RTI और NIA के संशोधन बिल पर अनुराग कश्यप बोले- बिल वही पास हो रहे जिसमें सरकार का भला

अनुराग कश्यप ने यह भी बताया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखी चिट्ठी में क्या लिखा है.

News18Hindi
Updated: July 26, 2019, 6:41 AM IST
RTI और NIA के संशोधन बिल पर अनुराग कश्यप बोले- बिल वही पास हो रहे जिसमें सरकार का भला
अनुराग कश्यप ने यह भी बताया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखी चिट्ठी में क्या लिखा है.
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Updated: July 26, 2019, 6:41 AM IST
फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप ने  सूचना का अधिकार (संशोधन) विधेयक, 2019 और राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण बिल (संशोधन) 2019 के संसद से पास होने पर टिप्पणी की है. उन्होंने यह भी बताया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लिखी चिट्ठी में क्या लिखा है.

कश्यप ने आरोप लगाया है कि संसद में वही बिल पास हो रहे हैं जिनमें सकार की भलाई है. कश्यप ने कहा है कि लोगों के भले के लिए कोई अमेंडमेंट होना चाहिए.

गुरुवार रात कश्यप ने ट्विटर पर लिखा- 'RTI अमेण्डमेंट बिल पास हो गया. आतंकवादी क़रार कर के 6 महीने कस्टडी में रखने का बिल पास हो गया. लिंचिंग के ख़िलाफ़ भी एक बिल पास हो जाए तो मजाल TMC के गुंडों की या मायनॉरिटीज़ की , कि वो ऐसा करें ? सोचिए . प्रधानमंत्री को लिखी चिट्ठी मैं यही बात लिखी है.'

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यह भी है कश्यप का ट्वीट

कश्यप ने ट्वीट किया कि - 'लोकसभा में बिल वही पास हो रहे हैं जिसमें सरकार का भला है  और जो बिल नहीं बनाए जा रहे हैं , उसमें भी सरकार का भला है. लोगों के भले के लिए कोई अमेण्डमेंट भी होना चाहिए.'
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लिखी है पीएम को चिट्ठी

बता दें मॉब लिंचिंग की घटनाओं और जय श्रीराम नारे के दुरुपयोग पर चिंता जताते हुए अलग-अलग क्षेत्रों की 49 हस्तियों ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखी है. इस चिट्ठी में अनुराग कश्यप ने भी दस्तखत किया है. इस चिट्ठी में क़रीब 49 लोगों ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से अपील की है कि देश में बढ़ती मॉब लिंचिंग की घटनाओं का वह संज्ञान लें और कड़े क़ानून बनाएं ताकि देश में बढ़ती इन घटनाओं को रोका जा सके.

क्या बदला RTI और NIA बिल ने संशोधन के बाद?

गौरतलब है कि  NIA बिल में संशोधन के बाद  गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) कानून की अनुसूची चार में संशोधन से एनआईए उस व्यक्ति को आतंकवादी घोषित कर पाएगी जिसके आतंक से संबंध होने का शक हो. साल  2008 में हुए 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के बाद साल 2009 में एनआईए का गठन किया गया था.

वहीं सूचना का अधिकार, संशोधन विधेयक में प्रावधान किया गया है कि मुख्य सूचना आयुक्त एवं सूचना आयुक्तों तथा राज्य मुख्य सूचना आयुक्त एवं राज्य सूचना आयुक्तों के वेतन, भत्ते और सेवा के अन्य निबंधन एवं शर्ते केंद्र सरकार द्वारा तय किए जाएंगे.

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First published: July 26, 2019, 6:40 AM IST
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