• Home
  • »
  • News
  • »
  • education
  • »
  • Know our Army Pride: पाक की धरती पर भारतीय सेना का पहला जवाबी हमला, सबसे पहले यहां लहराया था तिरंगा

Know our Army Pride: पाक की धरती पर भारतीय सेना का पहला जवाबी हमला, सबसे पहले यहां लहराया था तिरंगा

Indo-Pakistani War 1965: अब तक भारतीय सेना की कार्रवाई अपने देश घुसने का प्रयास कर रही दुश्‍मन सेना के खिलाफ थी. 6 सितंबर 1965 को भारतीय सेना ने पहली बार पाकिस्‍तान की सरजमी पर सैन्‍य कार्रवाई को अंजाम दिया और लाहौर तक भारतीय परचम फहराने लगा.

  • News18Hindi
  • Last Updated :
  • Share this:

नई दिल्‍ली. ऑपरेशन जिब्राल्‍टर में करारी हार के बाद, पाकिस्‍तान ने ऑपरेशन ग्रैंड स्‍लैम की शुरूआत की थी. ऑपरेशन ग्रैंड स्‍लैम के तहत, पाकिस्‍तान ने जम्‍मू और कश्‍मीर के अंतर्गत आने वाले अखनूर शहर पर कब्‍जा करने की नापाक साजिश रची. साजिश के तहत, पाकिस्‍तान ने 1 सितंबर 1965 को हमला बोल दिया. हालांकि, यह बात दीगर है कि भारतीय सेना के जाबांजों ने पाकिस्‍तान के इस हमले को नाकाम कर दिया. पाकिस्‍तान की इस नापाक हरकत को देखने के बाद भारत ने जवाबी कार्रवाई का फैसला कर लिया. इस बार जवाबी कार्रवाई भारत में नहीं, बल्कि पाकिस्‍तान की जरजमीं पर होनी थी.

योजना के तहत, भारतीय सेना को इछोगिल नहर के पूर्वी क्षेत्र में स्थित पाकिस्‍तान के सभी इलाकों पर कब्‍जा करना था. योजना को अमलीजामा पहनाने की जिम्‍मेदारी इंडियन इलेवन कोर की तीन डिवीजनों को दी गई. इनको उत्‍तर में पठानकोट से लेकर दक्षिण में सूरतगढ़ तक भारतीय परचम फहराना था. इस पूरे इलाके को तीन हिस्‍सों में बांटा गया था. 15 डिवीजन को उत्‍तरी क्षेत्र के साथ जीटी रोड एक्सिस, 7 डिवीजन को केंद्रीय क्षेत्र के साथ खलरा-बकरी एक्सिस और 4 माउंटेन डिवीजन को खेमकरण-कसूर एक्सिस के साथ दक्षिण क्षेत्र को अपने कब्‍जे में लेने की जिम्‍मेदारी सौंपी गई थी.

लाहौर के बाहर इलाके बाटापुर तक पहुंची भारतीय सेना
भारतीय सेना ने पाकिस्‍तान के खिलाफ अपनी जवाबी कार्रवाई 6 सितंबर 1965 की सुबह करीब 4 बजे शुरू की. कार्रवाई शुरू होने के साथ भारतीय सेना ने अपने परचम लहराना शुरू कर दिए. देखते ही देखते डोगराई पर भारतीय परचम लगराने लगा. देखते ही देखते भारतीय सेना बरकी गांव के समीप से इछोगिल नहर को पार करने में सफल हो गई. इछोगिल नहर के पार भारतीय सेना ने एक ब्रिजहेड की स्‍थापना की गई और भारतीय सेना लाहौर के बाहरी इलाके बाटापुर तक पहुंचने में कामयाब हो गई. अब लाहौर के हवाई अड्डे और भारतीय सेना के बीच का फासला चंद कदमों का बचा था.

यह भी पढ़ें: Battle of Haji Pir Pass: भारतीय सेना की पहली सर्जिकल स्‍ट्राइक और POK के हाजीपीर दर्रे पर फहराया गया तिरंगा

Indo-Pakistani War 1965 Indian Army 6 September military action Pakistan Ichogil Lahore nodakm - Know our Army Pride: पाक की धरती पर भारतीय सेना का पहला जवाबी हमला, सबसे पहले यहां लहराया था तिरंगा Know our Army Pride, Indo-Pakistani War 1965, Indian Army, 6 September 1965, India's first military action on Pakistan, Indian Army reaches Ichogil Nagar, Pakistani Army, Lahore, Know our Army Pride, भारत-पाकिस्‍तान युद्ध 1965, भारतीय सेना, 6 सितंबर 1965, पाकिस्‍तान पर भारत की पहली सैन्‍य कार्रवाई, इछोगिल नगर, पाकिस्‍तानी सेना, लाहौर तक पहुंची भारतीय सेना,

लाहौर (पाकिस्‍तान) जिले के अंतर्गत आने वाले बरकी पुलिस स्‍टेशन पर लहराता भारतीय तिरंगा.

यह भी पढ़ें: Indo-Pakistan War 1965: कश्‍मीर पर कब्‍जा करने के लिए पाकिस्‍तान ने रची थी ये तीन साजिशें, पढ़ें पूरी कहानी..

पाकिस्‍तान के बिरकी में भी लहराने लगा भारतीय परचम
उतरी क्षेत्र की तरह, केंद्रीय क्षेत्र में भी भारतीय सेना अपने परचम लहरा रही थी. यहां भारतीय सेना की 7वीं इन्फैंट्री डिवीजन ने पाकिस्‍तानी सेना को परास्‍त कर खलरा-बरकी एग्सिस को अपने कब्‍जे में ले लिया था. बताते हैं कि बरकी की लड़ाई भारतीय सेना के लिए आसान नहीं थी. इस इलाके को पाकिस्‍तानी सेना ने बेहद मजबूत बंकरों से सुरक्षित किया था. हालांकि यह बाद दीगर है कि भारतीय सेना की 4 सिख रेजीमेंट के वीर जवानों ने सभी प्रतिरोधों को तोड़ दिया और 10 सितंबर की रात 9:30 बजे बिरकी में भारतीय तिरंगा फरराने लगा. इस तरह, भारतीय सेना की इस टीम ने 11 सितंबर 1965 को अपना टास्‍क पूरा कर लिया.

यह भी पढ़ें: Know your Army Heroes: गोलियां हुईं खत्‍म तो खुकरी से पाक सैनिकों के सिर काटते चले गए ‘गुरुंग’ और फिर…

भारतीय सेना के खौफ से पाकिस्‍तान ने उड़ान अपने ही पुल
पाकिस्‍तान को इस बात का अंदाजा नहीं था कि भारत ऑपरेशन ग्रैंड स्‍लैम के खिलाफ इतनी सख्‍त सैन्‍य कार्रवाई कर सकता है. भारतीय सेना को रोकने के लिए पाकिस्‍तान ने अपने रक्षा दस्‍तों को इच्‍छोगिल नगर पर तैनात कर दिया. पहले तो इन रक्षा दस्‍तों ने भारतीय सैनिकों को रोकने की भरपूर कोशिश की, लेकिन जब असफल रहे तो उन्‍होंने अपने पुल खुद ही उड़ा दिए. हालांकि पाकिस्‍तान की यह चाल भी काम नहीं आई. भारतीय सेना ने कुछ ही समय में न केवल नहर को पार कर लिया, बल्कि डोगराई और बातापोर पर कब्‍जा कर लिया.

यह भी पढ़ें:
‘स्‍कूली बच्‍चों’ के साथ मिलकर ले. कर्नल मदन ने पाकिस्‍तानी दुश्‍मनों को दी शिकस्‍त
Army Heroes: 13 टैंको को नेस्तनाबूद कर मेजर रॉय ने तोड़ा था पाक सेना का यह बड़ा सपना…

पढ़ें Hindi News ऑनलाइन और देखें Live TV News18 हिंदी की वेबसाइट पर. जानिए देश-विदेश और अपने प्रदेश, बॉलीवुड, खेल जगत, बिज़नेस से जुड़ी News in Hindi.

हमें FacebookTwitter, Instagram और Telegram पर फॉलो करें.

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज