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अफगानी फिल्म निर्माता सहरा करीमी, सहरा मनी बताएंगी तालिबान शासन का फिल्मों-कलाकारों पर प्रभाव

अफगानी फिल्म निर्माता सहरा करीमी, सहरा मनी बताएंगी तालिबान शासन का फिल्मों-कलाकारों पर प्रभाव

अफगान फिल्म संगठन की अध्यक्ष सहरा करीमी ने दुनिया के फिल्म समुदाय को पत्र लिख, अफगानिस्तानियों की आवाज बनने का अनुरोध किया था. (Photo Twitter @sahraakarimi)

अफगान फिल्म संगठन की अध्यक्ष सहरा करीमी ने दुनिया के फिल्म समुदाय को पत्र लिख, अफगानिस्तानियों की आवाज बनने का अनुरोध किया था. (Photo Twitter @sahraakarimi)

अफगान फिल्म संगठन की पहली महिला अध्यक्ष सहरा करीमी (Sahraa Karimi) ने दुनिया के फिल्म समुदाय को पत्र लिखकर उनसे अफगानिस्तान (Afghanistan) के लोगों की आवाज बनने का अनुरोध किया था. यह पत्र वायरल हो गया था. उन्होंने ‘हवा, मरयम, आएशा’ जैसी फिल्में बनायी है.

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    नई दिल्ली. वेनिस अंतरराष्ट्रीय फिल्म महोत्सव (Venice International Film Festival) ने अफगान फिल्म निर्माता सहरा करीमी (Sahraa Karimi) और सहरा मनी को अफगानिस्तान में तालिबान के शासन के बारे में बात करने के लिए आमंत्रित किया है. महात्सव में खासतौर से अफगानिस्तान में तालिबान के शासन के बाद से ‘फिल्म निर्माताओं और कलाकारों की स्थिति’ पर चर्चा की जाएगी. इस फिल्म महोत्सव के 78वें सत्र का आयोजन 1 से 11 सितंबर तक लीडो में किया जाएगा. वेनिस फिल्म महोत्सव की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, यह चर्चा प्रेस कांफ्रेंस रूम में 7 सितंबर को प्लाजो देल कसीनो में दोपहर 3 बजे होगी.

    चर्चा का विषय ‘अफगान फिल्म निर्माताओं और कलाकारों की नाटकीय स्थिति, मानवीय गलियारा बनाने की आवश्यकता और राजनीतिक शरणार्थी का दर्जा देने की गारंटी के साथ ही उनके भविष्य की चिंताएं और यूरोप में उनके आने पर उनके रहने की व्यवस्था करने की आवश्यकता’ है.

    अफगान फिल्म संगठन की पहली महिला अध्यक्ष करीमी ने दुनिया के फिल्म समुदाय को एक खुला पत्र लिखकर उनसे अफगानिस्तान के लोगों की आवाज बनने का अनुरोध किया था. यह पत्र वायरल हो गया था. उन्होंने ‘हवा, मरयम, आएशा’ जैसी फिल्में बनायी है. ‘ए थाउसैंड गर्ल्स लाइक मी’ जैसी डॉक्यूमेंट्री बना चुकी मनी भी इस चर्चा में भाग लेंगी.

    अफगानिस्तान पर कब्जे के साथ ही तालिबान लगातार वहां की जनता को सुरक्षा का भरोसा दिला रहा है, लेकिन खुद ही हिंसा को अंजाम दे रहा है. महिलाओं पर अत्याचार करने के बाद तालिबान के लड़ाकों ने काबुल से 100 किलोमीटर दूर बगलान प्रांत के अंद्राब इलाके में सिंगर (लोकगायक) फवाद अंद्राबी की गोली मारकर हत्या कर दी है. स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गोली मारने से पहले तालिबानियों ने उन्हें घर से घसीटते हुए बाहर निकाला. अफगानिस्तान के पूर्व गृहमंत्री मसूद अंद्राबी ने इस घटना की पुष्टि की है.

    फवाद के परिवार के मुताबिक कुछ दिन पहले भी तालिबान के लड़ाके उनके घर आए थे और तलाशी ली थी. तब लड़ाकों ने घर पर चाय पी थी और परिवार में से किसी को भी नुकसान न पहुंचाने का वादा कर चले गए थे. इससे पहले भी तालिबान वहां के कलाकारों पर हमला करता रहा है. लोक गायक के बेटे जवाद अंद्राबी ने ‘द एसोसिएटेड प्रेस’ को बताया कि तालिबान पहले उनके घर आये और उनकी तलाशी ली. उनके बेटे ने कहा, ‘‘वह निर्दोष थे, वह एक गायक थे जो केवल लोगों का मनोरंजन कर रहे थे. उन्होंने उन्हें सिर में गोली मार दी.’’ उनके बेटे ने कहा कि वह न्याय चाहते हैं और एक स्थानीय तालिबान परिषद ने उनके पिता के हत्यारे को दंडित करने का वादा किया है.

    (भाषा के इनपुट के साथ)

    Tags: Film Festival, Sahraa Karimi

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