Bollywood में एकाउंटर पर बनी हैं ये 10 शानदार फिल्में, क्या ये देखी हैं आपने!

Bollywood में एकाउंटर पर बनी हैं ये 10 शानदार फिल्में, क्या ये देखी हैं आपने!
शूटआउट एट लोखंडवाला का एक दृश्य.

विकास दुबे एनकाउंटर (Vikas Dubey Encounter) के बाद अचानक से कई फिल्मों के एनकाउंटर सीन वायरल हो रहे हैं. लेकिन बॉलीवुड में सबसे जबर्दस्त एनकाउंटर सीन्स की बात करें तो इन 10 फिल्मों की बात होनी चाहिए.

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नई दिल्‍ली. उत्तर प्रदेश मशहूर विकास दुबे एनकाउंटर केस के बाद अचानक से सोशल मीडिया और एनकाउंटर पर लोगों ने बॉलीवुडी एनकाउंटर सीन्स को ढूंढ़ना शुरू कर दिया. कई लोगों ने अजय देवगन और तुषार कपूर पर फिल्माए गए 'खाकी' फिल्म के सीन को शेयर करना शुरू किया. हालांकि एनकाउंटर आधारित बॉलीवुड फिल्मों की बात करें तो ये 10 फिल्में सबसे पहले आती हैं-
अब तक छप्पनः नाना पाटेकर की मुख्य भूमिका वाली फिल्म में एनकाउंटर की मुख्य कहानी है. फिल्म में पुलिस अधिकारी बने नाना पाटेकर एनकाउंटर स्पेशलिस्ट होते हैं. वो 56 अपराधियों का एनकाउंटर करते हैं. उनके साथ उनके टीम के दूसरे अधिकारी भी एनकाउंटर करते हैं. एक अन्य किरदार नाना पाटेकर को प्रतियोगिता देने के लिए एनकाउंटर करता है.
शागिर्दः नाना पाटेकर की मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म की मुख्य कहानी भी एनकाउंटर के इर्द-गिर्द घूमती है. इस फिल्म में भी नाना पाटेकर पुलिस अधिकारी की भूमिका में होते हैं और अपराध के खात्मे के लिए गुंडे मवालियों को जान से मारते हैं.
सहर: अरशद वारसी की मुख्य भूमिका वाली ये फिल्म गाजियाबाद और उत्तर प्रदेश के माफियाओं के एनकाउंटर के इर्द-गिर्द घूमती है. इसमें अरशद वारसी ने एक तेज-तर्रार पुलिस वाले की भूमिका निभाई है.
शूटआउट एट लोखंडवालाः मुंबई के लोखंडवाला की एक बिल्डिंग में हुए शूटआउट को आधार को बनाकर बनी इस मल्टीस्टारर फिल्म में माफियाओं को पुलिस घेर कर गोली मारती है. इसमें पुलिस और माफिया के बीच जबर्दस्त मुठभेड़ दिखाया गया है. प्रमुख भूमिका में विवेक ओबेरॉय, तुषार कपूर, संजय दत्त, सुनील शेट्टी, अरबाज खान और अमिताभ बच्चन होते हैं. शूटआउट के बाद इसपर जांच भी बिठाई जाती है.
वास्तवः संजय दत्त के मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म का हीरो ही माफिया की भूमिका में होता है. पहले वो आम इंसान होता है, लेकिन धीरे-धीरे अपराध के दल-दल में धंसता चला जाता है. बाद में पुलिस उसका एनकाउंटर कर देती है.
शूटआउट एट वडालाः यह भी एक असल घटना पर आधारित फिल्म है. इसमें एक आम इंसान कई तरह की चुनौतियों के चलते अपराधी बन जाता है और पुलिस उसे घेर कर एनकाउंटर करती है. इसमें प्रमुख भूमिका में सोनू सूद, जॉन अब्राहम, अनिल कपूर और मनोज बाजपेयी ने निभाई है.
बाटला हाउसः जॉन अब्राहम और रविकिशन की मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म कहानी दिल्ली के मशहूर बाटला हाउस एनकाउंटर पर आधारित है. इसमें हुए पुलिसवालों द्वारा किए गए एनकाउंटर पर जमकर सवाल खड़े हुए थे और जांच भी लंबे समय तक चलती रही.
मेरठिया गैंगस्टरः 'गैंग्स ऑफ वासेपुर 2' में डेफनिट के किरदार में अपनी एक्टिंग का नमूना पेश कर चुके जीशान कादरी ने इस फिल्म में अपने लेखन और डायरेक्शन का नजारा पेश किया था. छोटे शहरों के बच्चे कैसे पैसे कमाने के चक्कर में अपराध की दुनिया से जुड़ जाते हैं और बाद में पुलिस का शिकार बनते हैं, इस कहानी को बखूबी दिखाया गया है.
मुल्कः एक एनकाउंटर से कैसे पूरे परिवार की जिंदगी बदल जाती है, इस फिल्म में दिखाई देता है. फिल्म में आतंकियों का साथ देने वाले एक शख्स का पुलिस एनकाउंटर करती है. इसके बाद उनके परिवार के लोगों के साथ होने वाली ज्यादती पर फिल्म बनाई गई है. इसमें प्रमुख भूमिका में तापसी पन्नू और ऋषि कपूर थे.
एनकाउंटर: द किलिंगः नसीरुद्दीन शाह की मुख्य भूमिका वाली इस फिल्म में ये दिखाया गया है कि कैसे माता-पिता की ओर से ज्यादा ध्यान ना दिए जाने के चलते बच्चे अपराध की दुनिया में चले जाते हैं. इसके बाद पुलिस के हत्‍थे चढ़ते हैं.
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