CBSE Board 2020: 10वीं के स्टूडेंट्स हिंदी को हल्के में ना लें, व्याकरण पर बनाएं पकड़

सीबीएससी समेत अन्य बोर्ड के स्टूडेंट हिंदी की ठीक से तैयारी करें.

हिंदी (Hindi) को आप जितना आसान समझते हैं वह उतनी आसान होती नहीं है क्योंकि इसमें हिंदी साहित्य (Hindil Literature) के इतिहास, विधा के साथ गद्य, पद्य, लेखकों का जीवन परिचय, व्याकरण, अनिवार्य संस्कृत तथा खंड काव्य से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं.

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    CBSE Board 2020: बोर्ड परीक्षाओं में हिंदी को लेकर विद्यार्थी निश्चिंत होते हैं क्योंकि उनको लगता है कि हिंदी उनकी मातृभाषा है, जिसका पेपर वह आसानी से हल कर लेंगे. अगर आप भी ऐसा ही सोच रहे हैं तो हिंदी को हल्के में ले रहे हैं. ऐसा करना आपको परीक्षा में भारी पड़ सकता है.

    परीक्षा में हिंदी दूसरे विषयों की तरह ही एक महत्वपूर्ण विषय है. जैसे आप दूसरे विषयों में पास होते हैं वैसे ही इस विषय में भी पास होना जरूरी है. हिंदी को आप जितना आसान समझते हैं वह उतनी आसान नहीं है, क्योंकि इसमें हिंदी साहित्य के इतिहास, विधा के साथ गद्य, पद्य, लेखकों का जीवन परिचय, व्याकरण, अनिवार्य संस्कृत और खंड काव्य से संबंधित प्रश्न पूछे जाते हैं.

    इसलिए हिंदी में अच्छे अंक लाने के लिए सभी पाठों को पढ़ने की जरूरत होती है. हिंदी की एक खासियत यह भी है कि इसमें शुद्ध व्याकरण लिखने से अच्छे अंक मिलते हैं, लेकिन अधिकांश छात्र यहीं पर गलती करते हैं. इसके कारण कम नंबर ही उनको मिल पाते हैं. इसलिए छात्रों को व्याकरण पर पकड़ बनाया जरूरी है. इसके अलावा राइटिंग पर ध्यान भी देना चाहिए.

    चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय मेरठ में हिंदी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. विद्या सागर सिंह यूपी बोर्ड के दसवीं के छात्रों को हिंदी के पेपर की तैयारी के लिए किछ टिप्स दे रहे हैं, जिनके बारे में हम आपको बता रहे हैं...

    1. किताब के आरंभ में दिए गए हिंदी साहित्य के विकास और विधाएं को अच्छे से पढ़ें. कई सारे छोटे प्रश्नों के उत्तर आपको यहां से मिल जाएगे, जो अंक निर्धारण की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण हैं.
    2. हिंदी को रटने की जगह समझना ज्यादा जरूरी हैं. महत्वपूर्ण तिथियों और तथ्यों का अलग से नोट्स बना सकते हैं.
    3. अगर आप अच्छे अंक पाना चाहते हैं तो आपको व्याकरण का अभ्यास करना जरूरी है. व्याकरण की जानकारी न होने से परीक्षार्थी एक-दो नंबर के प्रश्नों के जवाब गलत देते हैं.
    4. पुस्तक से कुछ संस्कृत श्लोक और दोहे भी करें. क्योंकि कई बार पूछा जाता है कि ये दोहे किसके हैं या इसमें क्या कहा गया है.
    5. विस्तृत उत्तरीय प्रश्न जैसे निबंध और खंडकाव्य काफी महत्वपूर्ण हैं. इसकी तैयारी अच्छे से करें.
    6. अपनी पाठ्य पुस्तक के कवियों और लेखकों के जीवन परिचय को कंठस्थ रखें.
    7. हिंदी के साथ अनिवार्य संस्कृति का भी करें अभ्यास, गत पांच वर्षों के पुराने प्रश्नपत्रों को दो-तीन बार करें हल.

    किस पाठ से कितने अंक के सवाल
    - हिंदी में कुल 70 अंकों की परीक्षा होगी.
    - इतिहास और विभिन्न विधाओं व कृतियों आदि से 11 अंकों के लघुउत्तरीय प्रश्न होंगे.
    - गद्य और पद्य से ससंदर्भ 12 अंकों के व्याख्यात्मक प्रश्न होते हैं. छह अंकों का जीवन परिचय होता है.
    - आठ अंकों का अनिवार्य संस्कृत से व्याख्या और अन्य सवाल होते हैं.
    - 24 अंकों का संस्कृत अनुवाद सहित व्याकरण संबंधित प्रश्न होते हैं.
    - खंड काव्य और निबंध नौ अंकों का होता है.
    - एक और दो अंकों के लघुउत्तरीय प्रश्नों में 1 व 2 अंक के 38 नंबर के प्रश्न होते हैं, तथा निबंध, खंडकाव्य, जीवन परिचय आदि से 32 नंबर के प्रश्न होते हैं.

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