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काशी के मंदिर में गाना गाने से बदली भोजपुरी एक्टर Manoj Tiwari की किस्मत, जानें एक सिंगर से सांसद बनने का सफर

काशी के मंदिर में गाना गाने से बदली भोजपुरी एक्टर Manoj Tiwari की किस्मत, जानें एक सिंगर से सांसद बनने का सफर

मनोज तिवारी ने अपनी लाइफ के पूरे किए 50 साल, मना रहे 51वां बर्थडे

मनोज तिवारी ने अपनी लाइफ के पूरे किए 50 साल, मना रहे 51वां बर्थडे

Manoj Tiwari Birthday: भोजपुरी सिनेमा के सिंगर- अभिनेता और भारतीय जनता पार्टी के नेता मनोज तिवारी आज अपना 51वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं. यहां हम आपको उनकी लाइफ से जुड़ी एक अनसुनी घटना के बारे में बताते हैं.

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता और भोजपुरी सिनेमा (Bhojpuri Cinema) के सुपरस्टार रह चुके मनोज तिवारी (Manoj Tiwari) आज यानी 1 फरवरी को अपना 51वां जन्मदिन सेलिब्रेट कर रहे हैं. उनका जन्म उत्तर प्रदेश के बनारस में 1 फरवरी 1950 में हुआ था. उन्होंने अपना करियर बतौर सिंगर ही शुरू किया था और बाद में धीरे-धीरे वे अभिनय के क्षेत्र में शुमार हो गए. मनोज तिवारी ने 2004 में ‘ससुरा बड़ा पैसा वाला’ फिल्म से एक्टिंग करियर की शुरुआत की थी और इसके बाद उन्हें ‘Daroga Babu I Love You’ (2004), ‘Humke Maafi Dei Da’ (2004) में भी ऑफर मिला. इसके बाद उन्होंने कभी पीछे मुढ़कर नहीं देखा. बहरहाल, यहां हम आपको उनके जीवन में आए उतार चढ़ाव से रूबरू कराते हैं.

एक आम से खास बनने तक आसान नहीं था मनोज तिवारी का सफर
फिलहाल मनोज तिवारी पूरी तरह से राजनीति में सक्रिय हैं लेकिन चुनावी रैलियों में भी उनके स्टारडम की झलक बखूबी देखने को मिलती है. अभिनेता धीरे-धीरे राजनीति में अपना बर्चस्व बढ़ाने की कोशिश में है. वर्तमान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के दिल्ली के प्रदेश अध्यक्ष के रूप में कार्यरत हैं और नेशनल कैपिटल के नॉर्थ ईस्ट से सांसद भी हैं. तिवारी के लिए एक आम आदमी से सेलिब्रिटी तक का सफर उसके लिए आसान नहीं था. वे गायन के प्रति इतने समर्पित थे कि चोटिल होने या ठीक न होने पर भी उन्होंने अभ्यास करना बंद नहीं किया.

सिर में चोट लगने पर भी बंद नहीं किया पहला गाना
अभिनेता ने अपने करियर की शुरुआत शीतला घाट के महावीर मंदिर और अर्दली बाजार से की थी. उन्हें एक बार इसी मंदिर में आयोजित एक कार्यक्रम में गाते समय चोट लग गई थी, यहां तक कि उनके सिर से खून बहने लगा था. इसके बावजूद उन्होंने परफॉर्म करना बंद नहीं किया था और वे लगातार लोगों का मनोरंजन करते रहे. ये बात उन्होंने खुद ही एक इंटरव्यू के दौरान बयां की है.

मनोज तिवारी के लिए वरदान साबित हुआ एल्बम शीतला घाट
भक्ति एल्बम की रिलीज़ के साथ, मनोज तिवारी की किस्मत बदल गई. अभिनेता को 1991 में पहली बार गंगा आरती करने के लिए भी बुलाया गया था. 1995 तक, तिवारी को केवल छोटे कार्यक्रमों में गाने के प्रस्ताव मिलते थे. हालांकि, बाद में चीजें ड्रामटिक फॉर्म्स में बदल गईं जब उन्होंने अपने ‘एल्बम शीतला घाट पे काशी में’ से अपना गीत, बड़ी शेर पर सवार रिलीज़ किया, जिसने भोजपुरी दर्शकों के बीच हलचल पैदा कर दी. मनोज तिवारी को अपने भक्ति एल्बमों से बहुत पहचान और प्रस्ताव मिले. अब वह एक प्रसिद्ध अभिनेता और राजनीतिज्ञ हैं. उनके जीवन के लिए एल्बम शीतला घाट एक वरदान साबित हुआ.

Tags: Bhojpuri, Manoj tiwari, Manoj Tiwari BJP

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