Home /News /education /

elementary education of children should be in mother tongue vice president m venkaiah naidu

बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा मातृभाषा में होनी चाहिए : उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू

बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा मातृभाषा में होनी चाहिए : उपराष्ट्रपति

बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा मातृभाषा में होनी चाहिए : उपराष्ट्रपति

उपराष्ट्रपति ने कहा, 'यदि बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा उनकी मातृभाषा में दी जाए तो वे उसे आसानी से समझ सकेंगे. लेकिन, यदि प्रारंभिक शिक्षा किसी अन्य भाषा में दी जाती है, तो पहले उन्हें वह भाषा सीखनी होगी और फिर वे समझेंगे.' उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों को पहले अपनी मातृभाषा सीखनी चाहिए और फिर दूसरी भाषाएं सीखनी चाहिए.

अधिक पढ़ें ...

    नई दिल्ली. उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नायडू ने मातृभाषा में शिक्षा के महत्व पर बल देते हुए रविवार को कहा कि बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा मातृभाषा में होनी चाहिए. नायडू ने दिल्ली विश्वविद्यालय (डीयू) के शताब्दी समारोह के उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए यह बात कही. उन्होंने कहा कि भारतीय शिक्षा प्रणाली को ‘हमारी संस्कृति’ पर भी ध्यान देना चाहिए. उपराष्ट्रपति ने कहा, ‘यदि बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा उनकी मातृभाषा में दी जाए तो वे उसे आसानी से समझ सकेंगे. लेकिन, यदि प्रारंभिक शिक्षा किसी अन्य भाषा में दी जाती है, तो पहले उन्हें वह भाषा सीखनी होगी और फिर वे समझेंगे.’ उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों को पहले अपनी मातृभाषा सीखनी चाहिए और फिर दूसरी भाषाएं सीखनी चाहिए.

    नायडू ने कहा, ‘सभी को अपनी मातृभाषा में प्रवीण होना चाहिए और उससे संबंधित मूल विचारों का बोध होना चाहिए.’ दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलाधिपति उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू शताब्दी समारोह कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए जबकि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान विशिष्ट अतिथि थे. उपराष्ट्रपति ने इस अवसर पर सौ रुपये का एक स्मारक सिक्का, एक स्मारक शताब्दी टिकट और दिल्ली विश्वविद्यालय के अब तक के सफर को प्रदर्शित करने वाली एक स्मारक शताब्दी पुस्तिका भी जारी की.

    ये भी पढ़ें-
    MPPSC SSE Exam: मध्य प्रदेश में इन भर्ती परीक्षाओं के लिए फिर शुरू होंगे आवेदन, मिलेगी सरकारी नौकरी
    Rubber Board Recruitment 2022: सरकारी नौकरी के लिए आवेदन की लास्ट डेट कल, 34 हजार मिलेगी सैलरी

    डीयू के 100 साल पूरे
    उपराष्ट्रपति ने दिल्ली विश्वविद्यालय को 100 साल पूरे करने पर बधाई भी दी. उन्होंने कहा, ‘मैं इस विश्वविद्यालय की उन्नति, विकास और प्रगति के लिए तथा इसे प्रतिष्ठित संस्थानों में से एक बनाने के लिए सभी लोगों को बधाई देना चाहता हूं.’ इस अवसर पर स्नातक पाठ्यचर्या की रूपरेखा-2022 (हिंदी संस्करण) और स्नातक पाठ्यचर्या की रूपरेखा- 2022 (संस्कृत संस्करण) भी जारी किया गया. साथ ही विश्वविद्यालय द्वारा हासिल की गईं उपलब्धियों को दर्शाने वाली पुस्तिका ‘दिल्ली विश्वविद्यालय:एक झलक’ भी जारी की गयी.

    Tags: Education news, M. Venkaiah Naidu, School education

    विज्ञापन

    राशिभविष्य

    मेष

    वृषभ

    मिथुन

    कर्क

    सिंह

    कन्या

    तुला

    वृश्चिक

    धनु

    मकर

    कुंभ

    मीन

    प्रश्न पूछ सकते हैं या अपनी कुंडली बनवा सकते हैं ।
    और भी पढ़ें
    विज्ञापन

    टॉप स्टोरीज

    अधिक पढ़ें

    अगली ख़बर