपायों का कडाई से अनुपालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए थे .

    कंबोडिया (Southeast Asian nation) में मार्च से बंद स्कूल फिर से खुले
    कंबोडिया में मार्च के बाद पहली बार सोमवार को देशभर में स्कूल खुल गए लेकिन कक्षा के घंटे घटा दिए गए हैं. शिक्षा मंत्री हांग चुओन नरोन ने कहा कि कक्षा में उपस्थित होने के दौरान अगर कोई छात्र संक्रमित हुआ तो स्कूलों को बंद करने पर विचार किया जाएगा. उन्होंने कहा कि छात्रों और शिक्षकों को सावधानी बरतते हुए और सुरक्षा के उपायों के साथ काम करना सीखना होगा क्योंकि यूरोप और अमेरिका में कोविड-19 के मामले लगातार आ रहे हैं और अब तक टीका भी तैयार नहीं हुआ है .

    अच्छे नतीजे मिलने के बाद आगे का फैसला
    शिक्षा मंत्री ने कहा कि इस चरण में अच्छे नतीजे मिलने के बाद राष्ट्रीय स्तर पर स्कूलों को फिर से खोलने की मंजूरी देने का फैसला किया गया. कंबोडिया में संक्रमण के मामले नहीं बढ़े हैं और सीमा पर भी अच्छा नियंत्रण है.

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    कक्षा के आकार और घंटों को भी घटाया
    कक्षा के आकार और घंटों को भी घटा दिया गया है. कोरोना वायरस के संबंध में स्वास्थ्य मंत्रालय के नियमों के तहत स्कूली बस, पुस्तकालय, शारीरिक शिक्षा और कैंटीन में गतिविधियां होंगी. शिक्षा मंत्री ने कहा, इसलिए हमारे दो लक्ष्य है. एक हमारे छात्रों, हमारे शिक्षकों के साथ ही समुदाय की सुरक्षा, दूसरा हर किसी के लिए पठन-पाठन को फिर से शुरू करना. कंबोडिया में संक्रमण के कुल 292 मामले सामने आए और किसी की मौत नहीं हुई है.
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