होम /न्यूज /मनोरंजन /Bhojpuri में पढ़ें- कौन दिशा में लेके चला रे बटोहिया...

Bhojpuri में पढ़ें- कौन दिशा में लेके चला रे बटोहिया...

.

.

कौन दिशा में लेके चला रे बटोहिया... ई गाना सुनते हमरा भउजी के सिस्टर मन पड़े लागस. तब हमार बियाह ना भइल रहे आ सब ऑप्शन ख ...अधिक पढ़ें

बेर-बेर मन में इहे सवाल कौंधे कि आखिर ऊ हमरा से कब कहिहें कि कौन दिशा में लेके चला रे बटोहिया … एह गाना के भूत सवार रहे हमरा पर. गाना त 1982 में ही आ गइल रहे. फिल्म नदिया के पार 1982 में ही रिलीज हो गइल रहे लेकिन एह फिल्म के गनवा सब एक दशक ले पूर्वोत्तर भारत के गली-गली में कुछ बेसिए गूँजत रहलन स. ओह इलाका के सब देवर लोग चंदन आ सब साली लोग गुंजा बन गइल रहे. माड़ो में फेरा लेत ई गीत जरूर गवाय कि ‘ जब तक पूरे ना हो फेरे सात, तब तक बबुआ नहीं बबुनी की ’..

बाकिर हमरा खातिर त ई सातों वचन आ सातो फेरा अभी सपने रहे बलुक हम सुतला त सुतला जगलो में सपना देखीं कि ऊ गुनगुनातारी –
ठहर ठहर, ये सुहानी सी डगर
ज़रा देखन दे, देखन दे

आ इहो कहतारी कि –
पहली बार हम निकले हैं घर से
किसी अनजान के संग हो
त हम कनखी मारत जबाब देतानी कि –
अनजाने से पहचान बढ़ेगी तो
महक उठेगा तोरा अंग हो

त ऊ लजा के कहतारी–
महक से तू कही बहक ना जाना
ना करना मोहे तंग हो

एह पर उनका जबाब मिलता-
तंग करने का तोसे नाता है गुज़रिया

ऊ बात काट देत बाड़ी –
हाँ ठहर ठहर, ये सुहानी सी डगर
ज़रा देखन दे, देखन दे
कौन दिसा में लेके चला रे बटोहिया

आगे हम खुल के पूछ लेत बानी –
ऐ गुंजा, उस दिन तोरी सखियाँ
करती थी क्या बात हो

जबाब आवता-
कहती थी तोरे साथ चलन को तो
आ गये हम तोरे साथ हो
हमरा बुझाइल कि अब दिल्ली नजदीके बा –
साथ अधूरा तब तक जब तक
पूरे ना हो फेरे साथ हो
फेर ऊ कान में मिसरी घोरत कन्नी कटली –

अब ही तो हमरी है बाली रे उमरिया
ठहर ठहर, ये सुहानी सी डगर
ज़रा देखन दे, देखन दे
कौन दिसा में लेके चला रे बटोहिया

नींद खुलल आ सपना टूटल त कहनी कि का रविंदर चाचा ( रवींद्र जैन ) का गीत आ संगीत देले बाड़s ..आ हेमलता आ जसपाल के आवाज त करेजा कुहुका देता. हमार छछनल तब मिटल जब भइया के ससुरार में गाना बाजल कि चलो रे डोली उठाओ कहांर, पिया मिलन की ऋतु आई .. गुंजा के डोली केहू अउर चंदन लेके चल गइल. हम औकात में आ गइनी. भउजी के सिस्टर में हमरा साधना सिंह के छवि नजर आवे जे फिल्म नदिया के पार के हीरोइन रहली. साधना पंजाबी कुड़ी रहली जे बाद में रियल जिंदगी में भोजपुरी सिनेमा के पहिला निर्माता विश्वनाथ शाहाबादी के बेटा राजकुमार शाहाबादी से बियाह कर लेली. आ जे नदिया के पार के हीरो रहले चंदन उनकर असली नाम ह – सचिन पिलगांवकर. ऊ मराठी हउअन. 17 अगस्त के उनकर जन्मदिन ह त ऊ मन पड़ले ह त मन पर गइल ह बचपन के ऊ सब फैन्टासी.

फिल्म नदिया के पार के अइसन असर रहे. ई फ़िल्म के ना देखले होई! जे भी हिन्दी सिनेमा भा भोजपुरी सिनेमा में रुचि रखेला, ई फिल्म जरूर देखले होई. हालांकि एह फिल्म के साथे एगो भ्रांति जुड़ल बा. आम जनमानस सोचेला कि ई फिल्म भोजपुरी में बनल बा अउरी नदिया के पार भोजपुरी फिल्म ह. ई बात सही बा कि फिल्म के भाषा, लोकेशन अउरी कहानी भोजपुरी आ अवधी पट्टी के मिश्रण पर बा. बाकिर नदिया के पार हिन्दी फीचर फिल्म ह. हाँ एकरा के जरूर आंचलिक हिन्दी फिल्म कहि सकेलीं, जवना लेखां फणीश्वर नाथ रेणू के उपन्यास मैला आँचल के कहल जाला. उपन्यास हिन्दी में बा बाकिर चरित्रन के संवाद स्थानीय बोली में बा.

हम बात फिल्म के हीरो चंदन यानी कि सचिन के करत रहनी ह. सचिन मराठी के बड़ अभिनेता हवें अउरी जब ऊ 1982 में फिल्म ‘नदिया के पार’ कइलें तबले उनके बाल कलाकार के रूप में 64 गो मराठी अउरी हिन्दी फिल्म आ गइल रहे. ऊ साल 1975 से कई गो हिट फिल्म बतौर हीरो भी कर लेले रहलें – जइसे गीत गाता चल, बालिका वधू, अँखियों के झरोखे से आदि लेकिन जवन प्रसिद्धि आ पहचान उनका नदिया के पार से मिलल ऊ दोसरा फिल्म से ना मिलल.

ई सँजोगे बा कि नदिया के पार नाम से एगो फिल्म सन 1948 में भी बनल रहे. फिल्म के लेखक-निर्माता-निर्देशक किशोर साहू रहलें. फिल्म में दिलीप कुमार अउरी कामिनी कौशल हीरो हिरोइन रहे लोग आ एह फिल्म में 8 गो गाना रहे आ सब भोजपुरी में रहे. मोती बीए जी लिखले रहनी. ई फिल्म भी 1948 के छठवां नंबर पर सबसे ज्यादा कमाई करे वाली फिल्म रहे. ओइसहीं 1982 वाला नदिया के पार भी साल के ज्यादा कमाई करे वाला फिल्मन के लिस्ट में जगह बनवलस.

नदिया के पार राजश्री प्रोडक्शन बनवले रहे जवन एकर सफलता के बाद एही विषय के लेके 1994 में हम आपके हैं कौन बनवलस, जवन खूब सफल भइल. ई फिल्म कथाकार केशव प्रसाद मिश्र के कहानी कोहबर की शर्त पर बनल रहे. फिल्म के गीत-संगीत अउरी ओकर किरदार चंदन (सचिन) आ गुंजा (साधना सिंह) तक लोग के जेहन में आजुओ बसल बा.

4 साल के उमीर में ही फिल्मन में रोल करे के शुरुआत करे वाला सचिन के जन्म कोंकणी ब्राह्मण परिवार में भइल. सचिन के पिता जी के बंबई में प्रिंटिंग प्रेस के व्यापार रहे. उनके पिता जी फिल्म निर्माता भी रहलें. त बचपने में सचिन के करियर के शुरुआत हो गइल. सचिन के बाल कलाकार के रूप में पहिला मराठी फिल्म ‘हा माझा मार्ग एकला आहे’ से शुरुआत भइल जवना खातिर उनके राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिलल. ऊ बाद में भी एगो रोल खातिर 19वां राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सम्मानित भइलें. सचिन के बचपन के उमिर में जूनियर महमूद के साथे जोड़ी खूब हिट भइल. दुनू जाना एके साथे लगभग 15 गो फिल्म कइल लोग. सचिन के कॉमिक टाइमिंग बचपने से गजब रहे. एही वजह से जब सचिन बड़ भइलें आ हिन्दी के साथे मराठी सिनेमा में काम करे लगलें त उनके कॉमिक टाइमिंग के बड़ी सराहना होखे. उ प्रसिद्ध मराठी कलाकार लक्ष्मीकान्त बेर्डे के साथे मिल के मराठी में हिट अउरी क्लासिक कॉमेडी फिल्मन के झड़ी लगा दिहल लोग. सचिन मराठी में कॉमेडी फिल्मन के एगो नया धारा बहवलें जवन आज ले चलत बा.

ऊ मराठी में फिल्म बनावेले भी अउरी अभिनय भी करेलें. ऊ मराठी सिनेमा के सफल फिल्म निर्देशक भी हउअन. ऊ जब आपन डैब्यू फिल्म बनावत रहलें त एगो नया हिरोइन सुप्रिया के कास्ट कइलें जे बाद में उनकर धर्मपत्नी बन गइली. इनके नाम ह सुप्रिया पिलगांवकर. अब उनके पत्नी टीवी सीरियल में काम करेली. दुनू जाना से एगो बेटी बाड़ी श्रिया पिलगाँवकर. श्रिया मिर्जापुर के पहिला सीजन में हिरोइन के भूमिका में रहली आ लोकप्रिय भइली. श्रेया के कैरियर में आज मिर्जापुर के साथ-साथ द ब्रोकन न्यूज, गिल्टी माइंड, द गॉन गेम जइसन कई गो पॉपुलर आ सक्सेसफुल वेब सीरीज भी शामिल बा. साल 2016 में रिलीज भइल अभिनेता शाहरुख खान के फिल्म फैन में भी ऊ नजर आ चुकल बाड़ी.

सचिन कइलें बाड़ें भोजपुरी फिल्म
मराठी होखला के बादो हेतना बढ़िया भोजपुरी एक्सेन्ट बोले वाला सचिन भोजपुरी फिल्म में भी नजर अइलें. उनके नदिया के पार भले हिन्दी में रहे बाकिर संवाद अदायगी में भोजपुरी के टच रहे. हालांकि एके साल बाद उ एगो विशुद्ध भोजपुरी फिल्म में नजर अइलें. ई फिल्म रहे मोहन जी प्रसाद के ‘हमार भउजी’. ए में उनके हिरोइन रहली तनुजा. उहे तनुजा जिनके बेटी हई काजोल. तनुजा 80 के दशक के हिट हिरोइन रहली. फिल्म अच्छा व्यवसाय कइले रहें काहें कि एक साल पहिलहीं सचिन के ‘नदिया के पार’ आइल रहे अउरी सचिन के ठेठ किरदार सभके बड़ा पसंद आइल रहे.

सचिन के शुरुआत में अच्छा फिल्म मिलला के बाद छोट मोट रोल मिले लागल. उ फिल्म शोले’, ‘त्रिशूल’ अउरी ‘सत्ते पर सत्ता’ जइसन हिट फिल्मन में छोट बाकिर महत्वपूर्ण रोल निभवलें. बाकिर लीड आ विशेष रोल ना मिलला के चलते उ फिल्म निर्देशन में चल अइलें अउरी हिन्दी मराठी में कई गो सफल फिल्म बनवले बाड़ें. सचिन के टीवी में भी देखल जाला. उ टीवी सीरियल में काम भी करेलें अउरी कई गो के निर्माण भी करेलें. उनके 1990 के दूरदर्शन के कॉमेडी शो ‘तू तू मैं मैं’ के के भुला सकेला.

चूंकि सचिन हमरा किशोरावस्था में अपना नदिया के पार वाला चंदन के रूप में हमरा भीतर उतर गइल रहलें आ उनके चक्कर में हम बरिसन ले अपना गुंजा के फेर में पड़ल रहनी त जन्मदिन पर उनके विशेष शुभकामना.

(लेखक मनोज भावुक भोजपुरी सिनेमा व साहित्य के जानकार हैं.)

Tags: Article in Bhojpuri, Bhojpuri

विज्ञापन

टॉप स्टोरीज

अधिक पढ़ें