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अक्षय बर्दापुरकर ने मराठी सिनेमा का नाम किया रोशन, राष्ट्रपति के हाथों हुए सम्मानित

अक्षय बर्दापुरकर मराठी सिनेमा का चेहरा हैं.

अक्षय बर्दापुरकर मराठी सिनेमा का चेहरा हैं.

मराठी सिनेमा के लिए वह गर्व का पल था, जब अक्षय बर्दापुरकर को राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित किया गया. यह पुरस्कार फिल्म ‘ ...अधिक पढ़ें

राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अक्षय बर्दापुरकर मराठी सिनेमा का चेहरा हैं, जिन्हें भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के हाथों से एक फिल्म के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला. अक्षय बर्दापुरकर को उनकी फिल्म ‘Goshta Eka Paithanichi’ के लिए ‘सर्वश्रेष्ठ मराठी फिल्म’ का पुरस्कार दिया गया, जो 2 दिसंबर 2022 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.

यह फिल्म एक महिला की इच्छाशक्ति की एक सरल कहानी है, जिसे सयाली संजीव ने पर्दे पर निभाया है. फिल्म में उनकी परफॉर्मेंस के साथ-साथ को-एक्टर सुव्रत जोशी और मृणाल कुलकर्णी की भी बहुत प्रशंसा हो रही है.

अक्षय बर्दापुरकर ने टैलेंटेड महिलाओं को एक बड़ा मंच देने का काम किया है. वेब हो या सिनेमा, उनकी कहानियों ने महिलाओं के लिए इंडस्ट्री में नए पैमाने गढ़े हैं. ओटीटी पर, पॉलीटिकल थ्रिलर ‘Raanbaazaar’ जो विश्व स्तर पर 7 से ज्यादा देशों में ट्रेंड हुआ था, में प्राजक्ता माली और तेजस्विनी पंडित ने अनोखे किरदार निभाए थे.

तेजस्विनी पंडित ने प्लेटफॉर्म पर एक और हिट सीरीज ‘अनुराधा’ में एक और खास रोल निभाया था. उन्होंने सेल्युलाइड पर ‘चंद्रमुखी’ को जीवंत किया, एक ऐसी कहानी प्रस्तुत की जो पहले कभी इंडस्ट्री में बताई नहीं गई थी. इसमें म्यूजिक ‘तमाशा लाइव’ के साथ लोकप्रिय एक्ट्रेस सोनाली कुलकर्णी को पत्रकार के रोल में देखा गया था.

फीमेल टैलेंट को बढ़ावा देते हैं अक्षय बर्दापुरकर
मृणाल कुलकर्णी की निर्देशित ‘सहेला रे’ कॉन्टेंट के मामले में एक और बढ़िया फिल्म है. उनकी हर एक महिला पात्र ने शानदार परफॉर्मेंस देकर और कॉन्टेंट के स्तर को ऊपर उठाकर अच्छे, बुरे और बदसूरत रंगों और रूढ़ियों को पर्दे पर दिखाया है. अक्षय बर्दापुरकर कहते हैं, ‘मराठी इंडस्ट्री में हमेशा से ही ग्रेट फीमेल टैलेंट रही हैं, लेकिन अगर हम एक मजबूत कॉन्टेंट बनाना चाहते हैं, तो हमें महिलाओं के नजरिये और बेहतर कैरेक्टर्स की जरूरत पड़ेगी.’

कॉन्टेंट का है बोलबाला
वे आगे कहते हैं, ‘हमें किसी भी तरह की कहानी को बताने के लिए तैयार रहना चाहिए. यह एक बहुत बड़ा ड्रामा या एक साधारण फिल्म ‘Goshta Eka Paithanichi’ हो सकती है. पुरस्कार जीतने वाली यह फिल्म इस बात का प्रमाण है कि मजबूत बेस वाली साहसिक कहानियों को कोई नहीं हरा सकता.’

शांतनु गणेश रोडे हैं फिल्म के निर्देशक
उन्होंने अवॉर्ड जीतने पर कहा, ‘यह एक सच्चा एहसास था. मैं पुरस्कार देने के लिए हमारे राष्ट्रपति का बहुत आभार व्यक्त करना चाहता हूं.’ निर्देशक शांतनु गणेश रोडे ने कहा, ‘इतना बड़ा सम्मान पाने के बाद का एहसास सच्चा है. मैं अपने राष्ट्रपति से पुरस्कार पाने से बेहद आभारी हूं. साधारण फिल्म ने हमें उन ऊंचाइयों तक पहुंचाया है जिसकी हमने कल्पना भी नहीं की थी.’ शांतनु गणेश रोडे ने फिल्म का न केवल निर्देशन किया है, बल्कि इसकी कहानी, पटकथा और संवाद भी लिखा है.

Tags: Marathi Movies, National Award Winning Movies

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