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'रामायण' की सफलता के बाद भी करियर में सफल नहीं हो पाए 'राम', अरुण गोविल ने बताई ये वजह

News18Hindi
Updated: February 2, 2020, 12:36 PM IST
'रामायण' की सफलता के बाद भी करियर में सफल नहीं हो पाए 'राम', अरुण गोविल ने बताई ये वजह
अरूण गोविल ने अपने करियर को लेकर बातचीत की.

अरुण गोविल (Arun Govil) ने आगे कहा कि निर्माताओं के हिसाब से उन्हें लगता था कि मैं कमर्शियल फिल्मों में फिट नहीं बैठ सकता और यहीं मेरे करियर का सबसे बड़ा माइनस प्वॉइंट बन गया और मुझे अहसास हुआ कि मैं कभी भी शोबिज में वापस नहीं लौट पाऊंगा, जैसा कि मैं चाहता था.

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  • Last Updated: February 2, 2020, 12:36 PM IST
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मुंबई:  80 के दशक के उस दौर और टीवी पर आने वाले सीरियल रामायण (Ramayan) को शायद सभी को याद होगा. रामायण आने का इंतजार हर घर में होता था और जिसके घर पर टीवी नहीं होता था वो आसपड़ोस में जाकर यह सीरियल देखता था. एक्टर अरुण गोविल (Arun Govil) ने 80 के दशक में आने वाले रामानंद सागर (Ramanand Sagar) के लोकप्रिय टीवी धारावाहिक 'रामायण' में भगवान राम का किरदार निभाकर दर्शकों के दिल में ऐसी छाप छोड़ी कि आज तक उन्हें कोई भुला नहीं सका. लेकिन एक सच ये भी है कि जिस किरदार ने उन्हें हर घर में राम के नाम से जाना गया, वही किरदार उनके करियर के लिए माइनस प्वॉइंट बन गया. अपने करियर को लेकर अभिनेता अरुण गोविल ने हाल ही में एक इंटरव्यू में कई सारी बातों का खुलासा किया है.

'रामायण' सबसे प्रसिद्ध टीवी धारावाहिक था.


टीवी धारावाहिक 'रामायण' में भगवान राम का किरदार निभाकर दर्शकों के लिए दिलों में राज करने वाले एक्टर अरुण गोविल का करियर इसी मेगाशो के बाद रुक गया, क्योंकि निर्माता उन्हें किसी अन्य किरदार में कास्ट नहीं करना चाहते थे. टाइम्स ऑफ इंडिया को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि मैंने अपने करियर की शुरुआत हिंदी फिल्म में हीरो के तौर पर की थी और 'रामायण' के बाद जब मैं बॉलीवुड में वापस लौटना चाहता था, तो निर्माता कहते थे, आपकी राम वाली छवि काफी मजबूत है, हम आपको किसी और किरदार में कास्ट नहीं कर सकते या सहायक भूमिका नहीं दे सकते हैं'.

रामायण रामानंद सागर द्वारा लिखित, निर्मित और निर्देशित धारावाहिक था.


बातचीत में अरुण गोविल ने आगे कहा कि निर्माताओं के हिसाब से उन्हें लगता था कि मैं कमर्शियल फिल्मों फिट नहीं बैठ सकता और यहीं मेरे करियर का सबसे बड़ा माइनस प्वॉइंट बन गया और मुझे अहसास हुआ कि मैं कभी भी शोबिज में वापस नहीं लौट पाऊंगा, जैसा कि मैं चाहता था.

उन्होंने कहा कि रामायण के बाद मैंने कुछ टीवी शो किए, लेकिन हर बार मैं कुछ ऐसा कर देता था, जिस पर लोग मुझे टोक देते थे और कहते थे 'अरे, रामजी! आप ये क्या कर रहे हैं! अरुण ने कहा कि एक तरफ जहां एक शो से मुझे अपार प्रेम और आदर मिला, वहीं दूसरी ओर मेरा करियर रुक गया. बीते 14 सालों से मैंने स्पेशल अपीयरेंस के अलावा कुछ भी नहीं किया.

80 के दशक में लोग रामायण के दीवाने थे.
आपको बता दें कि रामानंद सागर द्वारा लिखित, निर्मित और निर्देशित रामायण एक टेलीविजन मेगा-इवेंट था, जिसने दूरदर्शन के स्वर्ण युग में हिंदू महाकाव्यों की अवधारणा को पेश किया. इस शो में अरुण गोविल को राम/विष्णु के रूप में, दीपिका चिखलिया को सीता/लक्ष्मी और सुनील लहरी को लक्ष्मण के रूप में दिखाया गया. कुछ लोकप्रिय बॉलीवुड और टेलीविजन के नाम जैसे ललिता पवार को मंथरा और दारा सिंह को हनुमान के रूप में देखा गया था.

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First published: February 2, 2020, 12:01 PM IST
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