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Entrance Exam Preparation Tips: किस क्लास से शुरू करें प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी?

Entrance Exam Preparation Tips: किस क्लास से शुरू करें प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी?

कब शुरू करें एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी

कब शुरू करें एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी

Entrance Exam Preparation Tips: आज-कल मेडिकल और इंजीनियरिंग के एंट्रेंस एग्जाम के लिए काफी छोटी क्लास से ही कोचिंग की शुरुआत हो जाती है. बच्चे हों या उनके अभिभावक, सभी इस बात को लेकर कंफ्यूज रहते हैं कि इन कोचिंग क्लासेस में एडमिशन की सही उम्र क्या है.

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    नई दिल्ली (Entrance Exam Preparation Tips). इंजीनियरिंग और मेडिकल, इन दोनों ही क्षेत्रों में एडमिशन के लिए छात्रों को कठिन प्रतियोगी परीक्षा (Competitive Exams After 12th) देनी होती है. कुछ छात्र तो इसके लिए कई सालों तक तैयारी करते हैं. आज-कल कई ऐसी कोचिंग क्लासेस (Coaching Classes) हैं, जो क्लास 6 से ही बच्चों को इन एंट्रेंस एग्जाम (Entrance Exam) के लिए तैयार करने लग जाती हैं. अगर आप भी बच्चों की पढ़ाई (Education) को लेकर असमंजस में हैं तो पढ़ें यह लेख.

    इसमें कोई शक नहीं है कि प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी (Competitive Exams After 12th) करना बिल्कुल भी आसान नहीं है. लेकिन बच्चों को 6वीं, 7वीं या 8वीं से उनकी तैयारी कराने से उनकी ग्रोथ पर फर्क पड़ सकता है. कम उम्र से ही वे प्रेशर में रहने लगेंगे. जानिए एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी (Entrance Exam Preparation) कराने की सही उम्र.

    कक्षा 9वीं से होगी सही शुरुआत
    कक्षा 9वीं के छात्र अपने करियर (Career) को लेकर थोड़े फोकस्ड होते हैं. 6वीं, 7वीं या 8वीं की तुलना में वे एंट्रेंस एग्जाम (Entrance Exam) को ज्यादा गंभीरता से समझेंगे. इसलिए एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी इस क्लास से बेहतर रहेगी.
    – कक्षा 9वीं से प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी की शुरुआत करने से सभी विषयों के बेसिक्स आसानी से क्लियर हो जाते हैं. मेडिकल या इंजीनियरिंग की प्रतियोगी परीक्षा (Engineering Entrance Exam) की तैयारी में इन्हें ही विस्तार से पढ़ाया जाता है.
    – सभी विषयों पर अपनी अच्छी पकड़ के लिए कक्षा 9वीं के छात्रों के पास बहुत समय होता है.
    – कठिन सवालों की प्रैक्टिस, टाइम मैनेजमेंट की समझ और परीक्षा में होने वाली आम गलतियों को सुधारने के लिए भी खूब समय मिल जाता है.

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    11वीं में भी शुरू कर सकते हैं तैयारी
    अगर आप किसी भी वजह से 9वीं कक्षा से तैयारी शुरू नहीं कर पाए थे तो 11वीं कक्षा में भी बहुत देर नहीं हुई है.
    – अपनी किताबों को लेकर ज्यादा कंफ्यूज न रहें. NCERT की किताबों (NCERT Books) को अच्छी तरह से पढ़ें. किसी भी सब्जेक्ट के लिए 1 या 2 से ज्यादा रेफरेंस बुक्स न रखें.
    – पिछले सालों के प्रश्न-पत्रों को अच्छी तरह से हल करें. इससे काफी मदद मिलेगी.
    – जब भी समय मिले, पहले पढ़े हुए टॉपिक्स को अच्छी तरह रिवाइज करते रहें.
    – जिस सब्जेक्ट में भी कमजोर हों, उस पर एक्सट्रा टाइम दें और उसके नोट्स अच्छी तरह से तैयार करें.
    – सभी जरूरी फॉर्मूलों और पॉइंट्स के नोट्स बनाएं ताकि उन्हें भूलने पर रिवाइज करना आसान रहे.
    – एग्जाम की तरह प्रैक्टिस पेपर्स, सैंपल पेपर्स, मॉक टेस्ट की प्रैक्टिस करते रहें.

    Tags: Career Guidance, Coaching class, Education, Entrance exams, Medical Students, NCERT, School education

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