एक्ट्रेस अनु अग्रवाल बोलीं- एक्टर बनना मेरा सपना नहीं था, मैं स्टारडम के लिए तैयार नहीं थी

अनु अग्रवाल ने बताया कि, 'आशिकी' की ग्रैंड सक्सेस के बाद लोगों से मुझे जिस तरह का ध्यान और प्यार मिला, वह जबरदस्त था. (फाइल फोटो)

अनु अग्रवाल ने बताया कि, 'आशिकी' की ग्रैंड सक्सेस के बाद लोगों से मुझे जिस तरह का ध्यान और प्यार मिला, वह जबरदस्त था. (फाइल फोटो)

अनु अग्रवाल (Anu Aggarwal) ने कहा कि 'आशिकी (Aashiqui)' की सक्सेस के बाद लोगों से मुझे जिस तरह प्यार मिला, वह जबरदस्त था. मैं स्विमिंग या डिनर के लिए बाहर जाती थी तो फैंस मेरा ऑटोग्राफ लेने लगते थे; इतना ही नहीं लोग मेरी एक झलक पाने के लिए मेरे घर के बाहर खड़े रहते थे.

  • News18Hindi
  • Last Updated: April 18, 2021, 5:50 PM IST
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मुंबई. बॉलीवुड एक्ट्रेस अनु अग्रवाल (Anu Aggarwal) की पहली फिल्म 'आशिकी (Aashiqui)' सुपरहिट रही. उनका ऑटोग्राफ लेने के लिए एक्ट्रेस के फैंस भीड़ लगाकर उनका इंतजार करते थे. उस फिल्म के बाद, एक्ट्रेस ने 'खलनायिका', 'किंग अंकल', 'जनम कुंडली' जैसी फिल्मों में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई. उन्हें हॉलीवुड और साउथ के प्रोजेक्ट्स भी ऑफर किए गए थे. वे 1999 में एक दुर्घटना में बुरी तरह घायल हो गईं और इसके बाद वे कोमा में चली गईं. कोमा से बाहर आने के बाद, उन्होंने बॉलीवुड में कदम नहीं रखा और इसके बजाय वे योग साधक और लेखिका बन गईं.

2015 में अनु ने आत्मकथा लिखी थी, जिसका शीर्षक है Anusual: Memoir of a Girl Who Came Back from the Dead. इसमें उन्होंने एक आकस्मिक मॉडल से लेकर एक अनिच्छुक एक्टर और फिल्मों से परे उनके जीवन के अब तक के सफर के बारे में बताया. हाल ही में एक्ट्रेस ने अपना ऑडियोबुक भी लॉन्च किया. ईटाइम्स को दिए एक इंटरव्यू में अनु अग्रवाल ने फिल्मों, फेम और जीवन की धारणा को बदल देने वाले भाग्य के बारे में बातचीत की.

आप एक्टिंग की फिल्ड में कैसे आईं?

हमने जनवरी में 'आशिकी' की शूटिंग शुरू की और जब मैंने अभिनय शुरू किया तो मेरा मन बदल गया. मैं मॉडलिंग में वापस नहीं जाना चाहती थी. ‘आशिकी’ के बाद मेरी जिंदगी बदल गई; मैं रातोंरात स्टार बन गई.
अपनी फिल्म की सक्सेक के बाद, आपने फेम को कैसे संभाला?

'आशिकी' की ग्रैंड सक्सेस के बाद लोगों से मुझे जिस तरह का ध्यान और प्यार मिला, वह जबरदस्त था. मैं अपनी इच्छा से इस शहर में थी क्योंकि मेरे माता-पिता दिल्ली में रहते थे. जब मैं स्विमिंग या डिनर के लिए बाहर जाती थी तो फैंस आकर मेरा ऑटोग्राफ लेने लगते थे; इतना ही नहीं लोग मेरी एक झलक पाने के लिए मेरे घर के बाहर खड़े रहते थे.

मैं स्टारडम के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थी. मुझे नहीं पता था कि मैं स्टारडम के प्रति कैसे रिएक्ट करूं या इससे कैसे व्यवहार करूं. मैंने कभी एक्टर बनने का सपना नहीं देखा था. मैं एक सोशल वर्कर थी और मेरा सपना संयुक्त राष्ट्र के साथ काम करने का था.



वास्तव में, मैं झुग्गी विकास की दिशा में काम कर रही थी. इसलिए, मेरा कार्य क्षेत्र पूरी तरह से अलग था, और अब मुझे यह आश्चर्यजनक लग रहा है कि मेरे साथ ऐसा हुआ है. और आज, जब आप मुझसे यह पूछते हैं, तो मैं बहुत आभारी महसूस करती हूं.

आशिकी के बाद आपको किस तरह के रोल दिए गए?

मुझे वास्तव में कुछ अमेजिंग रोल दिए गए, लेकिन मैं इस बात पर अड़ी थी कि मैं केवल स्ट्रांग रोल ही करूंगी. पेड़ों के चारों ओर दौड़ते और कुछ भी उल्लेखनीय नहीं करने की जगह मैं एक महिला को सशक्त भूमिका में चित्रित करना चाहती थी. और जैसा कि किस्मत में था, मुझे राकेश रोशन और मणिरत्नम का फोन आया. मुझे एक हॉलीवुड फिल्म में भी अच्छी भूमिका की पेशकश की गई थी. इसलिए मेरे हाथ में कुछ अच्छे प्रोजेक्ट्स थे, लेकिन मैं हमेशा पहले से एक स्क्रिप्ट पढ़ना चाहती थी. कुछ फिल्मों ने काम किया, लेकिन कुछ ने मेरे पक्ष में काम नहीं किया. उसी समय, मैं मॉडलिंग भी कर रहा थी क्योंकि एमटीवी को भारत में 1993 में लॉन्च किया गया था. मैं उन चंद हस्तियों में से एक थी, जो उस दौर में ब्रांड इंडोर्समेंट करते थे. नहीं तो फिर एंडोर्समेंट कुछ क्रिकेटर्स ही करते थे.
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