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एक्टर दारासिंग खुराणा बोले- बच्चों को भी बताएं जलवायु परिवर्तन से होने वाले खतरे

एक्टर दारासिंग खुराणा.
एक्टर दारासिंग खुराणा.

एक्टर दारासिंग खुराणा (Darasing Khurana) ने कहा, हम जलवायु परिवर्तन के खतरों के बारे में सचेत हो जाएं और धरती की सुरक्षा के लिए काम करना शुरू करें. शोध बताते हैं कि अगर 2050 तक मौजूदा परिदृश्य जारी रहा, तो जलस्तर बढ़ने से 27 करोड़ लोग पानी में मिल जाएंगे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: November 23, 2020, 9:58 PM IST
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मुंबई. पिछले कुछ महीनों में जब दुनिया कोविड-19 महामारी से जूझ रही है और जलवायु परिवर्तन (Climate Change) के दुष्परिणामों का काफी तीव्रता से सामना कर रही है, माना जा रहा है कि इससे बच्चे सबसे ज्यादा प्रभावित होते हैं. विश्व बाल दिवस पर यूनिसेफ इंडिया, उदय इन्फिनिटी फाउंडेशन (आरआईएफ), रेड इज़ द न्यू ग्रीन (रिंगिंग), राष्ट्रीय सेवा योजना की साझेदारी में, अपने विषय के रूप में ‘क्लाइमेट एक्शन’ के साथ एक कार्यक्रम की शुरुआत की. इस कार्यक्रम में एक्टर-मिस्टर इंडिया इंटरनेशनल 2018 दारासिंग खुराणा (Darasing Khurana) को एक वक्ता के रूप में शामिल किया गया, जो कि DATRI के एक ब्रांड-एंबेसडर है, जो भारत स्थित रक्त स्टेम सेल दाताओं की रजिस्ट्री है.

कार्यक्रम में दारासिंग खुराणा ने कहा, मुझे लगता है कि यह अनिवार्य है कि हम जलवायु परिवर्तन के खतरों के बारे में पूरी तरह से सचेत हो जाएं और अपनी धरती की सुरक्षा के लिए काम करना शुरू करें. शोध बताते हैं कि अगर 2050 तक मौजूदा परिदृश्य जारी रहा, तो जलस्तर बढ़ने से 27 करोड़ लोग पानी के भीतर मिल जाएंगे. एक बड़ा बदलाव तभी आ सकता है जब हम सभी घर पर छोटे कदमों से शुरुआत करें. हमें अपने बच्चों को इसके महत्व के बारे में शिक्षित करने की आवश्यकता है.

बिजली का संरक्षण, पर्यावरण के अनुकूल नोटबुक का उपयोग करना और पानी की बचत करना. हमारे प्राकृतिक संसाधनों की देखभाल करना महत्वपूर्ण है, इसलिए पुन: उपयोग, रीसायकल और रिफॉरेस्ट का दृष्टिकोण होना चाहिए. इस कार्यक्रम में कुछ प्रसिद्ध वक्ताओं और कलाकारों की बातचीत और प्रदर्शनी भी दिखाई गई.



इसके अलावा, छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस और महाराष्ट्र में नगर निगम, मुंबई के मुख्यालय जैसे प्रतिष्ठित स्मारकों और बाल अधिकारों के लिए एकजुटता के प्रदर्शन के लिए #GoBlue अभियान के हिस्से के तहत नीले रंग की रोशनी से सजाया गया. दुनिया भर के बच्चों के जीवन पर कोविड-19 और जलवायु परिवर्तन का प्रभाव, इस अभियान का विषय था.
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