जब AR Rahman का खो गया था Oscar अवॉर्ड, पढ़ें ऑस्कर विनर और मशहूर संगीतकार का दिलचस्प किस्सा

AR Rahman

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ऑस्कर विनर ए आर रहमान (AR Rahman) ने हाल ही में अपने ऑस्कर अवॉर्ड (Oscar Award) को लेकर एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है. यह वो पल था जब उन्हें लगा कि उनका ऑस्कर अवॉर्ड कहीं खो चुका है.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 11, 2021, 11:18 AM IST
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साल 2009 में मशहूर संगीतकार ए आर रहमान (AR Rahman) ने ऑस्कर हासिल कर इतिहास रचा था. रहमान 2 ऑस्कर अवॉर्ड (Oscar Award) जीतने वाले पहले भारतीय हैं जिन्हें फिल्म 'स्लमडॉग मिलेनियर' (Slumdog Millionaire) के लिए यह सम्मान मिला था. पहला ऑस्कर रहमान को स्लमडॉग मिलियनेयर' के ऑरिजनल स्कोर के लिए और दूसरा इसी फिल्म के लोकप्रिय गाने 'जय हो' के लिए मिला था. दिलचस्प बात ये है कि मशहूर कंपोजर का मानना है कि एक बार उनका ऑस्कर अवॉर्ड खो चुका था लेकिन बाद में तुरंत मिल भी गया. रहमान ने ऑस्कर से जुड़ी तमाम बातें एक तमिल पत्रिका को दिए एक इंटरव्यू के दौरान बयां की.

ऑस्कर को ऐसे संभालकर रखती थीं रहमान की मां

इंटरव्यू में रहमान (AR Rahman) ने ऑस्कर अवॉर्ड से जुड़ी तमाम बातें साझा की हैं. इस घटना के बारे में रहमान ने बताया कि उनकी मां करीमा बेगम (Kareema Begum) ने ऑस्कर अवॉर्ड को अपनी अलमारी में एक कपड़े में लपेटकर सुरक्षित रखा था. बाद में जब उन्हें वापस मिला तो लगा कि जैसे यह सोने से मढ़ दिया गया हो. रहमान ने इंटरव्यू के दौरान बताया जब वे लंबे समय बाद मां के घर पहुंचे तो उनका ऑस्कर अवॉर्ड (Oscar Award) उस अलमारी में भी नहीं मिला जहां पर वे उसे संभालकर रखती थीं. तब उन्हें लगा शायद उनकाा ऑस्कर अवॉर्ड खो चुका है लेकिन घर में काफी खोजबीन की तो पता चला कि यह पुरस्कार मां ने दूसरी अलमारी में रख दिया था. मालूम हो कि कुछ माह पहले ही रहमान की मां का देहांत हुआ था जिसके बारे में संगीतकार ने सोचा भी नहीं था.

रहमान के परिवार ने किया था धर्म परिवर्तन
रहमान हमेशा अपनी मां के करीब थे और उनके कहने पर ही वह संगीत की दुनिया में आए थे. इस वजह से वह अक्सर अपने स्टेज शो के दौरान अपनी मां को याद किया करते थे. रहमान का जन्म एक हिंदू परिवार में हुआ था. मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो बचपन में रहमान का नाम दिलीप कुमार (Dileep kumar) रखा गया था. परिवार के घर्म परिवर्तन पर एक बार रहमान ने अपने एक इंटरव्यू में बताया था कि जब 23 साल की उम्र में उनकी बहन की तबीयत बहुत खराब हो गई थी, तो उनके लिए दुआ मांगने के लिए रहमान का पूरा परिवार इस्लामिक धार्मिक स्थल पहुंच गए थे. जिसके बाद उनकी बहन की तबीयत ठीक हो गई थी और फिर रहमान के परिवार ने धर्म बदलकर इस्लाम धर्म को स्वीकार कर लिया था. एआर रहमान जब 9 साल के थे, तभी उन्होंने अपने पिता आरके शेखर को खो दिया था और उनकी मां ने भी उन्हें अकेले बड़ा किया है.
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