Pariksha Pe Charcha 2021: छात्रों से बोले PM मोदी- परीक्षा से डरना नहीं, कोई आसमान नहीं टूट रहा; पढ़ें 10 खास बातें

आज पीएम नरेंद्र मोदी सभी राज्यों के राज्यपालों के साथ अहम बैठक करेंगे. (फाइल फोटो)

आज पीएम नरेंद्र मोदी सभी राज्यों के राज्यपालों के साथ अहम बैठक करेंगे. (फाइल फोटो)

Pariksha Pe Charcha 2021: छात्रों से संवाद और परीक्षा के तनाव को दूर करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विशेष संवाद कार्यक्रम 'परीक्षा पे चर्चा' इस साल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए आयोजित किया गया है. पढ़ें पीएम मोदी के संबोधन की खास बातें...

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नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बुधवार को दुनिया भर के छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों से ‘‘परीक्षा पे चर्चा’’ कार्यक्रम के तहत संवाद किया. कोरोना वायरस महामारी के चलते इस साल यह कार्यक्रम वीडियो कांफ्रेंस के माध्यम से आयोजित किया गया है. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने इस विशेष संवाद में छात्रों से कहा कि ये परीक्षा पे चर्चा है सिर्फ परीक्षा पे ही चर्चा नहीं है. छात्रों के लिए एक हल्का फुल्का माहौल बनाना है. छात्रों के लिए तनावपूर्ण माहौल बनाना है, जैसा कि हम घर पर अपने दोस्तों के साथ करते हैं.

प्रधानमंत्री मोदी साल 2018 से परीक्षा से पहले छात्रों से चर्चा करते रहे हैं. पहली बार इसका आयोजन दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में हुआ था. 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम के जरिए वह हर साल छात्रों से संवाद करते हैं और उन्हें परीक्षा के तनाव को दूर करने के उपाय सुझाते हैं.

पढ़ें पीएम मोदी के छात्रों और शिक्षकों के साथ हुए इस संवाद की 10 खास बातें..
पीएम मोदी ने अभिभावकों को सलाह दी कि बच्चों के मन में परीक्षा का भय बनाना सही नहीं है. जिंदगी में ये कोई आखिरी मुकाम नहीं है, परीक्षा जिंदगी का एक पड़ाव है इसलिए हमें कोई दबाव नहीं बनाना चाहिए. बच्चों को घर में सहज, तनावमुक्त जीना चाहिए
पीएम मोदी ने कहा कि पहले के माता-पिता बच्चों के साथ सहज होते थे लेकिन अब करियर पर फोकस तमाम विकल्पों के चलते माता-पिता को अपने बच्चों की क्षमता के बारे में पता ही नहीं चलता. आज बच्चों के सामर्थ्य का पता लगाने के लिए अभिभावकों को रिजल्ट शीट देखनी पड़ती है. इसलिए वह अपने बच्चों पर परीक्षा में अच्छे अंक लगाने के लिए दबाव बनाते हैं. एग्जाम जीवन को गढ़ने का एक मौका है, एक कसौटी है.
पीएम मोदी ने कहा कि पंसद-नापसंद मनुष्य का स्वभाव है. जब आपको कुछ चीजें ज्यादा अच्छी लगती हैं तो उनके साथ हम सहज हो जाते हैं लेकिन जिनके साथ हम सहज नहीं होते उनके साथ 80 प्रतिशत एनर्जी लगा देते हैं. ऐसे में स्टूडेंट्स को अपनी एनर्जी समान रूप से बांटनी चाहिए
पीएम मोदी ने कहा कि जो लोग सफल हैं वो हर चीज में एक्सपर्ट नहीं होते, वह किसी एक चीज में पारंगत होते हैं. इसलिए भले ही आपको कुछ विषय मुश्किल लगते हों आपको बस उनसे भागना नहीं है. शिक्षक भी इस संबंध में छात्रों के साथ सिलेबस के बाहर भी चर्चा करें.
पीएम मोदी ने कहा कि मुझे खाली समय में झूला झूलना पसंद है, मैं काम के बीच में भी झूले पर बैठना पसंद करना हूं इससे मुझे खुशी मिलती है.
पीएम मोदी ने कहा कि माता-पिता अपने मन में लक्ष्य बना लेते हैं, कुछ सपने पाल लेते हैं लेकिन हम अपने सपनों के लिए बच्चों को इंस्ट्रूमेंट मानने लगते हैं और जब बच्चों को उस दिशा में खींचने में सफल नहीं हो पाते तो कहते हैं कि बच्चों में मोटिवेशन की कमी है.
पीएम मोदी ने कहा कि बच्चों को कभी भी भय पैदा करके कुछ भी कराने की कोशिश न कीजिए. ये तरीका लगता तो आसान है लेकिन इससे निगेटिव मोटिवेशन बनने की आशंका रहती है.
पीएम मोदी ने कहा कि सपनों से आगे बढ़कर अपने सपनों को पाने का संकल्प बहुत महत्वपूर्ण है. आपको सोचना चाहिए कि आपके जीवन का वो सपना कौन सा है जिसे आप संकल्प बनाना चाहेंगे.
पीएम मोदी ने कहा कि ये सोचें कि जिनसे आप जुड़े हैं वो बातें कभी आपने याद करने की कोशिश की थी. ये बाते मेमोराइज़ नहीं इंटर्नलाइज़ हैं. इसलिए याद करने पर जोर देने के बजाय उसे जीने की कोशिश करनी चाहिए
प्रधानमंत्री ने कहा कि सपनों में खोए रहना अच्छा लगता है. सपने देखना अच्छी बात है, लेकिन सपने को लेकर के बैठे रहना और सपनों के लिए सोते रहना ये तो सही नहीं है. सपनों से आगे बढ़कर, अपने सपनों को पाने का संकल्प ये बहुत महत्वपूर्ण है

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