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Year Ender 2021: शिक्षा क्षेत्र में आए बड़े बदलाव, 2021 में परीक्षाओं से लेकर सिलेबस तक में दिखा फर्क

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Year Ender 2021, Education: साल 2020 से दुनियाभर में फैले कोरोना वायरस संक्रमण ने शिक्षा जगत को काफी हद तक प्रभावित किय ...अधिक पढ़ें

    नई दिल्ली (Education, Year Ender 2021). साल 2021 बदलावों के नाम रहा. दुनियाभर में फैले हुए कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से पढ़ाई-लिखाई भी काफी हद तक प्रभावित रही (Coronavirus In India). प्री-प्राइमरी से लेकर प्राइमरी, सेकंडरी और सीनियर सेकंडरी क्लास तक के छात्रों ने ऑनलाइन एजुकेशन (Online Education) के जरिए अपनी पढ़ाई पूरी की थी. वर्ष 2021 में ई-लर्निंग (e-learning) पर काफी जोर दिया गया. इसके अलावा भी एजुकेशन सेक्टर में कई तरह के रिफॉर्म (Education Reforms In India) देखे गए.

    साल 2021 में स्कूल बंद होने की वजह से छात्रों की पढ़ाई पर कोई असर न पड़े (Schools Closed In 2021), इसके लिए शिक्षा मंत्रालय ने अपनी तरफ से कई नीतियां लागू की थीं (Education Policies). डिजिटल एजुकेशन (Digital Education) पर फोकस बढ़ाने के साथ ही इस बात पर भी जोर दिया गया कि बच्चे अपनी रुचि के विषयों की पढ़ाई कर सकें. इसके लिए नई शिक्षा नीति (New Education Policy 2020, NEP 2020) लागू करने पर ध्यान केंद्रित किया गया.

    NEP के लिए जारी हुआ बजट
    मध्य प्रदेश और कर्नाटक में 2021 में एनईपी (NEP) को लागू कर दिया गया है. वहीं, शिक्षा मंत्रालय भी एनईपी के तहत बच्चों को लगातार जागरूक कर रहा है. इसके अलावा  केंद्र सरकार ने 2021 के बजट सत्र में शिक्षा के क्षेत्र के लिए 93 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. इसमें से स्कूल शिक्षा और साक्षरता के लिए 54,873 करोड़ रुपये और उच्च शिक्षा क्षेत्र के लिए 38,350 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं.

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    पढ़ाई के लिए बने खास नियम
    नई शिक्षा नीति (New Education Policy) के तहत बच्चों के स्कूल बैग का वजन कम करने पर जोर दिया गया है. अब स्कूल बैग का वजन छात्रों के वजन से 10 फीसदी से ज्यादा नहीं होगा. दूसरी कक्षा तक के छात्रों को किसी तरह का होमवर्क नहीं दिया जाएगा, तीसरी से पांचवीं कक्षा के छात्रों को हफ्ते में 2 घंटे का होमवर्क दिया जाएगा, मिडिल स्कूल यानी छठी से सातवीं कक्षा के छात्रों के लिए दिन में 1 घंटा और हफ्ते में करीब 5 से 6 घंटे निर्धारित किए गए हैं. इसके अलावा माध्यमिक और 12वीं कक्षा तक के लिए दिन में अधिकतम होमवर्क दो घंटे और हफ्ते में करीब 10 से 12 घंटे का होमवर्क दिया जा सकेगा.

    मातृभाषा पर दिया जाएगा जोर
    नई शिक्षा नीति के तहत स्कूली पढ़ाई में बड़ा बदलाव करते हुए सिलेबस को 10+2 के ढांचे की जगह 5+3+3+4 की नई संरचना में ढाला जा रहा है (Education System). यह स्कूली शिक्षा व्यवस्था 3 से 8 वर्ष, 8 से 11 वर्ष, 11 से 14 वर्ष और 14 से 18 वर्ष की उम्र के बच्चों के लिए होगी. साथ ही विद्यार्थियों को कौशल व व्यावहारिक जानकारियां देने और 5वीं कक्षा तक मातृभाषा में शिक्षा देने पर भी जोर दिया गया है. इससे छात्र तीन भाषाओं पर पकड़ मजबूत कर सकेंगे.

    Tags: Coronavirus in India, Education, Year Ender 2021

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