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Teacher's Day: राधाकृष्णन के पिता की ख्वाहिश थी वो न सीखें इंग्लिश, पढ़ें दिलचस्प बातें

Teacher's Day: राधाकृष्णनन जब वे देश के राष्ट्रपति बने थे तो अपनी सैलरी से सिर्फ ढाई हजार रुपए ही लेते थे.

Teacher's Day: राधाकृष्णनन जब वे देश के राष्ट्रपति बने थे तो अपनी सैलरी से सिर्फ ढाई हजार रुपए ही लेते थे.

Teacher's Day 2022: डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जब राष्ट्रपति थे, राष्ट्रपति से मिलना आम लोगों के लिए बेहद सरल था. तब हफ्त ...अधिक पढ़ें

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    Teacher’s Day 2022, shikshak diwas 2022: हर साल 5 सितंबर को देश के पहले उपराष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन (Sarvepalli Radhakrishnan) के जन्मदिन शिक्षक दिवस (Shikshak Divas) मनाया जाता है. स्वभाव से बेहद विनम्र सर्वपल्ली राधाकृष्णन स्कॉलर, फिलॉसफर, देश के दो केंद्रीय विश्वविद्यालय में कुलपति रह चुके थे. दुनियाभर में उनकी नॉलेज और प्रजेंस ऑफ माइंड की तारीफें हुईं.

    जब वे देश के राष्ट्रपति बने थे तो अपनी सैलरी से सिर्फ ढाई हजार रुपए ही लेते थे, बाकी की सैलरी प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष में दान कर देते थे. छात्रों के बीच उनकी गजब की पकड़ थी. छात्र को बीच उनकी लोकप्रियता इसी बात जान सकते हैं, जब वे मैसूर यूनिवर्सिटी छोड़कर कलकत्ता यूनिवर्सिटी में पढ़ाने जाने लगे, तब उनके छात्रों फूलों की बग्गी में बिठाकर, उसे खींचकर रेलवे स्टेशन तक गए.

    डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन जब राष्ट्रपति थे, राष्ट्रपति से मिलना आम लोगों के लिए बेहद सरल था. तब हफ्ते में दो दिन कोई भी बिना अपॉइमेंट के उनसे मुलाकात कर सकता था.

    राधाकृष्ण के पिता की ख्वाहिश थी कि उनका बेटा पंडित या पुजारी बने. वे नहीं चाहते थे कि बेटा इंग्लिश सीखे और शिक्षक बनें. तिरूपति के स्कूल और वेल्लोर में पढ़कर लोकप्रिय शिक्षक बने.

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    Tags: Teachers day

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