रोहित सरदाना को भोजपुरी सिंगर खुशबू उत्तम ने बताया शेर, दो हिस्सों में बंटा सोशल मीडिया; लोग बकने लगे गालियां

फेसबुक पर पोस्ट करते ही कई लोगों ने इसपर सामुदायिक विशेष कमेंट करना शुरू कर दिया

फेसबुक पर पोस्ट करते ही कई लोगों ने इसपर सामुदायिक विशेष कमेंट करना शुरू कर दिया

भोजपुरी सिंगर खुशबू उत्तम (Khushboo Uttam) ने पत्रकार रोहित सरदाना (Rohit Sardana) की मौत के बाद उन्हें शेर बताते हुए फेसबुक पोस्ट किया. इसके बाद स्टेटस अपडेट (Status Update) पर लोगों के कमेंट्स शुरू हो गए. कई लोगों ने इस पोस्ट को सामुदायिक रंग देकर सिंगर को गालियां देना शुरू कर दिया.

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पत्रकार रोहित सरदाना की आकस्मिक मौत से सभी हैरान हैं. किसी को भी इस खबर की उम्मीद नहीं थी. कोरोना संक्रमण से लड़ रहे रोहित सरदाना को 30 अप्रैल को हार्ट अटैक (Heart Attack) आया था, जिससे उनकी मौत हो गई. रोहित सरदाना का इस तरह से जाना हर किसी को मर्माहत कर गया. लेकिन सोशल मीडिया पर इसे भी सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की गई. भोजपुरी सिंगर खुशबू उत्तम ने भी अपने फेसबुक पेज पर रोहित सरदाना को श्रद्धांजलि दी, जिसके बाद कई लोगों ने इसपर साम्प्रदायिक कमेंट्स शुरू कर दिए.

रोहित सरदाना को बताया शेर

खुशबू उत्तम ने अपने फेसबुक पोस्ट में रोहित सरदाना को शेर बताया. लेकिन इसके बाद उनके कमेंट बॉक्स में लोगों ने इसे समुदाय विशेष से जोड़ दिया. कई लोगों ने सिंगर को जमकर गालियां दी. कई लोगों ने खुशबू उत्तम को अश्लील गायिका बता दिया. रोहित सरदाना की मौत की खबर के बाद से ही सोशल मीडिया दो हिस्सों में बंट गया है.


रोहित के जाने को बताया अपूरणीय क्षति

पत्रकार रोहित सरदाना की मौत की खबर देखते ही देखते आग की तरह फ़ैल खुशबू उत्तम ने उनके जाने को अपूरणीय क्षति बताया. इमोशनल पोस्ट में उन्होंने लिखा- #रोहित_सरदाना इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के एक ऐसे एंकर और पत्रकार थे, जिन्होंंने राष्ट्रवाद की भावना को देश के जन-जन के मन में जाग्रत किया। राष्ट्र के किसी भी ज्वलन्त विषय को हमेशा ही उन्होंने बड़ी ही निर्भीकता से रखा, देश की सभी राजनैतिक और सामाजिक हस्तियों के सामने। मात्र 42 वर्ष की आयु में उन्होंने वो कर दिखाया, जो अकल्पनीय है। उनका आकस्मिक देहावसान इलेक्ट्रॉनिक मीडिया जगत में उत्पन्न हुआ एक बड़ा शून्य है। यह एक अपूरणीय क्षति है। देश के आमजन और उसकी समस्याओं को उठाने वाले एक राष्ट्रभक्त पत्रकार का ऐसे चले जाना वज्राघात के सामान है। परन्तु ईश्वर के विधान स्वीकार करके आगे बढ़ना ही होता है।

मैं दिवंगत आत्मा के प्रति अपनी विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए प्रभु से प्रार्थना करती हूँ कि वे उनके परिजनों को यह वज्राघात सहन करने की शक्ति दें।
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