मेडिकल कॉलेजों में दाखिला लेने वाले सरकारी स्कूलों के छात्रों की फीस देगी राज्य सरकार

मुख्यमंत्री एडप्पाडी के पलानीस्वामी ने ये घोषणा की.
मुख्यमंत्री एडप्पाडी के पलानीस्वामी ने ये घोषणा की.

तमिलनाडु चिकित्सा सेवा निगम को इस निधि के लिये निर्देश दिये गए हैं. उससे शिक्षण और छात्रावास शुल्क का भुगतान सीधे संबंधित कॉलेजों को करने को कहा गया है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 22, 2020, 12:20 PM IST
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नई दिल्ली. तमिलनाडु के मुख्यमंत्री के पलानीस्वामी ने घोषणा की कि राज्य सरकार उन सभी सरकारी स्कूल के छात्रों के लिए शैक्षिक शुल्क, छात्रावास शुल्क आदि का भुगतान करेगी, जिन्होंने छात्रवृत्ति भुगतान की प्रतीक्षा किए बिना 7.5% आरक्षण के तहत चिकित्सा प्रवेश प्राप्त किया है

फीस के भुगतान के लिये परिक्रामी निधि के गठन का आदेश
मुख्यमंत्री एडप्पाडी के पलानीस्वामी ने  शनिवार को नीट (मेडिकल प्रवेश परीक्षा) परीक्षा पास कर निजी मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों में सरकार के 7.5 प्रतिशत आरक्षण के तहत दाखिला लेने वाले सरकारी स्कूलों के छात्रों की फीस के भुगतान के लिये परिक्रामी निधि के गठन का आदेश दिया.

शिक्षण और छात्रावास शुल्क का भुगतान सीधे संबंधित कॉलेजों को
परिक्रामी निधि या कोष का संचालन वित्तीय वर्ष की सीमा से इतर लगातार किया जा सकता है. तमिलनाडु चिकित्सा सेवा निगम को इस निधि के लिये निर्देश दिये गए हैं. उससे शिक्षण और छात्रावास शुल्क का भुगतान सीधे संबंधित कॉलेजों को करने को कहा गया है.



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सरकारी स्कूल के छात्रों को मैट्रिक के बाद भी छात्रवृत्ति, अन्य वित्तीय सहायता
पलानीस्वामी ने शनिवार को एक बयान में कहा, यह उपाय मेरे द्वारा 18 नवंबर को की गई उस घोषणा को प्रभावी बनाने के लिये है जिसमें मैंने 7.5 प्रतिशत आरक्षण के तहत (स्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों में) प्रवेश लेने वाले सरकारी स्कूल के सभी छात्रों को मैट्रिक के बाद भी छात्रवृत्ति और अन्य वित्तीय सहायता का जिक्र किया था.
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