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UGC Dual Degree Programmes: UGC का अहम फैसला, अब भारत में ही मिलेगी विदेशी विश्वविद्यालयों की डिग्री, जानें डिटेल

UGC Dual Degree Programmes: भारतीय छात्र देश में ही रहकर दुनिया के किसी भी शीर्ष विद्यालयों के साथ पढ़ाई कर सकते हैं.

UGC Dual Degree Programmes: भारतीय छात्र देश में ही रहकर दुनिया के किसी भी शीर्ष विद्यालयों के साथ पढ़ाई कर सकते हैं.

UGC Dual Degree Programmes: भारतीय और विदेशी दोनों संस्थान एक कोर्स के लिए एक ही डिसीप्लीन के लिए, एक ही लेवल पर एक साथ डिग्री देंगे.

    UGC Dual Degree Programmes: भारतीय छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूसरे देश जाने की जरूरत कम होगी. अब भारतीय छात्र देश में ही रहकर दुनिया के किसी भी शीर्ष विद्यालयों के साथ पढ़ाई कर सकते हैं. इसके लिए भारतीय और विदेशी विश्वविद्यालयों के बीच अकादमिक सहयोग के नियमों में ढील देते हुए, विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने मंगलवार को “दोहरी डिग्री प्रोग्रामों” के प्रावधान सहित प्रमुख संशोधनों को मंजूरी दे दी है. भारतीय और विदेशी दोनों संस्थान एक कोर्स के लिए एक ही डिसीप्लीन के लिए, एक ही लेवल पर एक साथ डिग्री देंगे.

    इस निर्णय की घोषणा करते हुए, UGC के अध्यक्ष एम जगदीश कुमार ने कहा कि सहयोगी संस्थानों को तीन प्रकार के कार्यक्रमों की पेशकश करने की अनुमति दी जाएगी – ट्विनिंग, संयुक्त डिग्री और दोहरी डिग्री. उन्होंने कहा कि पहले दो कार्यक्रमों को पुराने नियमों के तहत भी अनुमति दी गई थी, लेकिन कुछ ही लेने वाले थे. इन कार्यक्रमों के लिए नामांकन करने वाले छात्रों को क्रेडिट अर्जित करने के लिए विदेश जाना होगा, लेकिन ऐसा करते समय उन्हें अलग से प्रवेश नहीं लेना होगा. हालाँकि, नए नियम ऑनलाइन और ओपन और डिस्टेंस लर्निंग मोड में पेश किए जाने वाले कार्यक्रमों पर लागू नहीं होते हैं.

    UGC ने स्पष्ट किया है कि इसे किसी भी तरह से अलग-अलग विषयों या दो अलग-अलग स्तरों पर विषय क्षेत्रों में दो डिग्री प्रोग्राम के रूप में नहीं माना जाएगा. इसका मतलब है कि इस व्यवस्था के तहत बीए अंग्रेजी और बीएससी भौतिकी, या बीएससी गणित और एमएससी जीव विज्ञान में दोहरी डिग्री की अनुमति नहीं होगी. डुअल डिग्री प्रोग्राम के तहत एक छात्र आंशिक रूप से भारत में और आंशिक रूप से एक विदेशी विश्वविद्यालय में एक कार्यक्रम का अध्ययन कर सकता है, लेकिन डिप्लोमा या डिग्री केवल भारतीय विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की जाएगी. छात्रों को एक्सचेंज प्रोग्राम के माध्यम से विदेशी संस्थान में पाठ्यक्रम के क्रेडिट का 30 प्रतिशत तक पूरा करना होगा. समान प्रोग्राम में दाखिला लेने वाले विदेशी छात्रों पर भी यही लागू होगा. इस व्यवस्था में, किसी विदेशी संस्थान में अर्जित क्रेडिट को भारतीय संस्थान द्वारा प्रदान की जाने वाली डिग्री/डिप्लोमा में गिना जाएगा.

    एक संयुक्त डिग्री प्रोग्राम में सहयोगी संस्थानों द्वारा संयुक्त रूप से पाठ्यक्रम तैयार किया जाता है, और डिग्री भारतीय विश्वविद्यालय द्वारा प्रदान की जाती है. दूसरी ओर, सहयोगी विदेशी विश्वविद्यालय, कार्यक्रम को पूरा करने पर दोनों संस्थानों के लोगो वाले एक सर्टिफिकेट दी जाएगी. दोनों सहयोगी संस्थानों को संयुक्त रूप से पाठ्यक्रम सामग्री विकसित करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MOU) पर हस्ताक्षर करना होगा. भारत के छात्रों को अपने पाठ्यक्रम क्रेडिट का 30 प्रतिशत से अधिक विदेशी संस्थान में पूरा करना होगा. कुमार ने कहा कि संशोधित विनियम – विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (भारतीय और विदेशी उच्च शिक्षा संस्थानों के बीच संयुक्त डिग्री, दोहरी डिग्री और डुअल प्रोग्रामों की पेशकश के लिए शैक्षणिक सहयोग) विनियम, 2022 – को जल्द ही अधिसूचित किया जाएगा.

    Tags: Ugc, University

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