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Education News: भारतीय छात्रों के लिए विदेश में कम खर्च में पढ़ाई के ये हैं बेहतर ऑप्‍शन

Education News: भारतीय छात्रों के लिए विदेश में कम खर्च में पढ़ाई के ये हैं बेहतर ऑप्‍शन

विदेश में पढ़ाई कम खर्चे में भी की जा सकती है.

विदेश में पढ़ाई कम खर्चे में भी की जा सकती है.

Education News: विदेश में पढ़ाई करने का एक फायदा ये है कि वहां स्‍कॉलरशिप, अनुदान और वर्किंग स्‍टडी के जरिये छात्र पढ़ाई का खर्च 85 फीसदी तक कम कर सकते हैं. स्‍कॉलरशिप से पढ़ाई का खर्च खत्‍म नहीं बल्कि थोड़ा कम हो जाता है.

    हाइलाइट्स

    विदेश में पढ़ाई करने के लिए मिलती है स्‍कॉलरशिप
    मेधावी छात्र कम खर्च में प्राप्‍त कर सकते हैं उच्‍च शिक्षा
    सरकारें और कॉरपोरेट्स करते हैं स्‍टूडेंट्स की मदद

    नई दिल्‍ली. Education News: हर भारतीय मेधावी छात्र का सपना होता है कि वह विदेश में जाकर पढ़ाई करे. मगर विदेशी संस्‍थानों तक पहुंच इतनी आसान नहीं होती कि हर छात्र वहां जाकर पढ़ाई कर सके. इसका प्रमुख कारण है  महंगी फीस. एक अन्‍य कारण है जानकारी का अभाव. पहले तो दिमाग से ये बात निकाल देनी होगी कि विदेश में पढ़ाई का पूरा खर्च स्‍कॉलरशिप के जरिये माफ हो जाता है. ऐसा बिल्‍कुल नहीं है. स्‍कॉलरशिप से पढ़ाई का खर्च खत्‍म नहीं बल्कि थोड़ा कम हो जाता है. विदेश में पढ़ाई करने का एक फायदा ये है कि वहां स्‍कॉलरशिप, अनुदान और वर्किंग स्‍टडी के जरिये छात्र पढ़ाई का खर्च 85 फीसदी तक कम कर सकते हैं.

    विदेशी यूनिवर्सिटीज में मिलने वाली स्‍कॉलरशिप में ट्यूशन फीस में छूट, हॉस्‍टल खर्च व हवाई टिकट में आर्थिक मदद आदि मिलती है. इन स्‍कॉलरशिप प्रोग्राम के लिए टेस्‍ट और इंटरव्‍यू से गुजरना होता है. कई यूनिवर्सिटीज फुल स्‍कॉलरशिप भी प्रदान करती हैं. ये स्‍कॉलरशिप केवल उन्‍हीं स्‍टूडेंट्स को मिलती है जो दो देशों के बीच एग्रीमेंट के तहत एक-दूसरे के छात्रों को पढ़ाने की गारंटी के तहत चुने जाते हैं. भारत सरकार ने भी कई देशों के साथ इस तरह के समझौते कर रखे हैं. स्‍टूडेंट्स इसकी जानकारी शिक्षा मंत्रालय की वेबसाइट से हासिल कर सकते हैं.



    कम खर्च में पढ़ाई का तरीका

    विदेश में पढ़ाई का खर्च बहुत ज्‍यादा होता है. ये सोचकर अधिकांश स्टूडेंट्स सपना अधूरा ही छोड़ देते हैं. लेकिन ये जानकार हैरानी होगी कि 50 प्रतिशत से ज्‍यादा भारतीय छात्र स्‍कॉलरशिप और अनुदान लेकर पढ़ाई विदेश में पूरी करते हैं. इससे उनकी पढ़ाई का खर्च आधा हो जाता है. संबंधित देश की सरकारें, यूनिवर्सिटीज, चैरिटेबल ट्रस्‍ट और कॉरपोरेट्स स्‍टूडेंट्स को स्‍कॉलरशिप उपलब्‍ध कराते हैं. स्‍कॉलरशिप की राशि कोर्स और प्रोग्राम पर निर्भर करती है. स्‍कॉलरशिप हासिल करने के लिए जरूरी है उसकी जानकारी होना. बेहतर एजुकेशन हिस्‍ट्री वाले स्‍टूडेंट्स को स्‍कॉलरशिप मिलने में ज्‍यादा आसानी होती है.

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    प्रमुख स्‍कॉलरशिप
    इंग्‍लैंड में शेवनिंग यूके गवर्नमेंट स्‍कॉलरशिप, कॉमनवेल्‍थ स्‍कॉलरशिप, इरास्‍मत स्‍कॉलरशिप, रॉयल सोसायटी ग्रांट, कॉर्नेल यूनिवर्सिटी के लिए टाटा स्‍कॉलरशिप, फुलब्राइट नेहरू मास्‍टर फेलोशिप फॉर इंडियन स्‍टूडेंट्स. अमेरिका में यूनिवर्सिटी ऑफ क्‍वींसलैंड भारतीय छात्रों को इंडिया ग्‍लोबल लीडर्स स्‍कॉलरशिप प्रदान करती है. न्‍यू साउथवेल्‍स यूनिवर्सिटी फ्यूचर ऑफ चेंज स्‍कॉलरशिप देता है. ऑक्‍सफोर्ड यूनिवर्सिटी में स्‍टूडेंट्स को रोड्स स्‍कॉलरशिप और यूनिवर्सिटी ऑफ लिंकन इंडिया स्‍कॉलरशिप उपलब्‍ध है.

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    लोन लेकर भी कर सकते हैं पढ़ाई
    विदेश में पढ़ाई के लिए भारतीय बैंक भी एजुकेशन लोन देते हैं. एजुकेशन लोन को चुकाने के लिए एक से 15 साल तक का वक्‍त मिलता है. एजुकेशन लोन पढ़ाई खत्‍म होने के बाद पहली जॉब लगने के बाद चुकाना शुरू करना होता है.

    Tags: Career, Education, Jobs

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