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School Education: स्कूल खुलने पर बच्चों का करें एंटीजन टेस्ट, स्टेप बाय स्टेप जानें पूरी जानकारी

School Education: स्कूल खुलने पर बच्चों का करें एंटीजन टेस्ट, स्टेप बाय स्टेप जानें पूरी जानकारी

School Education: स्कूल खुलने पर बच्चों की करें एंटीजन टेस्ट

School Education: स्कूल खुलने पर बच्चों की करें एंटीजन टेस्ट

School Education: देश के कई राज्यों में 1 फरवरी से फिर से स्कूलों को ऑफलाइन मोड में शुरू किया जाएगा. स्कूलों के खुलने के साथ ही कई माता-पिता रैपिड एंटीजन टेस्ट (आरएटी) का इस्तेमाल कर घर पर ही अपने बच्चों की कोविड-19 की जांच कर सकेंगे. जांच को सफलतापूर्वक करने के लिए बच्चे को अच्छे तरीके से तैयार करना और यह बताना कि क्या होगा, महत्वपूर्ण है ताकि स्थिति पर थोड़ा काबू पाया जा सके और बेचैनी को कम कर सकें.

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    नई दिल्ली. School Education: देश के कई राज्यों में 1 फरवरी से फिर से स्कूलों को ऑफलाइन मोड में शुरू किया जाएगा. इसके साथ ही दूसरे कई देशों में भी अगले सप्ताह से स्कूलों के खुलने के साथ ही कई माता-पिता रैपिड एंटीजन टेस्ट (आरएटी) का इस्तेमाल कर घर पर ही अपने बच्चों की कोविड-19 की जांच कर सकेंगे. कई सरकारों ने स्कूली छात्रों और कर्मचारियों की जांच करने की जोरदार सिफारिश की है. कई माता-पिता के लिए यह चुनौतीपूर्ण हो सकता है, खासतौर से अगर उनके बच्चे में विकासात्मक या व्यवहार संबंधी दिक्कतें हैं. तो आप घर पर अपने बच्चों की कैसे सुरक्षित तरीके से आरएटी करें या उन्हें इस प्रक्रिया में शामिल होने में मदद करें?

    जांच के लिए तैयारी करना :
    जांच को सफलतापूर्वक करने के लिए बच्चे को अच्छे तरीके से तैयार करना और यह बताना कि क्या होगा, महत्वपूर्ण है ताकि स्थिति पर थोड़ा काबू पाया जा सके और बेचैनी को कम कर सकें.

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    अपने बच्चे के साथ बैठे और बात करें :
    अभिभावकों को एक हफ्ते में दो बार सुबह आरएटी करने की आवश्यकता होगी. ऐसा हमेशा नहीं होगा लेकिन कम से कम स्कूल खुलने के पहले चार हफ्तों तक जांच की आवश्यकता पड़ेगी. अगर जांच में वे कोरोनो वायरस से संक्रमित नहीं पाए जाते हैं तो वे स्कूल जा सकते हैं.

    सही तकनीक की जानकारी होने से आप यह जांच तेजी और सुरक्षित तरीके से घर पर ही कर सकेंगे या अपने बच्चों को भी जांच करने दे सकते हैं. आमतौर पर अपने आप को 20 मिनट का वक्त दीजिए और याद रखिए कि अपने बच्चे की जांच करते समय जल्दबाजी न करें.

    जांच कैसे करें :
    सबसे पहले स्वैब पैकेट के साथ मेज पर किट रखें. इसके बाद बच्चे का सिर किसी कुर्सी या सोफे पर किसी तकिये पर रखें, जहां वे आराम से लेट या बैठ सके. छोटे बच्चे को आप अपनी गोद में भी बैठा सकते हैं. इसके बाद नाक से नमूना लेने वाली ट्यूब एक हाथ में पकड़े और दूसरा हाथ बच्चे के गाल, ऊपरी होंठ या ठोड़ी पर रखें और नमूना लें. नमूना लेने वाली ट्यूब को नाक के भीतर एक-दो सेंटीमीटर तक डाले और करीब 15 सेकंड तक घुमाए. इसके बाद नमूने को तरल घोल में मिलाए और करीब 15 सेकंड तक मिलाए. इसके बाद नमूने की ट्यूब को सावधानीपूर्वक नष्ट कर दें. हाथ धोए और इंतजार करिए. ज्यादातर जांच किट्स को नतीजे देने के लिए 15 मिनट का वक्त लगता है.

    जाहिर तौर पर आरएटी जांच स्कूलों में कोविड-19 के मामले खत्म या कम करने का एकमात्र तरीका नहीं है. इसके अलावा बच्चों का टीकाकरण, स्कूल के भीतर मास्क पहनना और स्कूल के बाहर कोविड उपयुक्त व्यवहार की जानकारी देना भी जरूरी है. (भाषा के इनपुट के साथ)

    Tags: Education news, School education, School reopening

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