Rajasthan: शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा का बड़ा बयान, बोले- तबादला शिक्षकों का अधिकार नहीं

डोटासरा ने कहा कि तबादले की मांग की जा सकती है. लेकिन अपनी मर्जी के मुताबिक तबादला पाने के लिए आंदोलन करना उचित नहीं है.

डोटासरा ने कहा कि तबादले की मांग की जा सकती है. लेकिन अपनी मर्जी के मुताबिक तबादला पाने के लिए आंदोलन करना उचित नहीं है.

Disputes on transfers: प्रदेश में इन दिनों शिक्षक तबादलों की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं. इस बीच शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasara) ने उनको नसीहत दी है. डोटासरा का कहना है कि तबादलों के लिये आंदोलन करना शिक्षकों का अधिकार (Govind Singh Dotasara) नहीं है.

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जयपुर. कई बरसों से तबादलों (Transfers) का इंतजार कर रहे शिक्षकों के सब्र का बांध अब टूट चुका है. तबादलों के लिये शिक्षकों (Teachers) ने अब आंदोलन की राह पकड़ ली है. सैकेंड ग्रेड से लेकर थर्ड ग्रेड के टीचर्स तबादलों की मांग को लेकर इन दिनों प्रदेशभर में आंदोलनरत हैं. दूसरी तरफ शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा (Govind Singh Dotasara) ने शिक्षकों को इस मुद्दे पर नसीहत दे डाली है. डोटासरा ने शिक्षकों को कहा है कि उनकी हर एक बात जायज हो सकती है, लेकिन तबादलों के लिए आंदोलन करना शिक्षकों का हक नहीं हैं.

इन दिनों प्रदेश में शिक्षकों का एक तबका तबादलों की मांग को लेकर आंदोलनरत हैं. जिलों से लेकर राजधानी जयपुर तक शिक्षक तबादले खोले जाने को लेकर अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं. राजधानी में राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ रेस्टा के धरने में शामिल इन शिक्षकों ने अब ट्रांसफर के मुद्दे पर सरकार से आर पार की लड़ाई का एलान किया है.

आज तलक भी तबादलों का इंतजार बना हुआ है

राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ के प्रदेशाध्यक्ष भैरू राम चौधरी का कहना है कि सरकारी स्कूलों में कार्यरत प्रिंसिपल, लेक्चरार और हैडमास्टर के तबादले कर दिए गए हैं. शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा के गृह क्षेत्र लक्ष्मणगढ़ विधानसभा क्षेत्र में सैंकड ग्रेड शिक्षकों के भी तबादले कर दिए गए है. लेकिन बाकी शिक्षक मुंह ताकते रह गए. उनको आज तलक भी तबादलों का इंतजार बना हुआ है. दूसरी तरफ थर्ड ग्रेड शिक्षकों के ट्रांसफर नहीं होने से उनमें भी आक्रोश बना हुआ है.
शिक्षा राज्यमंत्री केवल अपने क्षेत्र के शिक्षकों का तबादला कर रहे हैं

अखिल राजस्थान राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष गजेन्द्र सिंह का कहना है कि शिक्षकों की इन मांगों को महासंघ ने भी राज्य सरकार तक पहुंचाया है. देश में शिक्षकों की स्थानांतरण नीति नहीं होने के कारण यह सब हो रहा है. तृतीय श्रेणी के शिक्षक जो पिछले कई बरसों से प्रतिबंधित जिलों में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. वे स्थानांतरण नीति नहीं होने के कारण अपने गृह जिले में नहीं जा पा रहे हैं. दूसरी ओर शिक्षा राज्यमंत्री ने द्वितीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण के ऑप्शन फॉर्म लेने के बावजूद केवल अपने ही गृह जिले लक्ष्मणगढ़ के शिक्षकों का स्थानांतरण कर रहे हैं. दूसरे जिलों के शिक्षकों की ओर उनका कोई ध्यान नहीं है.

शिक्षा राज्यमंत्री बोले तबादलों के लिए शिक्षकों का आंदोलन अनुचित



वहीं तबादलों के मसले पर शिक्षा राज्यमंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षकों को साफ नसीहत दे डाली है. डोटासरा ने कहा कि तबादलों के लिए शिक्षकों का आंदोलन अनुचित हैं. तबादले की मांग की जा सकती है. लेकिन अपनी मर्जी के मुताबिक तबादला पाने के लिए आंदोलन करना उचित नहीं हैं. उनका कहना था कि तबादला शिक्षकों का अधिकार नहीं है. हालांकि डोटासरा ने साफ किया शिक्षकों की मांगों को लेकर सरकार गंभीरता से विचार कर रही है.

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