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MP News: एमपी के इस स्कूल में हैं केवल 2 शिक्षक, दोनों को बनाया गया बीएलओ

MP News: शिक्षक चुनावी ड्यूटी में जाते है तो स्कूल में ताला लगाना पड़ेगा.

MP News: शिक्षक चुनावी ड्यूटी में जाते है तो स्कूल में ताला लगाना पड़ेगा.

MP News, Madhya Pradesh News in Hindi: शिक्षक चुनावी ड्यूटी करते हैं तो स्कूल में लगाना पड़ेगा ताला. एसडीएम दफ्तर के शि ...अधिक पढ़ें

MP News, Madhya Pradesh News in Hindi: मध्यप्रदेश में चुनावी ड्यूटी इन दिनों शिक्षकों के लिए परेशानी का सबब बनी हुई है. शिक्षक असमंजस में है कि बीएलओ का काम करें या फिर स्कूलों में छात्र-छात्राएं की पढ़ाई. राजधानी भोपाल के ज्यादातर स्कूलों में हालात ये है कि शिक्षकों के चुनावी ड्यूटी में जाने पर स्कूलों में ताला लगाने की नौबत आ गई है. ऐसा ही हाल भोपाल के नवीबाग प्राइमरी स्कूल का है. जहां पर पदस्थ दोनों ही शिक्षकों को बीएलओ बना दिया गया है. शिक्षक चुनावी ड्यूटी में जाते है तो स्कूल में ताला लगाना पड़ेगा.

नवीबाग में दोनों ही शिक्षकों को बनाया बीएलओ ( BLO)
नवीबाग प्राइमरी स्कूल कक्षा पहली से लेकर कक्षा 5वीं तक संचालित हो रहा है. प्राइमरी स्कूल में केवल दो ही शिक्षक पदस्थ है. दोनों ही शिक्षकों को वोटर कार्ड को आधार कार्ड से लिंक कराने सहित चुनावी कार्य की जिम्मेदारी को लेकर बीएलओ बनाया गया है. स्कूल में पदस्थ लाखन साहू और निधि तिवारी दोनों ही शिक्षक की ड्यूटी बीएलओ में लगा दी गई है. शिक्षक लाखन साहू का कहना है कि, ‘दो ही शिक्षक है, छात्र-छात्राओं कीपढ़ाई कराए या फिर चुनावी ड्यटी करें. चुनावी ड्यूटी करने जाते है तो स्कूल में ताला लगाना पड़ेगा. जिससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई नहीं होगी. ड्यूटी हटवाने एसडीएम कार्यालय के चक्कर लगा रहे हैं, पर अब तक चुनावीड्यूटी हटाई नहीं गई है.’

25000 से ज्यादा शिक्षकों को बनाया बीएलओ
मध्यप्रदेश में फिलहाल 25 हजार से ज्यादा शिक्षकों को चुनावी ड्यूटी के कार्य की जिम्मेदारी दी गई है. जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय से आदेश जारी किया गया था, जिसमें कहा गया था कि शिक्षकों को बीएलओ के कार्य करने के साथ ही शैक्षणिक कार्य भी करना होगा. बीएलओ नियुक्त शिक्षकों को निर्वाचन आयोग की तरफ से अलग से वेतन भी दिया जाता है. जिन स्कूलों में शिक्षकों की संख्या कम है, वही के स्कूलों में अतिशेष शिक्षकों से शैक्षणिक कार्य करवाएं. अधिकारियों के आदेश से शिक्षक दोहरी जिम्मेदारी निभाने को मजबूर है.

आदेश के बाद भी शिक्षक गैर शैक्षणिक कार्य से मुक्त नहीं है
मध्यप्रदेश में सालों से शिक्षकों को पढ़ाई के साथ ही बीएलओ, प्याज वितरण, टीकाकरण, सर्वे सहित अन्य दूसरे कामों की जिम्मेदारी सौप दी जाती है. जिससे छात्र-छात्राओं की पढाई पर असर होता है. हर बार स्कूल शिक्षा विभाग की तरफ से कहा जाता है कि शिक्षकों से अब केवल शैक्षणिक कार्य ही कराया जाएगा. इसके बाद भी अब तक आदेशों का पालन होता हुआ नजर नहीं आ रहा है. शिक्षक ना सिर्फ बीएलओ का कामकाज संभाल रहे हैं, बल्कि पढ़ाई के साथ साथ दूसरे कामकाज की जिम्मेदारी भी शिक्षकों पर डाल दी जाती है. शिक्षा विभाग के आदेश हवा हवाई ही नजर आ रहे है.

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