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नेताजी की वीरता की गाथाएं भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी सुनाई देती हैं - डॉ कामिनी

नेताजी की वीरता की गाथाएं भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी सुनाई देती हैं - डॉ कामिनी

नेताजी की वीरता की गाथाएं भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी सुनाई देती हैं - डॉ कामिनी

नेताजी की वीरता की गाथाएं भारत ही नहीं बल्कि विदेशों में भी सुनाई देती हैं - डॉ कामिनी

Netaji Subhash Chandra Bose Jayanti : नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी जयंती के उपलक्ष्य में रांची विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा आज आर यू के कुलपति सभागार में पराक्रम दिवस के रूप में कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस मौके पर रांची विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ कामिनी कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की वीरगाथा एवं पराक्रम भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी सुनाई देती है.

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रांची. Netaji Subhash Chandra Bose Jayanti : नेताजी सुभाष चंद्र बोस जी जयंती के उपलक्ष्य में रांची विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) इकाई द्वारा आज आर यू के कुलपति सभागार में पराक्रम दिवस के रूप में कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस मौके पर रांची विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ कामिनी कुमार ने अपने संबोधन में कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस की वीरगाथा एवं पराक्रम भारत में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी सुनाई देती है.

उन्होंने कहा नेताजी द्वारा दिया गया प्रमुख नारा “तुम मुझे खून दो – मै तुम्हें आजादी दूंगा” ये केवल नारा नही था बल्कि इस नारे ने पूरे भारत में देशभक्ति का वो ज्वारभाटा पैदा किया जो देश की स्वतंत्रता का आधार बना. उन्होंने कहा कि नेताजी स्वामी विवेकानंद के शिक्षाओं से अत्यधिक प्रभावित थे और उन्हें अपना आध्यात्मिक गुरु मानते थे.

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आज़ादी की लड़ाई में है बहुमूल्य योगदान
कुलपति डॉ कामिनी कुमार ने कहा कि पूरा देश आजादी का अमृत महोत्सव मना रहा है एवं इस 75 वर्षों में पहली बार गणतंत्र दिवस समारोह 23 जनवरी से ही मनाकर नेताजी के पराक्रम को वर्तमान पीढ़ी को अवगत करा रही है. कार्यक्रम में डॉ कामिनी कुमार ने उपस्थित एनएसएस के स्वयंसेवकों से नेताजी के जीवनी को स्मरण करते हुए वर्तमान चुनौतियों का सामना करते हुए समाज में रचनात्मक कार्य करने का आह्वान किया. एनएसएस के कार्यक्रम समन्वयक डॉ ब्रजेश कुमार ने कहा कि नेताजी के पराक्रम की गाथाएं करोड़ो भारतीय के अंदर उर्जा एवं उत्साह का संचार करती हैं. उन्होंने कहा कि नेताजी ने देश के सबसे पहले सशस्त्र बल की स्थापना करके आज़ादी की लड़ाई में अपना बहुमूल्य योगदान दिया था.

Tags: College education, Education news, Ranchi news

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