प्राइवेट मेडिकल कॉलेज पर पांच करोड़ का जुर्माना, छात्रों को करना होगा यह काम

 मेडिकल  शिक्षा महानिदेशक उत्तर प्रदेश की अनुमति बिना दिया था एडमिशन.

मेडिकल शिक्षा महानिदेशक उत्तर प्रदेश की अनुमति बिना दिया था एडमिशन.

Supreme Court : सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के उन्नाव स्थित प्राइवेट सरस्वती मेडिल कॉलेज पर मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों का उल्लंघन करने के लिए पांच करोड़ का जुर्माना लगाया है. जुर्माने की रकम जरूरमतमंद छात्रों पर खर्च की जाएगी.

  • News18Hindi
  • Last Updated: February 25, 2021, 7:51 PM IST
  • Share this:
सुप्रीम कोर्ट ने उत्तर प्रदेश के एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज पर पांच करोड़ जुर्माना लगाया है. शीर्ष अदालत ने यह जुर्माना एमबीबीएस कोर्स में छात्रों को एडमिशन देने के नियमों का उल्लंघन करने को लेकर लगाया है. कोर्ट ने जुर्माने की राशि को यूपी के मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेने के इच्छुक जरूरतमंद छात्रों की मदद पर खर्च करने का निर्देश दिया.

छात्रों को करनी होगी सामुदायिक सेवा

जस्टिस एल नागेश्वर राव और जस्टिस एस रवींद्र भट की पीठ ने सुनवाई करते हुए कहा कि उन्नाव के सरस्वती मेडिकल कॉलेज ने मेडिकल शिक्षा महानिदेशक उत्तर प्रदेश की अनुमति बिना ही 132 छात्रों को एडमिशन दे दिया.



पीठ ने सुनवाई करते छात्रों का एडमिशन रद्द तो नहीं किया लेकिन कोर्स पूरा होने के बाद दो साल तक सामुदायिक सेवा करने का निर्देश जरूर दिया है. कोर्ट ने कहा कि छात्र बेकसूर नहीं हैं. उन्हें पता था कि उनके नाम की सिफारिश डीजीएमई ने नहीं की थी. लेकिन दाखिला रद्द करने से कोई उद्देश्य पूरा नहीं होगा.
एक ट्रस्ट बनाने का निर्देश

सुप्रीम कोर्ट ने जुर्माना राशि आठ सप्ताह के भीतर जमा करने को कहा है. साथ ही राष्ट्रीय आयुर्विज्ञान आयोग नाम का एक ट्रस्ट भी बनाने का निर्देश दिया. ट्रस्ट में उत्तर प्रदेश के अकाउंटेंट जनरल, एक प्रख्यात शिक्षाविद और राज्य के एक प्रतिनिधि को सदस्य के रूप में शामिल होंगे. यह ट्रस्ट जुर्माने की पांच करोड़ की राशि का प्रबंधन करेगा.

क्या है मामला

मेडिकल काउंसिल इंडिया ने 2017-2018 सत्र के लिए गलत तरीके से एडमिशन पाने वाले 132 छात्रों को निष्कासित करने को 29 सितंबर 2017 को नोटिस जारी किया था. जिसे खिलाफ सरस्वती एजुकेशनल चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा संचालित मेडिकल कॉलेज ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. इस मामले में एमबीबीएस के छात्रों ने भी एक याचिका दायर करके अपनी पढ़ाई जारी रखने की अनुमति मांगी थी.
ये भी पढ़ें-

Central University Dharamshala: सीयू कैंपस को बंद करने के खिलाफ एबीवीपी उग्र, प्रशासन के खिलाफ धरना प्रदर्शन

IB ACIO Answer Key: टीयर-1 परीक्षा की आंसर-की जारी, इस तिथि तक दर्ज करें आपत्ति

सभी राज्यों की बोर्ड परीक्षाओं/ प्रतियोगी परीक्षाओं, उनकी तैयारी और जॉब्स/करियर से जुड़े Job Alert, हर खबर के लिए फॉलो करें- https://hindi.news18.com/news/career/

अगली ख़बर

फोटो

टॉप स्टोरीज