संभावना सेठ ने सुनाया अपना दर्द, बोलीं- लगा मरने वाली हूं लेकिन...

संभावना सेठ ने सुनाया अपना दर्द, बोलीं- लगा मरने वाली हूं लेकिन...
संभावना सेठ की तबीयत सोमवार की सुबह अचानक खराब हो गई थी.

संभावना सेठ (Sambhavna Seth) ने बताया कि रविवार सुबह ऐंजाइटी अटैक आने के बाद उनकी हालात खराब हुई और फिर कान के बढ़ते दर्द ने ने उन्हें परेशान किया कि उन्हें अस्पताल का रुख करना पड़ा.

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मुंबई- लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान भोजपुरी एक्ट्रेस और बिग बॉस 2 की एक्स कंटेस्टेंट रहीं संभावना सेठ (Sambhavna Seth) की तबीयत अचानक बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में अस्पताल में भर्ती कराया गया. संभावना की तबीयत के बारे में खुद उनके पति अविनाश द्विवेदी ने जानकारी दी, जिसके बाद उनके फैंस उनकी सलामती की दुआएं मांगने लगे. फैंस ये जानना चाहते थे कि अचानक उन्हें क्या हो गया है. संभावना अब ठीक हैं. हाल ही में उन्होंने बताया कि आखिर उन्हें उस रात क्या हुआ था.

24 घंटे में दोबारा अस्पताल जाने की जानकारी देते हुए संभावना ने बताया कि अब वो कुछ बेहतर महसूस कर रही हैं. हाल ही में उन्होंने टाइम्स ऑफ इंडिया को एक इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्हें हुआ क्या था.

इस बातचीत में भोजपुरी एक्ट्रेस संभावना ने बताया कि वो पिछले कई सालों से तेज सर्दी और खांसी से परेशान हैं, जिसको ठीक होने में करीब 20 दिन लगते हैं. पिछले महीने, मुझे सर्दी और खांसी हुई. मैं दवा ले रही थी. उन्होंने बताया कि कुछ दोस्तों को छोड़कर उन्होंने किसी से इस बात का जिक्र नहीं किया था, क्योंकि उन्हें डर था कि कि लोग मेरे सर्दी-जुखाम को कोविड 19 न समझ लें.



संभावना ने आगे बताया कि मैंने सोचा कि मैं हमेशा की तरह दवा से बेहतर हो जाऊंगी. लेकिन रविवार की शाम को मेरी हालात खराब होने लगी. मुझे ऐंजाइटी अटैक आने लगे. अविनाश (पति) ने मेरा ब्लड प्रेशर चेक किया, तो वो बहुत लो था. इसके तुरंत बाद, मुझे चक्कर आना शुरू हुआ और मेरे बाएं कान में बहुत दर्द हुआ. अस्वस्थ होने के बावजूद, मैं रात में घर के अंदर चलती रही, क्योंकि मुझे लगता है कि जिस पल मैं बैठूंगी, मुझे चक्कर आ जाएगा. सोमवार सुबह 4 बजे, कान का दर्द इतना बड़ा गया कि वो अब सहन नहीं हो रहा था. मैंने अस्पताल जाने का फैसला लिया.



एक्ट्रेस ने अपना दर्द बताते हुए कहा कि हमारे लिए सबसे बड़ा सदमा था कि कोई भी अस्पताल मुझे एडमिट करने के लिए तैयार नहीं था. हम लगभग 7 अस्पतालों में गए. लेकिन हमको एंट्री गेट से वापस लौटा दिया जाता. उन्होंने कहा कि अस्पतालों को डर था कि मैं कोविड 19 से संक्रमित हूं. आखिरकार एक अस्पताल ने मेरा तापमान जांचने के बाद मुझे लिया. मुझे कहा कि मुझे एक ईएनटी विशेषज्ञ से परामर्श करना चाहिए, जो उनके अस्पताल में उपलब्ध नहीं थे.

हम वापस घर के लिए रवाना हो गए और मैं लगभग एक घंटे के लिए सो गई. मैं जब उठी तो मैं और भी अधिक दर्द, चिंता और घबराहट में थी. मुझे लगा कि मैं मरने वाली हूं. कई डॉक्टरों ने वीडियो पर सजेस्ट किया. लेकिन मुझे अपने मन की शांति के लिए फिजिकली चैक कराने की जरुरत थी.

मंगलवार सुबह संभावना डॉक्टर से मिली. संभावना ने कहा कि उन्हें भगवान ने भेजा था. उन्होंने मुझे 15 मिनट में अस्पताल पहुंचने के लिए कहा. मैं पहुंची. उन्होंने मुझे बताया कि मेरे कान में इंफेक्शन हुआ है जिसकी वजह से ये सब हो रहा था.

उन्होंने कहा कि अस्पतालों के इस रवैये ने मुझे ये एहसास कराया कि हम कोरोना से बाद में मरेंगे लेकिन अगर कोई सेहत को लेकर कोई गंभीर समस्या हुई तो हम पहले मर जाएंगे. क्या हो आपके घर में बुजुर्ग हो, जिसे इमरजेंसी मेडिकल चेकअप की जरूरत हो. बहुत लोगों को मेरा जैसा एक्पीरियंस हुआ है. उन्होंने कहा कि मुझे पता है कि COVID-19 योद्धा लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन अन्य स्वास्थ्य संकट भी हैं, जिन पर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है.

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First published: May 7, 2020, 1:58 PM IST
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