46वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का समापन, ये है खास बातें!

46वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव का समापन, ये है खास बातें!
46वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) का समापन सोमवार को सिनेमा की भावना को संगीतमय सम्मान और अर्जेंटीना की फिल्म द क्लान से हुआ।

46वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) का समापन सोमवार को सिनेमा की भावना को संगीतमय सम्मान और अर्जेंटीना की फिल्म 'द क्लान' से हुआ।

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पणजी 46वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (इफ्फी) का समापन सोमवार को सिनेमा की भावना को संगीतमय सम्मान और अर्जेंटीना की फिल्म 'द क्लान' से हुआ। जाने माने इस महोत्सव का शुभारंभ 20 नवम्बर को गोवा में हुआ था। इस 10 दिवसीय महोत्सव की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं -

- इफ्फी 2015 में भारत में प्रथम बार यूनेस्को फेलिनी पदक प्रदान किया गया।

- इफ्फी 2015 के लिए फोकस देश स्पेन था।



- कुल 7000 प्रतिनिधि दर्ज किए गए।



- शेखर कपूर की अध्यक्षता में अंतर्राष्ट्रीय ज्यूरी में अमेरिका के निर्देशक माइकल रेडफोर्ड, फिलिस्तीन के इजरायली निर्देशक सुहा अर्राफ, जर्मन अभिनेत्री जूलिया जेनेच और दक्षिण कोरिया के फिल्म निर्माता जियोन क्यू- ह्वान थे।

- चेयरपर्सन अरिबम श्याम शर्मा की अध्यक्षता में 13 सदस्यीय फीचर ज्यूरी और चेयरपर्सन राजेन्द्र जांग्ले की अध्यक्षता में गैर-फीचर के लिए सात सदस्यीय ज्यूरी।

- महोत्सव के दौरान कुल 120 फिल्मों का प्रदर्शन (विश्व, अंतर्राष्ट्रीय, एशिया और भारत) हुआ।

- इस वर्ष महोत्सव ने 540 राष्ट्रीय और 280 अंतर्राष्ट्रीय निर्देशकों, अभिनेताओं, निर्माताओं, तकनीशियनों के साथ ही ऑस्कर अकादमी सदस्यों और हॉलीवुड विशेषज्ञों सहित 820 से अधिक प्रतिनिधियों की मेजबानी की।

- अप्रत्याशित रूप से कुल 790 फिल्मों की प्रविष्टियां प्राप्त हुईं।

- फिल्मों का अंतिम चयन-182 रहा (विदेशी सिनेमा)।

- प्रतिनिधित्व करने वाले देश-90

- उद्घाटन फिल्म- द मैन हू न्यू इनफिनिटी, महोत्सव के मध्य की फिल्म- द दानिश गर्ल। मीडिया और दर्शकों द्वारा व्यापक रूप से सराहना की गई।

- समापन फिल्म- एल क्लान को 72वें वेनिस अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव की मुख्य प्रतिस्पर्धा खंड में दिखाया जाएगा, जहां निर्देशक पेबलो ट्रापेरो ने सिल्वर लॉयन जीता। फिल्म को 88वें अकादमी पुरस्कारों में सर्वश्रेष्ठ विदेशी भाषा फिल्म के लिए अर्जेन्टीना की प्रविष्टि के तौर पर चयनित किया गया था।

- कान, बर्लिन, टोरंटो और लोकार्नो फिल्म महोत्सव से कई बड़ी फिल्मों के अलावा 26 आधिकारिक ऑस्कर प्रविष्टियां।

- भारतीय पैनोरोमा खंड में 47 फिल्में (फीचर और गैर-फीचर)।

- पूर्वोत्तर से नए क्षितिज- फिल्म निर्माता अरिबम श्याम शर्मा के पूर्व कार्यों पर एक विशेष और पूर्वोत्तर से नई पीढ़ी के फिल्म निर्माताओं पर एक विशेष खंड।

- इस वर्ष, अंतर्राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा की 15 फिल्में विभिन्न देशों से आधिकारिक ऑस्कर प्रविष्टियों में रहीं। इस सूची में साइरो गुएरा की निर्देशित फिल्म एम्बरेंस ऑफ द सरपेंट, डेनिज गामेज इरगुवेन द्वारा निर्देशित फ्रांस की 'मस्तांग', गुइलियो रिसियारैली द्वारा निर्देशित जर्मनी की ऑस्कर प्रविष्टि लेबिरिंथ ऑफ लाइज, ग्राइमूर हाकोनारसन द्वारा निर्देशित आईलैंड की प्रविष्टि 'रैम्स' और गोरन रादोवानोविक द्वारा निर्देशित सर्बिया की 'एन्क्लेव' शामिल हैं।

- 46वें भारतीय अंतर्राष्ट्रीय फिल्म महोत्सव में विश्व सिनेमा में अपने योगदान के लिए रूस के ऑस्कर पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता, अभिनेता और रशियन सिनेमेटोग्राफर यूनियन की अध्यक्ष निकिता मिखालोव को जीवनपर्यन्त उपलब्धि पुरस्कार। महोत्सव में उनकी चुनिंदा फिल्मों- बन्र्ट बाई द सन, सनस्ट्रोक, बारबर ऑफ साइबेरिया और ऑब्लॉमोब को विशेष सम्मान सत्र दिया गया।

- उद्घाटन समारोह के दौरान, शताब्दी फिल्म व्यक्तित्व पुरस्कार अंतर्राष्ट्रीय ख्याति प्राप्त संगीतकार इलायाराजा को दिया गया।

- फिल्म और सांस्कृतिक विविधता पर आईसीएफटी-यूनेस्को सेमिनार में फ्रांस के फिलिपी क्यूयियू, कनाडा के चार्ल्स वेलेरंद और भारत की शारदा रामानाथन ने भाग लिया।

- एफआईसीसीआई के सहयोग के साथ अमेरिका में फिल्म शूट करने पर उद्योग के पेशेवरों के साथ बैठक।

- डीएवीपी और एनएफएआई द्वारा राष्ट्रीय फिल्म विरासत अभियान पर मल्टी मीडिया प्रदर्शनी का आयोजन किया जा रहा है।

- शशि कपूर के जीवन की विशेष उपलब्धियां: आईएफएफआई 2015 में महान अभिनेता शशि कपूर की उपलब्ध्यिों की पेशकश में आठ फिल्में दिखाई गईं। जुनून(1978) का प्रदर्शन फिल्मों सेक्शन में शुरुआती फिल्म के रूप में हुआ। इसके बाद नई दिल्ली टाइम्स (1986), उत्सव (1984), इन कस्टडी (मुहाफिज) (1993), कलयुग(1981), दीवार(1975) शैक्सपियरवाला (1965) और हाउस होल्डर (1963) प्रदर्शित की गईं।

- दक्ष विद्यार्थियों के लिए संगीत पाठ के लिए पहली बार ऑस्कर अकादमी के एक तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने भारत का दौरा किया। इस प्रतिनिधिमंडल में हॉलीवुड के मार्क मैंगिनी, मिट शेफर हम्फ्री डिक्शन और नैन्सी बिशप जैसे विशेषज्ञों द्वारा ध्वनि प्रारूप, फिल्म लेखागार, फिल्मों के संपादन और संरचना जैसे विषयों पर कक्षाएं हुईं।

- इस दौरान कई राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त हस्तियों ने हिस्सा लिया। इनमें अनिल कपूर, इलियास राजा, सोनाक्षी सिन्हा, कबीर किरण, देव पटेल, मार्क मैंगिनी, आयुष्मान खुराना, अदिति राव, जैकी शर्राफ, नाना पाटेकर, सचिन पिलगांवकर, सुभाष घई, शेखर कपूर, कौशिक गांगुली, एडवर्ड, प्रेसमैन, निकिता मिखालोव, माइकल रेडफोर्ड, जुलिया जेन्टस, सुहा अर्राफ, राजकुमार हिरानी, प्रिय दर्शन, वेटरी मारन, मधुर भंडारकर, आनंद एल. राय, श्याम बेनेगल, के.के. सेंथलकुमार और शंकर महादेवन जैसे लोग शामिल थे।

- नेशनल फिल्म विरासत मिशन (एनएफएचएम) के मुख्य आकर्षण में 'पुनर्बहाली की गई उत्कृष्ट कृतियों' का विशेष प्रदर्शन- सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय द्वारा प्रकल्पित भारतीय राष्ट्रीय फिल्म लेखागार (एनएफएआई) की एक पहल। इस पहल का उद्देश्य आने वाली पीढ़ियों के लिए देश के संपन्न और विविध सेनेमाई विरासत की सुरक्षा और उन्हें संभाल कर रखना है।

- फर्स्ट कट - विश्व सिनेमा में उभरती प्रतिभाओं के कार्यों का विशेष चुनाव। इस खंड में ब्रायन पर्किंस(फिल्म-गोल्डेन किंगडम, अमेरिका) माइकल केट (फिल्म-सोलनेस, जर्मनी) और पिसोटर चरजान (फिल्म मोस्कविच-माई लव, पोलैंड) जैसे विश्व के उभरते विदेशी फिल्म निमार्ताओं को रखा गया।

- 'वुमेनक्लेचर ऑफ सिनेमा' भारतीय महिला फिल्म निर्माताओं द्वारा बनाई गई फिल्मों के शोकेस का एक विशेष खंड - इसमें अंजली मेनन (मंजादिकुरु), अपर्णा सेन (36 चौरंगी लेन), जोया अख्तर (जिंदगी न मिलेगी दोबारा) जैसी महिला निमार्ताओं की फिल्में शामिल की गईं।

- 'इन कान्वर्सेशन' में लीक से हटकर चलने वाले भारतीय फिल्म निर्माताओं और विशेषज्ञों राजकुमार हिरानी, मधुर भंडारकर, श्याम बेनेगल, वेटिरिमन, कौशिक गांगुली, राकेश ओमप्रकाश मेहरा, प्रियदर्शन, आनंद एल. राय जैसे लोगों से आमलोगों को बातचीत करने का मौका।

- महोत्सव में समकालीन अर्जेंटीना सिनेमा पर विशेष पैकेज- दिखाई गई फिल्मों की सूची में अर्जेंटीना जोन्डा, अल सिनो, इंटिमेट विटनेस, मैक्सियन ऑपरेशन, रैपचर और वाइल्ड टेल्स शामिल हैं।

- आखिरी शाम के मुख्य अतिथि ए. आर. रहमान थे। महोत्सव में पाबलो सीजर, जॉन डी. बैलिस, गुनित मोंगा, माइकल वार्ड, निशीथ टकिया, लोना स्टैश, यंग वू किम जैसे विश्व के ख्यातिप्राप्त हस्तियों ने हिस्सा लिया। महोत्सव में भगीरथी, तपन विश्वास सुरजित मुखर्जी, कौशिक गांगुली जैसे राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माताओं से प्रशंसकों और मीडिया की बातचीत।

- विश्व सिनेमा से असाधारण फिल्मों के प्रदर्शन के लिए एक बेंचमार्क बनाने को 26 देशों से आधिकारिक ऑस्कर प्रविष्टियों की लाइनअप का प्रदर्शन। ये फिल्में कान, वेनिस, बर्लिन और बुसान जैसे वैश्विक फिल्म समारोहों में शामिल थीं।
First published: December 1, 2015, 8:13 AM IST
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