मराठा आरक्षणः महाराष्ट्र सरकार छात्रों को फीस वापस करने पर कर रही है विचार

उच्चतम न्यायालय ने इस साल सितंबर में नौकरियों एवं शिक्षण संस्थानों में मराठा आरक्षण को लागू करने पर रोक लगा दी थी
उच्चतम न्यायालय ने इस साल सितंबर में नौकरियों एवं शिक्षण संस्थानों में मराठा आरक्षण को लागू करने पर रोक लगा दी थी

उच्चतम न्यायालय ने उस कानून पर रोक लगाई, जो शिक्षण संस्थानों और नौकरियों में मराठाओं को आरक्षण देता है लेकिन स्पष्ट किया है कि जो आरक्षण का लाभ ले चुके हैं वे प्रभावित नहीं होंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 4, 2020, 9:51 PM IST
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नई दिल्ली. महाराष्ट्र सरकार मेडिकल कॉलेजों में मराठा आरक्षण का लाभ पाने वाले छात्रों की फीस वापसी के विकल्प पर विचार रही है है. राज्य के मेडिकल शिक्षा मंत्री अमित देशमुख ने सोमवार को कहा कि उनका विभाग इस संबंध में राज्य मंत्रिमंडल के समक्ष एक प्रस्ताव रखेगा.

नौकरियों एवं शिक्षण संस्थानों में मराठा आरक्षण को लागू करने पर रोक
उच्चतम न्यायालय ने इस साल सितंबर में नौकरियों एवं शिक्षण संस्थानों में मराठा आरक्षण को लागू करने पर रोक लगा दी थी और मामले को बड़ी पीठ को भेज दिया था. महाराष्ट्र सरकार ने शीर्ष अदालत की बड़ी पीठ में एक आवेदन दायर कर आरक्षण को लागू करने पर लगी रोक हटाने का आग्रह किया है.

छात्रों को किस तरह से राहत दी जा सकती है, इस पर हो रहा है विचार
देशमुख ने एक टीवी चैनल से कहा कि राज्य सरकार विचार कर रही है कि मराठा आरक्षण पर उच्चतम न्यायालय की अंतरिम रोक से प्रभावित होने वाले छात्रों को किस तरह से राहत दी जा सकती है.



फीस वापसी पर मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अंतिम फैसला लेंगे
जब यह पूछा गया कि सरकार उनकी फीस वापस करेगी, तो मंत्री ने कहा, " यह (फीस वापसी) एक विकल्प हो सकता है और मेडिकल शिक्षा विभाग इस आशय का प्रस्ताव मंत्रिमंडल के समक्ष लेकर आएगा." उन्होंने कहा, " मंत्रिमंडल में चर्चा के बाद मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे जी इस पर अंतिम फैसला लेंगे."



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उच्चतम न्यायालय ने 2018 के महाराष्ट्र के कानून पर रोक लगाई
देशमुख ने कहा कि महा विकास अघाड़ी (एमवीए) सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है कि मराठा समुदाय के छात्रों को परेशानी न हो. उच्चतम न्यायालय ने 2018 के महाराष्ट्र के कानून पर रोक लगाई है जो शिक्षण संस्थानों और नौकरियों में मराठाओं को आरक्षण देता है लेकिन स्पष्ट किया है कि जो लोग आरक्षण का लाभ ले चुके हैं उनका दर्जा इससे प्रभावित नहीं होगा.
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